नशे की जद में रांची के युवा, धुएं की तरह नियमों की उड़ रही धज्जियां

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 01/20/2018 - 13:25

Saurav Shukla/ Md. Asghar Khan

Ranchi : कहते हैं कि युवा देश के भविष्य होते हैं. शिक्षित युवा ही एक सुदृढ़ समाज का निर्माण करता है. लेकिन जरा सोचिये की जब शिक्षण संस्थानों के आस-पास ही नशीले पदार्थों की बिक्री चरम पर हो तब समाज कहां जायेगा?  इसका अंदाजा आप और हम बखूबी लगा सकते है. ऐसे ही कुछ सवाल मन में उठने लगते हैं जब समाज की रीढ़ कही जाने वाली युवा पीढ़ी नशे की जद में हो. चंद दिनों पहले ही प्रशासन का डंडा शिक्षण संस्थानों के आस-पास तंबाकू पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों के ऊपर चला, लेकिन हालात नहीं बदले. एक-दो दिनों के लिये दुकानों को बंद किया जाता है लेकिन कुछ दिनों के बाद फिर से वही काम शुरू हो जाता है.

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शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के आसपास न्यूज़ विंग की पड़ताल

अपना अड्डा
मीरा कॉफी हाउस

न्यूज विंग की टीम ने शहर के कुछ शिक्षण संस्थानों का जायजा लिया. जहां खुलेआम नशीले पदार्थ धड़ल्ले से बेचे जा रहे है. राजधानी रांची के सबसे प्रतिष्ठित स्कुल डीपीएस से कुछ ही दूरी पर स्थित मीरा कॉफी हाउस नाम की दुकान पर युवाओं की टोली पहुंचती है. पैसा बढ़ाया और मन मुताबिक मांगे गये नशीली चीज दुकनदार युवाओं हाथों में थमा देता है. हालांकि दुकान के बाहर धूम्रपान से होने वाले नुकसान का पोस्टर भी लगा हुआ है, लेकिन इसपर अमल शायद ही कोई करता है.

गुमटी में पान-मसाले की लड़ियां
गुमटी में पान-मसाले की लड़ियां

मधुशाला से होकर गुजरता है, शिक्षा के मंदिर का रास्ता

पड़ताल की अगली कड़ी में गोस्सनर कॉलेज का जायजा लिया गया. जहां कॉलेज के मुख्य द्वार पर ही कुछ ठेले और गुमटी में पान-मसाले की लड़ियां ऐसी टंगी होती है मानो दुकान में आने वाले युवाओं का स्वागत मौत कर रही हो.  वहीं कॉलेज के चंद कदम की दुरी पर सरकारी शराब की दुकान भी खुली हुई है. लिहाजा शिक्षा के मंदिर का रास्ता मधुशाला से होकर गुजरता है.

नशे की लत युवाओं को खींचती है अपनी ओर

नशे की लत युवाओं को खींचती है अपनी ओर
नशे की लत युवाओं को खींचती है अपनी ओर

हमारी टीम का अगला पड़ाव संत जेवियर कॉलेज के पास था. सदर अस्पताल के दिवार से सटे कुछ दुकानों का नजारा वही था जो अब तक के शिक्षण संस्थानों के पास हमने देखा था. कॉलेज में क्लास समाप्त होते ही झुंड में छात्र निकलते हैं और नशे की तलब उन्हें उसी दुकान पर ले जाती है, जहां मौत का बाजार सजा है. जेवियर कॉलेज के चंद कदम आगे जेवियर इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (एक्सआईएसएस) के पास की गली में लगे ठेले पर भी सिगरेट ,गुटखा तंबाकू की बिक्री जोरों पर है. जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, नशीले मादक पदार्थों का धुआं फिजाओं में फैलने लगता है.

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गांजा का कश लगा मदमस्त हो रहे युवा

राजधानी रांची में गांजा की बिक्री भी जोरों पर है. शहर में एक मात्र पांच सितारा होटल रेडिसन ब्लू से सटे मिनी रेडिसन नामक होटल में शराब और गांजा बेचा जाता है. हालांकि इस दुकान के पास से  कई वर्दीधारी भी गुजरते हैं. लेकिन घुस में मिलने वाले नोट के कारण गांजे की महक उनके नाक तक नहीं पहुंचती. शहर में ऐसी कई और जगह है जहां गांजा का अवैध व्यापार होता है. नागाबाबा खटाल, पत्थलकुदवा, गुदड़ी, हरमु, बरियातू, हिनू, चुटिया तक अवैध गांजा का व्यापार करने वाले लोगों का सिंडिकेट फैला हुआ है. बस पैसा बढ़ाते हीं पुड़िया हाथ में मिल जाती है.

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