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लंबे आंदोलनों के बाद भी डीवीसी प्रबंधन ने नदी में सिवरेज प्रदूषण पर नहीं लगायी है रोक

बोकारो थर्मल के बहने वाले सिवरेज से कोनार नदी का प्रदूषित पानी पीकर लोग हो रहें हैं बीमार

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Sanjay

Bermoः बेरमो अनुमंडल की विद्युत नगरी बोकारो थर्मल में दामोदर बचाओ आंदोलन एवं दामोदर बचाओ अभियान के बैनर तले लंबे आंदोलनों,आमरण अनशन,प्रशासनिक पदाधिकारियों की मुस्तैदी के बाद भी डीवीसी बोकारो थर्मल प्रबंधन स्थानीय कॉलोनी के गंदे सिवरेज पानी को कोनार नदी में प्रवाहित होने पर रोक पाने में पूरी तरह से असफल साबित रही है. इसके कारण दामोदर एवं उसकी सहायक कोनार नदी का जल एक ओर जहां प्रदूषित हो रहा है वहीं दूसरी ओर कोनार नदी के प्रदूषित पानी का सेवन कर डीवीसी के ही कामगार एवं कॉलोनी के लोग बीमार पड़ रहें हैं.

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2004 से लगातार किया गया आंदोलन

कोनार एवं दामोदर नदी में स्थानीय बी पावर प्लांट के अस्थायी ऐश पौंड से छाई युक्त प्रदूषित जल का बहाव को रोकने को लेकर बोकारो थर्मल में दामोदर बचाओ आंदोलन एवं दामोदर बचाओ अभियान के बैनर तले लगातार आंदोलन किये गये. दामोदर बचाओ आंदोलन के अध्यक्ष सरयू राय,संरक्षक प्रहलाद बर्णवाल, रांची हाई कोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार, गुलाबचंद्र ने कई बार बोकारो थर्मल का दौरा कर प्रबंधन द्वारा नदी को प्रदूषित किये जाने का निरीक्षण किया. प्रदूषित पानी का सैंपल लिया तथा मुद्दे पर प्रबंधन के साथ-साथ सरकार एवं राज्य प्रदूषण विभाग के अधिकारियों के साथ कई चक्र की वार्ता भी की. दामोदर बचाओ आंदोलन एवं दामोदर बचाओ अभियान के तहत लगातार किये जा रहे आंदोलनों का सकारात्मक परिणाम सामने आया और प्रबंधन ने लगभग 75 करोड़ रुपये की लागत से नूरी नगर के समीप स्थायी ऐश पौंड का निर्माण कार्य आरंभ किया.

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दो बार किया आमरण अनशन

नदी में हो रहे प्रदूषण को रोकने को लेकर गोविंदपुर डी पंचातय के समिति सदस्य बिनोद साहू,एफ पंचायत की मुखिया भुवनेश्वरी देवी, भाकपा नेता मो शाहजहां तथा उप प्रमुख सब्बा नवाज ने वर्ष 2014 में स्थानीय पावर प्लांट एवं झारखंड चैक पर दो बार एक सप्ताह का आमरण अनशन किया था. अनशन के कारण प्रबंधन पर डीवीसी द्वारा नूरी नगर के समीप बनाये जा रहे स्थायी ऐश पौंड को जल्द पूरा करने को लेकर दवाब बना और प्रबंधन ने उसे पूरा भी किया. स्थायी ऐश पौंड का निर्माण के बाद कोनार नदी के किनारे बनाये गये चारों अस्थायी ऐश पौंडों को बंद कर दिया गया जिससे कोनार एवं दामोदर नदी में प्रदूषित पानी के बहाव पर रोक लगी और नदी को प्रदूषण से मुक्ति मिली.

दो बार दर्ज की गयी प्राथमिकी

बोकारो थर्मल में डीवीसी प्रबंधन के द्वारा कोनार एवं दामोदर नदी को प्रदूषित करने को लेकर बेरमो के तत्कालीन एसडीएम बीएन चैबे तथा बाद में भुवनेश प्रताप सिंह ने डीवीसी के तत्कालीन प्रोजेक्ट हेडों पर बेरमो एसडीएम के अनुमंडलीय न्यायालय में प्राथमिकी दर्ज की थी.

सिवरेज सिस्टम नहीं रहने के कारण नदी में जा रहा सिवरेज

बोकारो थर्मल में डीवीसी की कॉलोनियों सहित निजी कॉलोनी अंबेदकर नगर, राजा बाजार के सैकड़ों घरों से निकलने वाला गंदा पानी,सिवरेज एवं मलमूत्र से वर्तमान में कोनार एवं दामोदर नदी के जल को लगातार प्रदूषित किया जा रहा है. बोकारो थर्मल डीवीसी का ऐसा कॉलोनी है जहां कॉलोनी के सिवरेज को बहने एवं जमा करने के लिए कोई सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट (एसटीपी ) नहीं है जिसके कारण कॉलोनी का सारा मलमूत्र एवं घरों का गंदा पानी डीवीसी के हाईस्कूल के पीछे, मिडल स्कूल के सामने, अस्पताल के पीछे, बोकारो क्लब मैदान के सामने तथा सीआईएसएफ यूनिट के अंदर से बहने वाले बड़े नाला से कोनार नदी में प्रवाहित होकर नदी के जल को प्रदूषित कर रहा है. इसी प्रकार मिडल स्कूल के सामने से बहने वाले बड़े नाला के दोनों किनारे पर अंबेडकर नगर एवं राजा बाजार के सैकड़ों घरो का निर्माण किया गया है. निर्माण के बाद बनाये गये सभी घरों का मल-मूत्र सीधे नाला में बहाया जा रहा है.नाला आगे जाकर श्मसान घाट में कोनार नदी में प्रवाहित होकर नदी के जल को प्रदूषित कर रहा है.

