न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

अयोध्या मामला : मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने पांच दिन सुनवाई का विरोध किया

धवन द्वारा  विरोध किये जाने पर सीजेआई ने कहा, हमने आपकी चिंता  दर्ज कर ली है, हम आपको इस संबंध में जल्द जानकारी देंगे. 

44

NewDelhi : अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्ष, सुन्नी वक्फ बोर्ड ने के वकील राजीव धवन ने सप्ताह के पांच दिनों दिन सुनवाई किये जाने का विरोध किया है. जान लें कि अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी पांच दिन सुनवाई करने का फैसला किया है. शुक्रवार को सुनवाई के कआम में मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने इसका विरोध किया .  धवन ने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि कोर्ट सप्ताह के सभी पांच दिन इस केस की सुनवाई करेगा.

धवन ने इसे लेकर कोर्ट में अपना विरोध दर्ज कराया. वकील रजीव धवन ने कहा, ऐसी अफवाह हैं कि कोर्ट इस केस की सुनवाई के लिए सभी पांच दिन बैठेगी.  कहा कि ऐसा किया जाना अमानवीय होगा. इससे कोर्ट को कोई मदद नहीं मिलेगी. कहा कि मुझे केस छोड़ने पर विवश होना पड़ेगा.  धवन द्वारा  विरोध किये जाने पर सीजेआई ने कहा, हमने आपकी चिंता  दर्ज कर ली है, हम आपको इस संबंध में जल्द जानकारी देंगे.

Trade Friends

इसे भी पढ़ेंःप. बंगालः सरकारी स्कूल की परीक्षा में पूछा गया, जय श्रीराम के नारे से समाज पर क्या दुष्प्रभाव पड़ रहा है?

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में रोजाना सुनवाई का फैसला लिया था

जान लें कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में रोजाना सुनवाई का फैसला लिया था.  इसके अनुसार  सप्ताह के  मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को सुनवाई के लिए तय किया गया था.  सुप्रीम कोर्ट में सोमवार और शुक्रवार को नये मामलों की सुनवाई होती है.  लेकिन गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि केस की सुनवाई हफ्ते के पांचों दिन होगी. ऐसा पहली बार हो रहा है, जब संवैधानिक बेंच किसी केस की सप्ताह में पांच दिन सुनवाई करेगी.  कोर्ट का मानना है कि इससे दोनों पक्षों के वकीलों को अपनी दलीलें पेश करने का समय मिलेगा और जल्द ही इस पर फैसला आ सकेगा.

गुरुवार को केस की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, डीवाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एस. अब्दुल नजीर की बेंच ने वकीलों को हैरान कर दिया, जब उन्होंने कहा कि वे इस केस की रोजाना सुनवाई करेंगे.  संवैधानिक बेंच इस मामले को प्राथमिकता में रख रही है. जजों ने फैसला लिया है कि उन्हें केस पर फोकस बनाये रखना चाहिए, जिसका रिकॉर्ड 20,000 पेजों में दर्ज है.

WH MART 1

फोकस बनाये रखने के लिए पांच दिन सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट के एक सूत्र ने  टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि सोमवार से शुक्रवार तक संवैधानिक बेंच के जजों को अलग-अलग मामले में बिठाने से उनका फोकस नहीं रहेगा, जो अयोध्या जैसे मामले में अहम है.  जजों को मामले के दस्तावेजों को पढ़ना होगा, जिसमें वक्त लगेगा.  ऐसे में हर सोमवार और शुक्रवार को 60 से 70 याचिकाओं की सुनवाई करने से जजों का फोकस डाइवर्ट होगा. अयोध्या केस से जुड़े दस्तावेजों को पढ़ने और उन पर फैसले लिखने के लिए समय चाहिए.

सुन्नी वक्फ बोर्ड की इस आपत्ति पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पहले हर बार तारीख मिलती थी, अब जब सुप्रीम कोर्ट हर दिन सुनवाई करने को तैयार है तो फिर मामले को टालने की कोशिश कर रहे हैं. इस तरह के बयान देकर सुन्नी वक्फ बोर्ड अपना पक्ष कमजोर कर रहा है.

इसे भी पढ़ें- PM से बात कर राहुल ने वायनाड और केरल बाढ़ पीड़ितों के लिये मांगी मदद

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like