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आदिवासी जन परिषद झारखंड में समता जजमेंट लागू करने के लिए करेगा आंदोलन

बैठक में विधानसभा चुनाव 2019 पर मंथन, करम परब, कार्यकर्ता सम्मेलन, मिलन समारोह पर चर्चा

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Ranchi : आदिवासी जन परिषद की बैठक रांची में हुई. बैठक में आगामी करम परब महोत्सव, कार्यकर्ता सह मिलन समारोह व राज्य में वर्तमान राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव पर विशेष मंथन किया गया.

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बैठक में आदिवासियों के हित में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये समता जजमेंट को लागू करने के लिए जनआंदोलन करने की रणनीति पर विचार किया गया.

बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रेम शाही मुंडा ने कहा, संघर्षशील व्यक्तित्व वाले नेतृत्व कर्ता व सकारात्मक राजनीति ही राज्य के आदिवासी-मूलवासियों के हितों की रक्षा कर सकती है. राज्य में आदिवासी-मूलवासियों की आवाज को बुलंद करने वाले नेता व समाजिक कार्यकर्ताओं को विचाधारा के साथ आगे बढ़ना की बात कही गयी.

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सोना खदान के प्रभावितों पर कोई ठोस नीति नहीं

मुंडा ने कहा, सोना खदान क्षेत्र में प्रभावित होने वाले परिवारों की कोई ठोस पुनर्वास नीति निर्धारण नहीं किया है और आनन-फानन में सोना खदान खनन कार्य के लिए रुंगटा कम्पनी को लीज पर दे दिया गया है.

बैठक में भुटकुंवर ने कहा कि तमाड़ परासी सोना खदान पुर्णत: संविधान की पांचवीं अनुसूची से प्रभावित है . साथ ही सीएनटी/एसपीटी एक्ट लागू है. सरकार जानबुझकर खुटकट्टी मुंडारी क्षेत्र को लीज में देने का कार्य किया हो जो गलत है.

सकारात्मक राजनीति को आगे आयें सामाजिक संगठन

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महिला मोर्चा अध्यक्ष शांति शवैंया ने कहा, आगामी विधान सभा चुनाव 2019 में भागीदारी के लिए सकारात्मक राजनीति में सामाजिक संगठनों को आगे आकर वैसे राजनीतिक दलों को सहयोग करना चाहिए जो आदिवासी – मूलवासी हितों की रक्षा करें व अबतक त्याग करते हुए सामाजिक एकता की बात करते हों.

बैठक में झारखंड सरकार भूमि अधिग्रहण कानून 2017 रद्द करने, 2021 में होने वाली जनगणना में आदिवासियों लिए पृथक धर्म कोड आवंटित करने, राज्य में उद्योग लगाने के लिए समाजिक सहमति व ग्राम सभा की शक्तियों को बहाल करने, पांचवीं अनुसूची के पेसा कानून के तहत ग्रामसभा की शक्तियों को कानूनन रूप से लागू करने, तमाड़ परासी सोना खदान लीज रद्द करने की गयी.

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सोना खदान लीज के विरोध में 28 सितंबर को आक्रोश सभा

बैठक में तमाड़ परासी सोना खदान लीज के विरोध में 28 सितम्बर 2019 को तमाड़ आमलेशा फुटबॉल मैदान में आदिवासी-मूलवासी आक्रोश सभा के आयोजन में राजनीतिक दलों के बड़ी-बड़ी हस्तियों के शामिल होने की बात कही गयी.

बैठक में रतन सिंह मुंडा, शांति शवैंया, क्रिष्टो कुजूर, समदेव करमाली, रंजीत लकड़ा, मधुसुधन सिंह मुंडा, रंजीत उरांव, श्रीनाथ मुंडा, पंकज उरांव, जगदेव उरांव, सिकंदर मुंडा, जैनिता तिग्गा, पुष्पा टोप्पो, परदेशी टोप्पो, विजय बोदरा मधुसुधन मुंडा, सिदाम मुंडा, शत्रुघ्न वेदिया, वीरेन्द्र कुमार वेदिया, अजय कुमार वेदिया, सिकेन्दर मुण्डा, भगीरथ मुण्डा, रंजीत करमाली, मीना कुमारी, संदीप कुमार वेदिया, संतासी टोप्पो, ज्योति देवी, सुरेश मुंडा मौजूद थे.

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