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बीएड एडमिशन काउंसिलिंग : प्राइवेट बीएड कॉलेज टेंट लगा कर छात्रों को कर रहे मैनेज, किसकी अनुमति से लगाया टेंट रांची विवि को नहीं है जानकारी

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Ranchi: मोरहाबादी के आर्यभट्ट सभागार में इन दिनों राज्य के बीएड कॉलेज में नामांकन के लिए काउंसिलिंग चल रही है. काउंसिलिंग कैंपस के बाहर 50 से अधिक निजी बीएड कॉलेज अपना-अपना टेंट लगाये हुए हैं. विडंबना यह है कि ये कॉलेज किसकी अनुमति से यहां टेंट लगाये हुए हैं इसकी जानकारी रांची विवि को भी नहीं है. डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि से लेकर यूजी हॉस्टल तक बीएड कॉलेजों के टेंट ऐसे लगे हुए हैं जैसे बीएड का मेला लगा हुआ हो.

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कूपन देकर छात्रों को कर रहे मैनेज

आर्यभट्ट सभागार कैंपस के बाहर टेंट लगा कर बैठे हुए निजी बीएड कॉलेज के प्रतिनिधि छात्रों को तरह-तरह के ऑफर देकर काउंसिलिंग में उनके संस्थान को चुनने के लिए कह रहे हैं. निजी बीएड कॉलेज के प्रतिनिधियों के द्वारा काउंसिलिंग के लिए जा रहे छात्रों को कूपन दिया जा रहा है. वे छात्रों से कह रहे हैं कि भीतर काउंटर पर बैठे आदमी को कूपन दे देना वो आपको कॉलेज अलॉट कर देंगा.

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टेंट लगा कर छात्रों को मैनेज करने के संबंध में पूछे जाने पर काउंसिलिंग कमिटी के चेयरमैन डॉ संजय मिश्रा ने कहा कि मेरी जिम्मेदारी काउंसिलिंग के आयोजन की है. अब काउंसिलिंग कैंपस के बाहर क्या हो रहा है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है. इसी मुद्दे पर जब रांची विवि के वीसी डॉ रमेश पांडेय से बात करने की कोशिश की गयी तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया.

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कंबाइंड एग्जामिनेशन के नाम पर झारखंड कंबाइंड ने की कमाई

दो सत्र में आयोजित हो रहे बीएड एडमिशन काउंसिलिंग में शामिल होने आये विद्यार्थियों ने कहा कि कंबाइंड बीएड एग्जामिनेशन के नाम पर सरकार ने केवल कमाई की है. जानकारी के मुताबिक केवल काउंसिलिंग रजिस्ट्रेशन से 80 लाख रुपये की कमाई हुई है. छात्रों का कहना है सरकारी बीएड कॉलेज की सीटें भर चुकी हैं. अब जो भी मिल रहा है वो निजी बीएड कॉलेज मिल रहा है. सभी निजी बीएड कॉलेजों की फीस अलग-अलग है. ऐसे में कंबाइंड एग्जामिनेशन का मतलब क्या रह जाता है.

वोकेशनल के छात्रों को हो रही परेशानी

काउंसिलिंग में एक हजार से अधिक ऐसे छात्र शामिल हुए हैं, जिन्होंने वोकेशनल विषय से स्नातक किया है. काउंसिलिंग में उन्हें सीट अलॉट कर दिया गया, लेकिन जब वे नामांकन के लिए कॉलेज जा रहे हैं तो कॉलेज नामांकन लेने से इनकार कर रहे हैं. सरकारी बीएड कॉलेजों से यह शिकायत सबसे ज्यादा आ रही है. इस संबंध में काउंसिलिंग कमिटी के चेयरमैन डॉ संजय मिश्रा ने कहा कि केवल वोकेशनल छात्रों की समस्या ही नहीं है. हमने संबंधित विभाग को कई बार पत्राचार कर वोकेशनल कोर्स, इन साइड आउट साइड छात्र के अलावा इडब्ल्यूएस कोटा सीट के बारे गाइडलाइन मांगी, लेकिन अब तक किसी तरह का जवाब नहीं मिला है. ऐसे में काउंसिलिंग नोटिफिकेशन में जो बातें कही गयी थीं, उसी के अनुसार काउंसिलिंग आयोजित की जा रही है.

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