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अटल वेंडर मार्केट : मीडिया में खबर छपने के बाद रुका फर्जीवाड़ा, आरोपी कौन इसकी जांच तक नहीं, अब दुकानें बसाने की तैयारी

23 मई को फुटपाथ दुकानदारों को शिफ्ट करने की तैयारी होगी शुरू, 325 दुकानदार मार्केट में होंगे शिफ्ट

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Ranchi: रांची नगर निगम के अटल वेंडर मार्केट में फुटपाथ दुकानदारों को 23 मई के बाद बसाने का निर्णय लिया गया है. यानी आचार संहिता खत्म होने के साथ ही दुकानदारों को बसाने की प्रकिया शुरू हगी. लेकिन जिस फर्जी तरीके से मार्केट में बनी दुकानों को आवंटन करने का काम हुआ, उसके पीछे आरोपी कौन था, उसपर क्या कार्रवाई हुई उसकी जानकारी किसी को भी नहीं है. टाउन वेंडिंग कमिटी सदस्यों का मानना है कि मीडिया में दुकान आवंटन में हुई फर्जीवाड़े की खबर अगर नहीं छपती, तो शायद फर्जी दुकानदारों को दुकान आवंटित हो जाती. मीडिया में यह खबर भी सुर्खियों में छपी थी कि नगर आयुक्त के रिश्तेदार और वर्तमान सिटी मिशन मैनेजर इस फर्जीवाड़े के पीछे शामिल हैं. न्यूज विंग ने भी सोशल मीडिया Whatsapp  के जरिये नगर आयुक्त से कुछ सवालों का जवाब भी मांगा था. लेकिन एक भी सवाल के जवाब उनके द्वारा नहीं मिल सके. अब ऐसी जानकारी है कि आरोपी पर कोई कार्रवाई करने के बजाय 23 मई के बाद दुकानदारों को बसाने का काम शुरू होगा.

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आवंटन के री-वेरिफिकेशन की हुई थी बात

Trade Friends

गत 16 अप्रैल को निगम सभागार में हुई टाउन वेडिंग कमिटी की बैठक में यह तय हुआ था कि मार्केट में दुकान लेनेवाले फर्जी दुकानदारों का पता लगाने के लिए री-वेरिफिकेशन किया जायेगा. इससे पहले गत 2 अप्रैल की बैठक में नगर आयुक्त मनोज कुमार ने टाउन वेडिंग कमिटी (टीवीसी) सदस्यों के लगाये गये धांधली के आरोप को देखते हुए 11 फर्जी दुकानदारों के नाम को तत्काल ही सूची से हटाने का निर्देश दिया. निर्देश का पालन भी हुआ.

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क्या आरोपी को बचाने में लगा है निगम प्रशासन

नगर आयुक्त के निर्देश के बाद फर्जी दुकानदारों को हटाने की तो पहल हुई, लेकिन आवंटन सूची में फर्जी तरीके से दुकानदारों को दुकानें कैसे आवंटित हुईं. इस फर्जीवाड़े में कौन अधिकारी शामिल था. इस पर कोई कार्रवाई हुई कि नहीं, इसकी जानकारी किसी को भी नहीं हुई. इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे एक नाम नगर आयुक्त के रिश्तेदार का सामने आता रहा है. लेकिन उस पर अभी तक कोई जांच नहीं करायी गयी. ऐसे में एक सवाल खड़ा होता है कि क्या निगम प्रशासन ही कहीं उस आरोपी को बचाने में तो नहीं लगा है, जिसने इस फर्जीवाड़े में अहम भूमिका निभायी.

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मीडिया के कारण रुका फर्जीवाड़ा, लेकिन आरोपी पर कार्रवाई की जानकारी नहीं: टीवीसी सदस्य

इस पूरे मामले पर टाउन वेंडिग सदस्य (टीवीसी) नगेंद्र पांडे ने स्वीकारा कि फर्जी करनेवाले के पीछे आरोपी कौन है, यह तो निगम ही जानता है. सदस्य होने के नाते उनका केवल मुख्य ध्येय था कि दुकानों का आंवटन वैसे दुकानदारों को न हो जाये, जिन्होंने कभी फुटपाथ दुकानें लगायी ही नहीं हैं. यह तो देखने की बात है कि मीडिया में फर्जी दुकानदारों की खबर छपी, तभी निगम प्रशासन ने इस और कोई पहल की. लेकिन आरोपी कौन था, उस पर क्या कार्रवाई हुई, उसकी जानकारी किसी को नहीं है.

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