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भाजपा रखे अपना टिकट, पार्टी ने जिसे प्रतीक बनाया है, मैं उसके खिलाफ ही क्षेत्र में चुनाव लड़ूंगा:  सरयू राय

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Jamshedpur :  झारखंड सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने बड़ा एलान किया है. बीजेपी की चौथी लिस्ट में नाम नहीं आने के बाद फैसला लेते हुए सरयू राय जमशेदपुर पूर्वी सीट से मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. साथ ही सरयू राय ने जमशेदपुर पश्चिमी सीट से भी चुनाव लड़ने का ऐलान किया है.

गौरतलब है कि भाजपा के कद्दावर नेता व राज्य सरकार के मंत्री सरयू राय ने शनिवार को ही नॉमिनेशन के लिए दो पर्चा खरीदा था. लेकिन जोनों सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला उन्होंने अपने करीबियों से सलाह के बाद लिया है. जिसकी घोषणा सरयू रायने आज कर दी.

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सरयू राय का ऐलान

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दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने का किया ऐलान

दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने के ऐलान के साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि, सबके सलाह के साथ काम करना चाहिए, इसलिए आप सबके सामने मैं हाजिर हूं. अब दोनों सीटों पर मैं चुनाव लड़ूंगा, मैंने कार्यकर्ताओं से कहा है कि पूर्वी में मैं समय दूंगा तो पश्चिमी में आपको काम करना होगा.

उन्होंने कहा कि,पश्चिम के कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस सीट को किसी दरिंदे या लूटेरे के हवाले नहीं छोड़ना चाहिए, इसलिए कार्यकर्ताओं ने कहा कि इसलिए आप इस क्षेत्र से भी नॉमिनेशन करिये और चुनाव लड़िए.

मैं पूर्वी में समय दूंगा, पश्चिम में कार्यकर्ता लड़ेंगे चुनाव: सरयू राय

सरयू राय ने कहा कि दोनों सीटों ने नॉमिनेशन करूंगा तो ऐसे में कार्यकर्ताओं से कहा है कि पूर्वी में में मुझे काम करना होगा, लोगों को घूमकर बताना होगा कि आखिर पांच साल में हुआ क्या है.

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सरयू राय ने बीजेपी से जो टूक कहा कि अपना टिकट रख लिजिए, जिसे देना हो दे दिजिए, पार्टी ने जिसे शासन का प्रतीक बनाया है, मैं उसी के खिलाफ उसके क्षेत्र में चुनाव लड़ूंगा.

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रघुवर के लिए चुनौती

चर्चा के दैरान भले ही उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया हो, लेकिन पूर्वी और पश्चिमी में एक परिवार के भय की चर्चा हर बात में की. उनका इशारा किस परिवार को लेकर था ये भी समझना कोई बड़ी बात नही थी.

उस परिवार के खिलाफ कई उदाहरण रखते हुए कहा की शहर की जनता को डर दिखाकर कैसे परिवार राज कर रहा है इसकी पूरी गाथा उनके पास है. बीते पांच वर्षों में मीडिया ने भी केवल पांच फीसदी ही मुद्दों को उछाला है अभी 96 फीसदी मुद्दे ऐसे हैं जिन्हें सतह पर वो लायेंगे.

सरयू ने कहा कि 2005 से ही उनकी लड़ाई भय, भूख और भ्रष्टाचार के खिलाफ रही है. सरकार में रहने के बावजूद भी उन्होंने अपनी लड़ाई को कभी भी कमजोर नहीं होने दिया. अब इन्हीं मुद्दों को लेकर वो पूर्वी की जनता के बीच जायेंगे जहां एक परिवार की दंबगई से शहर में पनप रहे आतंक और भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े होंगें.

उन्होंने साफ कर दिया कि भाजपा के नेताओं से लेकर प्रधानमंत्री तक भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का या तो ढोंग करते हैं या फिर हकिकत से वाकिफ नहीं है. किसी एक नेता के फीडबैक पर फैसला लेने का खामियाजा पार्टी को उठाना पड़ सकता है.

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रघुवर को परेशानी में डाल सकता है सरयू का जमशेदपुर पूर्वी से चुनाव लड़ना

सरयू राय जमशेदपुर पूर्वी से चुनाव लड़ने पर रघुवर दास के लिए परेशान करने वाली परिस्थितियां पैदा होंगी. इसकी कई बड़ी वजहें हैं. पर सबसे बड़ी वजह यह होगी कि जहां सरयू राय लंबे समय से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते रहे हैं.

वहीं रघुवर दास हाल के वर्षों में भ्रष्टाचार के आरोपियों को संरक्षण देने और भ्रष्टाचार, यौन शोषण जैसे आरोपों से घिरे नेताओं (ढ़ुल्लू महतो, भानू प्रताप शाही, शशिभूषण मेहता) के पैरोकार के रूप में सामने आये हैं.

इन मुद्दों को उठाने की कोशिश करेंगे सरयू

सरयू राय चुनाव के दौरान भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाने की कोशिश करेंगे. और अगर वह इसमें सफल हुए तो रघुवर दास को नुकसान उठाना पड़ेगा. सरयू राय मैनहर्ट का मुद्दा भी उठाने की कोशिश करेंगे, तब पूरे झारखंड में भाजपा के सीएम फेस को लेकर दिक्कतें होंगी.

भाजपा को एक दूसरा नुकसान यह होगा कि रघुवर दास अपने क्षेत्र में ही फंस कर रह जायेंगे. क्योंकि जैसी चर्चा है, इस परिस्थिति में विपक्ष अपने उम्मीदवार वापस भी ले सकता है.

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