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प्राथमिकता के आधार पर जनहित की योजनाओं को लागू कर उन्हें पूरा करें : सरयू राय

जिला परिषद अध्यक्ष सुकरा मुंडा ने की शिकायत, नहीं ली जाती सदस्यों की योजनाएं

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Ranchi : रांची जिला के विकास कार्यों के लिए वित्तीय वर्ष 2016-17 में कुल 171 योजनाएं स्वीकृत हुई थीं, जिनमें से कुल 165 योजनाओं को पूर्ण कर लिया गया है. जिला योजना समिति की सोमवार को हुई बैठक में यह जानकारी दी गयी है. बैठक में उपस्थित खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने अधिकारियों से कहा कि जनहित की योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कर उन्हें निपटाने का प्रयास करें. साथ ही कहा कि अपने क्षेत्र की योजना भेजने से पहले सांसद, विधायक, जिला परिषद एवं पंचायत सदस्य, जो जिला योजना समिति के भी सदस्य हैं, वे आपस में बैठक कर प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं का चयन कर ही भेजें. यदि पिछले वित्तीय वर्ष में चयनित योजनाएं पूर्ण नहीं हो पाती है तो उन्हें फिर से भेजें. बैठक में नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, मांडर विधायक गंगोत्री कुजूर,  सिल्ली की विधायक सीमा महतो, खिजरी विधायक राम कुमार पाहन, तमाड़ विधायक विकास मुंडा, रांची उपायुक्त राय महिमापत रे, जिला परिषद अध्यक्ष सुकरा मुंडा सहित जिला योजना समिति के सदस्य एवं वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.

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अपूर्ण योजनाओं पर उपायुक्त ने मांगा स्पष्टीकरण

मंत्री सरयू राय की अध्यक्षता में रांची समाहरणालय में हुई इस बैठक में रांची जिले की लंबित योजनाओं की जानकारी दी गयी. उपायुक्त राय महिमापत रे ने कहा कि पिछली बैठक में प्रस्तावित 16 योजनाओं में से 15 योजनाओं को पूर्ण कर लिया गया. ऐसी योजनाओं को पहले ही प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त थी. वहीं, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की एक योजना अपूर्ण रहने पर उपायुक्त ने संबंधित अभियंता से स्पष्टीकरण भी मांगा. इस दौरान योजना समिति को जिला योजना पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में कुल 171 योजनाएं स्वीकृत हुई थीं, जिनमें से 165 योजनाओं को पूर्ण कर लिया गया है.

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भौतिक सत्यापन एवं कार्य की गुणवत्ता भी देखें अधिकारी : सीपी सिंह

नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि सिर्फ योजना की स्वीकृति एवं उस पर राशि खर्च कर देना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि कार्य की गुणवत्ता का ध्यान सबको रखना है. कई बार पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों को ऐसे ही छोड़ दिया जाता है, जिससे दुर्घटना की संभावनाएं बढ़ती हैं. निर्माणाधीन योजना के दौरान एक-दो बार वरीय पदाधिकारी जरूर स्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन करें और कार्य की गुणवत्ता को भी देखें. अगर कोई संवेदक घटिया काम करता है, तो तत्काल ही उस पर कोई ठोस कार्रवाई करें. इसके साथ ही, जनप्रतिनिधियों के बीच भी समन्वय आवश्यक है, अन्यथा एक ही कार्य की स्वीकृति कई स्तर पर हो जाती है, जिसका कोई फायदा नहीं होता.

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नहीं ली जाती जिला परिषद सदस्यों की योजनाएं : सुकरा मुंडा

जिला परिषद अध्यक्ष सुकरा मुंडा ने शिकायत करते हुए कहा कि जिला योजना समिति में जिला परिषद सदस्यों की योजनाएं नहीं ली जाती हैं. इस पर मंत्री सरयू राय ने कहा कि जिला परिषद के सदस्य भी अपनी योजनाएं दे सकते हैं. आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं के आधार पर उन योजनाओं को भी शामिल किया जा सकता है. उपायुक्त ने बताया कि जिला योजना समिति को प्राप्त होनेवाली राशि का उपयोग पेयजल स्वच्छता, शिक्षा, कौशल विकास में हर क्षेत्र में किये जाने का प्रयास किया जा रहा है. रांची जिला योजना पदाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में अब तक 12.39 करोड़ रुपये का आवंटन पहले किस्त के रूप में प्राप्त है, जिसके द्वारा करीब 13 योजनाओं पर कार्य किया जायेगा.

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