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कश्मीर में जैश के 60 आतंकी,  हमले का आदेश मसूद अजहर ने रावलपिंडी के आर्मी बेस हॉस्पिटल से दिया था

कश्मीर में एक टॉप इंटेलिजेंस अफसर कहते हैं, जैश-ए-मोहम्मद का कोई भी आदमी आगे नहीं आयेगा. वे सभी तीन प्रमुख नेता- उमैर, इस्माइल और अब्दुल राशिद गाजी के साथ साउथ कश्मीर में छिपे हुए हैं

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Srinagar :  जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ने पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित आर्मी बेस हॉस्पिटल में बैठकर अपने आतंकियों को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमले का निर्देश दिया था. खबर है कि अजहर पिछले चार महीनों से आर्मी बेस हॉस्पिटल में अपना इलाज करा रहा है. अपनी बीमारी के चलते ही मसूद अजहर यूनाइटेड जिहाद काउंसिल (यूजेसी) की प्रमुख छह  बैठकों में भी हिस्सा नहीं ले पाया है. बता दें कि यूजेसी भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया जाने वाला जिहादी संगठन है, जिसे पाकिस्तान संरक्षण देता है.  जानकारी के अनुसार आठ दिन पहले उसके आतंकी पुलवामा आतंकी हमले के लिए तैयार हो गये थे.   इस दौरान अजहर ने धीमी आवाज में अपने लड़ाकों के लिए एक ऑडियो मेसेज जारी किया था.  इस ऑडियो मेसेज में मसूद अजहर को अपने लड़ाके से उसके भतीजे उस्मान की मौत का बदला लेने की बात कहते हुए सुना जा सकता है.  जान लें कि उस्मान को पिछले वर्ष (2018) सुरक्षाबलों ने मार गिराया गया था.  टेप में अजहर को यह कहते हुए भी सुना गया है, इस हमले में मौत से ज्यादा बेहतर चीज कुछ भी नहीं है.

टेप में वह अपने आतंकियों को भारत के खिलाफ भड़का रहा है

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टेप में वह अपने आतंकियों को भारत के खिलाफ भड़का रहा है. मसूद अजहर कहता है,  कोई इन्हें दहशतगर्द कहेगा, कोई इन्हें निकम्मा कहेगा, कोई इन्हें पागल कहेगा, कोई इन्हें अमन के लिए खतरा कहेगा. उधर, अजहर ने यूजेसी के अन्य खेमों के साथ नये हमले के प्लान को साझा नहीं किया.  इसके बजाय अजहर ने खुफिया ढंग से अपने दूसरे भतीजे मोहम्मद उमैर और अब्दुल राशिद गाजी को नियुक्त किया कि वे इन टेपों की सहायता से युवाओं का ब्रेनवॉश करें और आईईडी के साथ फिदायीन हमले के लिए प्रेरित करें. सूत्रों के अनुसार अजहर की गैर मौजूदगी में यूजेसी की विवेचना हिज्बुल मुजाहिदीन कमांडर सैयद सलाहुद्दीन ने की.  आखिरी बार इसमें 19 जनवरी को घुसपैठ के लिए नये आतंकी लॉन्चपैड पर बातचीत की गयी थी.  खुफिया सूत्रों के अनुसार दूसरी बैठक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद में हुई थी, जिसमें आईईडी हमलों को लेकर बात की गयी थी.  इसमें हिज्बुल मुजाहिदीन का सईद उस्मान शाह (सीनियर कमांडर), इम्तियाज आलम (डेप्युटी चीफ), झेलम घाटी में लॉन्चिंग चीफ डॉ अबु खालिद, शेख जमीलुल रहमान (तहरीक-उल-मुजाहिदीन का प्रमुख), बिलाल कश्मीरी (जैश-ए-मोहम्मद का मुखिया) और आईएसआई का ब्रिगेडियर जुबैर शामिल हुआ था;

कश्मीर में एक टॉप इंटेलिजेंस अफसर कहते हैं, जैश-ए-मोहम्मद का कोई भी आदमी आगे नहीं आयेगा. वे सभी तीन प्रमुख नेता- उमैर, इस्माइल और अब्दुल राशिद गाजी के साथ साउथ कश्मीर में छिपे हुए हैं.  कश्मीर में जैश के तकरीबन 60 आतंकी काम कर रहे हैं, जिसमें से 35 पाकिस्तान से हैं और बाकी यहीं के स्थानीय हैं.
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