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सुप्रीम कोर्ट से रोक हटने के बाद अब राज्य में संभव हो पायेगी सहायक प्रोफेसर पद पर नियुक्ति

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  • 1118 पद हैं रिक्ति, बैकलॉग से 566 और बैकलॉग के अलावा 552 पदों पर होनी है नियुक्ति
  • आरक्षण रोस्टर को लेकर लंबित था मामला सुप्रीम कोर्ट में

Ranchi: राज्य में दस साल बाद सहायक प्रोफेसर के रिक्त पदों पर नियुक्ति का रास्ता अब साफ हो गया. आनेवाले दिनों में जल्द से जल्द पदों पर नियुक्तियां शुरू कर दी जायेंगी. इसके लिए जेपीएससी की ओर से नियुक्ति की जायेगी. बैकलॉग के आधार पर पहले 566 पदों पर सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति की जायेगी. बैकलॉग के आधार पर अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति कोटे से आवेदन लिये गये थे. इस कोटे के अलावा अनारक्षित कोटे से भी सामान्य नियुक्ति के लिए फॉर्म भरे गये थे. सहायक प्रोफेसर नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से रोक लग जाने के बाद राज्य में शिक्षक नियुक्ति नहीं हो पायी थी. ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट की ओर से रोक हटा ली गयी है. इसके पूर्व में कई छात्र संगठनों ने आरक्षण रोस्टर का सही पालन नहीं किये जाने के लिए आंदोलन किया था.

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बड़ी संख्या में खाली हैं पद

वहीं दूसरी ओर राज्य के विश्वविद्यालयों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं. रांची विश्वविद्यालय को ही देखा जाये तो यहां सभी विभागों में शिक्षकों की कमी है. राजनीति शास्त्र विभाग में पांच, हिंदी विभाग में 9 पद खाली हैं. वहीं जनजातीय क्षेत्रीय भाषा विभाग में कुड़ूख भाषा के लिए 16 पद रिक्त हैं. इसी तरह सिद्धो-कान्हू विश्वविद्यालय में रसायनशास्त्र और गणित में 20 पद रिक्त हैं. अन्य विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर की रिक्ति इसी तरह है. ज्ञात हो कि राज्य बनने के बाद से पहली बार साल 2008 में सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति हुई थी. इसके बाद से जेपीएससी की ओर से एक भी नियुक्ति नहीं की गयी. वहीं सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण रोस्टर को लेकर मामला लंबित था.

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15 हजार आवेदन आये थे

राज्य के पांच विश्वविद्यालयों में रांची विश्वविद्यालय, विनोबा भावे विश्वविद्यालय, सिद्धो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, नीलांबर पीतांबर और कोल्हान विश्वविद्यालय में 1118 पद रिक्त हैं. इसके लिए पिछले साल लगभग 15 हजार आवेदन जमा किये गये थे. बैकलॉग के अलावा 552 पदों पर सीधी नियुक्ति होनी है.

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क्या कहा सचिव ने

झारखंड लोक सेवा आयोग के सचिव रणेंद्र कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्ति से रोक हटा ली गयी है. इस संबध में आयोग और किसी भी विश्वविद्यालय को यूजीसी से चिट्ठी मिलते ही नियुक्ति शुरू कर दी जायेगी. उन्होंने कहा कि जिस विश्वविद्यालय से अधियाचना दी जायेगी उसमें नियुक्ति शुरू कर दी जायेगी.

कहां कितनी रिक्ति

विविनियमितबैकलॉगकुल
कोल्हान विवि239107346
रांची विवि120148268
सिदो-कान्हू मुर्मू विवि72116188
नीलांबर-पीतांबर11150161
विनोबा भावे विवि10145155
कुल5525661118

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