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7 नयी सिंचाई परियोजनाओं पर खर्च होंगे 1796 करोड़ रुपये

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Ranchi: जल संसाधन मंत्री रामचंद्र सहिस ने सूचना भवन में संवाददाताओं को बताया कि सरकार ने सिंचाई की सात नयी परियोजनों को स्वीकृति दे दी है. इनमें तिलैया नहर, डोमनी नाला बराज, दाहरबाटी जलाशय, दुगनी बराज, तरडीहा वीयर, बुढ़ई जलाशय और सैदपुर बराज योजनाएं शामिल हैं. इन योजनाओं पर 1796.12 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. उन्होंने बताया कि 28 वृहद तथा मध्यम सिंचाई परियोजनों के डीपीआर बनाने का जिम्मा केंद्रीय जल आयोग को दिया गया है.

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लंबित परियोजनाओं को पूरा करना प्राथमिकता

साथ ही उन्होंने कहा कि सालों से लंबित व पुरानी 71 सिंचाई परियोजनों को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है. इसके लिए 2096 करोड़ की राशि स्वीकृत की गयी है.  इनमें से 16 सिंचाई परियोजनाओं का काम पूरा हो चुका है, जबकि 55 योजनाओं का कार्य प्रगति पर है. इन सिंचाई परियोजनाओं के पूरी होने से 89 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि में सिंचाई सुविधा बहाल की जा सकेगी.

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जल संसाधन विभाग मंत्री रामचंद्र सहिस ने कहा कि हर खेत में सालों भर पानी पहुंचे, इसी संकल्प के साथ विभाग कार्य कर रहा है. इस संदर्भ में सभी श्रोतों से जल की उपलब्धता का आकलन कर उसके संचयन और संरक्षण हेतु वृह्द, मध्यम और लघु सिंचाई प्रक्षेत्र की योजनाओं का निर्माण करा कर सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि की जा रही है. इसके साथ भूगर्भ जल के संरक्षण और बेहतर उपयोग, पेयजल एवं औद्योगिक उपयोग हेतु जलापूर्ति और जल विकास के लिए भी जल संसाधन विभाग द्वारा योजनाओं पर काम किया जा रहा है.

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37 प्रतिशत कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध

उन्होंने बताया कि झारखंड की 37 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है. चार साल पहले 16 प्रतिशत खेतों में ही सिंचाई की सुविधा थी. इस तरह सिंचाई सुविधाओं में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. वर्तमान में 2,10,720 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा पहुंचाई जा चुकी है. उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधा का राष्ट्रीय स्तर 67 प्रतिशत है. राष्ट्रीय स्तर के आंकड़े तक पहुंचने के लिए सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं. इस बाबत कई सिंचाई परियोजनों पर तेजी से काम चल रहा है.

पिछले चार सालों में 1625 चेकडैम को स्वीकृति, 1300 का निर्माण पूरा

उन्होंने बताया कि लघु सिंचाई प्रक्षेत्र के अंतर्गत पिछले चार सालों में 1625 चेकडैम और 62 वीयर योजनाओं के निर्माण के लिए 1182 करोड़ रुपए अलॉट किये गये. इसमें से 1300 चेकडैमों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष का कार्य प्रगति पर है. इसके साथ वर्तमान में 134 आहर और तालाबों का भी जीर्णोद्धार का कार्य कराया गया है.

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