इंटेक से सप्लाई हो रहा पीने का पानी

दामोदर की सहायक कोनार नदी में जिस स्थान पर बोकारो थर्मल की आवासीय एवं निजी कॉलोनी का गंदा पानी एवं सिवरेज प्रवाहित हो रहा है उससे महज चंद मीटर पर ही डीवीसी के नये एवं पुराने पावर प्लाट को दो इंटेक है जहां से आवासीय कॉलोनी में पीने का पानी सप्लाई किया जाता है. कॉलोनी वासी उसी प्रदूषित पानी का सेवन करने को विवश हैं.

नहीं है सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट

बोकारो थर्मल में डीवीसी का अपना कोई सिवरेज ट्रिªटमेंट प्लांट नहीं होने के कारण कॉलोनी का सारा सिवरेज नदी में जाता है. वर्ष 2005 में डीवीसी द्वारा एसटीपी निर्माण को लेकर मेकॉन कंपनी से सर्वे कराया गया था जिस पर लगभग बीस लाख रुपये खर्च हुए थे. कंपनी ने एसटीपी निर्माण पर लगभग बीस करोड़ रुपये का बजट डीवीसी को दिया था परंतु फंड की कमी एवं डीवीसी की खराब वित्तीय स्थिति के कारण तत्कालीन प्रोजेक्ट हेड अमरनाथ मिश्रा ने उस समय निर्माण कार्य आरंभ नहीं करवाया था.

निर्देश के चार वर्ष बाद भी नहीं बना एसटीपी

झारखंड के मंत्री तथा दामोदर बचाओ आंदोलन के संरक्षक सरयू राय की पहल पर मई 2015 में केंद्रीय कोयला एवं ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में दिल्ली में डीवीसी एवं कोल इंडिया के अध्यक्षों के साथ दामोदर एवं उसकी सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त करने तथा नदियों में जा रहे सिवरेज पर रोक लगाने को लेकर बैठक की गयी थी. बैठक में केंद्रीय मंत्री ने डीवीसी अध्यक्ष को तीन माह में नदी में जा रहे सिवरेज पर रोक लगाने तथा एसटीपी निर्माण का निर्देश दिया था. मंत्री के आदेश के चार वर्ष बाद भी इस पर अमल नहीं किया जा सका है.नदियों में सिवरेज बहाने को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने भी कड़े निर्देश राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को दे रखा है.

मुख्यालय गंभीर

कमलेश कुमार-बोकारो थर्मल के प्रोजेक्ट हेड कमलेश कुमार का इस संबंध में कहना है कि बोकारो थर्मल में नदी में सिवरेज रोकने तथा एसटीपी निर्माण को लेकर डीवीसी मुख्यालय काफी गंभीर है. मुख्यालय के द्वारा इसके निर्माण को लेकर मेकॉन कंपनी से पुनः रिर्पोट मांगी गयी थी. इस मामले में सीसीएल प्रबंधन को भी जोड़ना है.

प्रदूषित जल सेवन पर डॉक्टर की राय

डीवीसी के अवकाश प्राप्त वरीय डॉ हेमंत कुमार का कहना है कि लगातार प्रदूषित नदी के जल का सेवन करने से जल संबंधित तथा वायरल कई गंभीर बीमारियां पीलिया,डायरिया, वायरल बुखार आदि हो जाती हैं जिससे बचाव का एक मात्र उपाय स्वच्छ पानी का सेवन है.

एसटीपी और नदी प्रदूषण पर आम लोगों की राय

मे शाहजहां भाकपा नेता– कोनार नदी को प्रदूषण मुक्त करने तथा एसटीपी निर्माण को लेकर डीवीसी प्रबंधन कभी भी गंभीर नहीं रहा जिसके कारण नदी प्रदूषित हो रहा है.

गुलाब चंद्र– संयोजक दामोदर बचाओ अभियान-लगभग दो दशक से भी ज्यादा समय से कोनार नदी को प्रदूषण मुक्त करने को लेकर आंदोलन के बाद भी स्थिति यथावत है, जिसके कारण लोगों को प्रदूषित पानी का सेवन करना पड़ रहा है.

खीरोधर महतो– सचिव पर्यावरण बचाओ अभियान-कोनार नदी को प्रदूषण मुक्त करने को लेकर डीवीसी का स्थानीय प्रबंधन लगातार प्रशासन,सरकार एवं प्रदूषण बोर्ड को गुमराह कर रहा है.

श्रवण सिंह– जिला संयोजक-दामोदर बचाओ आंदोलन-दो दशकों से आंदोलन के कारण नदी प्रदूषण पर रोक की दिशा में सफलता मिली है,बावजूद प्रबंधन एसटीपी के निर्माण की दिशा में गंभीर नहीं है.

मंजूर आलम– अध्यक्ष बेरमो आजसू-डीवीसी कॉलोनी में सिवरेज सिस्टम नहीं रहने के कारण कॉलोनी सहित निजी कॉलोनी का सारा गंदा पानी नदी में जाता है और पानी पीने लायक नहीं रह गया है.

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