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तीन माह में राज्य से 45 प्रतिशत कुपोषण समाप्त करें, कुपोषण मुक्त पंचायत को एक लाख रुपये देने की घोषणा : मुख्यमंत्री

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  • 15 दिनों के अंदर खाली पड़े आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका का पद भरें
  • आकांक्षी जिलों के आंगनबाड़ी केंद्र को मॉडल केंद्र में परिवर्तित करें
  • 15 दिन के अंदर गर्भवती महिलाओं का निबंधन होना चाहिए
  • मुख्यमंत्री ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों के साथ की बैठक

Ranchi: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य से कुपोषण को समाप्त करने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा है कि मिशन मोड में कुपोषण समाप्त करने का लक्ष्य लेते हुए झारखंड को तीन महीने में कुपोषण मुक्त करें. प्रोजेक्ट भवन मंत्रालय में जिला समाज कल्याण पदाधिकारियों और बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (सीडीपीओ) को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कुपोषण की दर 45 फीसदी है, जो चिंता का विषय है. उन्होंने कुपोषण मुक्त पंचायत को एक लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की और कहा कि संबंधित जिलों के जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया जायेगा. कुपोषण से बचाव की जानकारी गरीब के घर-घर तक पहुंचाने का कार्य सुनिश्चित होना चाहिए. आदिवासी बाहुल्य इलाकों में विशेष फोकस करने की आवश्यकता है. इसलिए तीन महीने का लक्ष्य तय कर उस पर काम करने की जरूरत है.

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15 दिनों में आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के रिक्त पदों को बहाल करें

मुख्यमंत्री ने सभी जिला कल्याण पदाधिकारी और सीडीपीओ को निर्देश दिया कि पूरे राज्य में खाली पड़े आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के पद को ग्राम सभा की अनुमति लेकर बहाल करें. उन्होंने 15 दिनों के भीतर गर्भवती महिलाओं का निबंधन करने का टार्गेट भी दिया. गर्भवती माताओं को सरकार की योजना और गर्भावस्था और शिशु जन्म के बाद महिला को मिलने वाले पोषक आहार की जानकारी भी उपलब्ध कराया जाये.

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महिलाओं के समूह को दें कुपोषण से बचाव की जानकारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीडीपीओ यह सुनिश्चित करें कि पोषण सखी सप्ताह में दो दिन गांव में महिलाओं के समूह को कुपोषण से बचाव की जानकारी दी जाये. महिलाओं में यह जानकारी होनी चाहिए कि गांव में उपलब्ध कौन सी चीज खाने से कुपोषण से बचा जा सकता है. सरकार बचाव और उपचार मॉडल पर कार्य करते हुए झारखंड को कुपोषण से मुक्त करना चाहती है. उन्होंने कहा कि सभी आकांक्षी जिलों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र को मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाया जाये. इसके लिए जिलों को उपायुक्तों को भी टास्क दिया गया. राज्य के सभी समाज कल्याण पदाधिकारी और सीडीपीओ हर सप्ताह अपने प्रखंड और जिला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का दौरा करें और उसकी रिपोर्ट विभाग को भेजें.

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विधवा बहनों को पेंशन और घर दिया जायेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज कल्याण पदाधिकारी सभी विधवा बहनों को पेंशन देने की दिशा में तन्मयता से कार्य करें.  जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर में इन्हें चिन्हित कर विधवा पेंशन योजना का लाभ दिया जाये. उन्होंने घोषणा की कि विधवा महिलाओं को आंबेडकर योजना के तहत आवास भी दिया जायेगा.

महिला और बाल विकास विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देशय 100 दिनों का एजेंडा तथा कार्य योजना का रोडमैप तैयार करना है. उन्होंने कहा कि राज्य में केंद्र प्रायोजित योजना अंब्रेला आसीडीएस के अंतर्गत छह प्रमुख स्कीम ली गयी है. योजना में छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धातृ माताओं एवं किशोर या किशोरियों को पोषण संबंधित सेवाएं, अनौपचारिक शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा एवं संरक्षण और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के अंतर्गत पूरे राज्य में आने वाले 3 महीनों में 2,90,169 लाभुकों को जोड़ा जायेगा. इसमें सरकार 150 करोड़ खर्च करेगी. सितंबर 2019 तक सभी जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, कस्तुरबा आवासीय विद्यालयों एवं कॉलेज में विशेष कैंप लगाया जायेगा. जिला स्तर पर उपायुक्त, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी एवं परियोजना स्तर पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी इसका अनुश्रवण करेंगे अमिताभ कौशल ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान, बाल अधिकार एवं संरक्षण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनाएं प्राथमिकता के आधार पर संचालित होंगी. परियोजना निदेशक डीके सक्सेना ने कहा कि रांची में महिला शक्ति केंद्र योजना की शुरुआत की गयी है. इसमें राज्य के 177 प्रखंडों में प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स का गठन हुआ है. प्रत्येक प्रखंड में 25-25 छात्र स्वयं सेवकों का चयन किया जाना है. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत प्रत्येक पंचायत मुख्यालय पर गुड्डा-गुड्डी बोर्ड की स्थापना की जा रही है. उन्होंने कहा कि 11 से 14 वर्ष तक की विद्यालय छोड़ चुकी किशोरियों का सशक्तीकरण और इनका विवरण रेपिड रिर्पोटिंग सिस्टम पर अपलोड किया जायेगा.

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