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पाकुड़ः बीजीआर कंपनी ने पचुवाड़ा नॉर्थ कोल परियोजना में बिना अनुमति की ब्लास्टिंग

 एसपी ने कहा डीसी को दे दी है सूचना

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Ranchi:  पाकुड़ जिला के अमरापाड़ा थाना क्षेत्र के पचुवाड़ा स्थित नार्थ कोल परियोजना में दो दिन पहले कोयला उत्खनन के लिए ब्लास्ट किये जाने की खबर है. आरोप है कि बीजीआर कंपनी ने यह ब्लास्ट बिना जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा किये बिना ही किया है. इसके बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. सूचना है कि बीजीआर कंपनी को अभी तक ब्लास्ट करने की अनुमति नहीं मिली है. ना ही अभी तक कंपनी को बारूद घर स्थापित करने की ही अनुमति मिली है. इधर, ग्रामीण विस्फोट का विरोध कर रहे हैं. इस मामले में पूछे जाने पर पाकुड़ के एसपी सुनील भास्कर ने इस खबर की पुष्टि की है कि ब्लास्ट हुआ है. उन्होंने इसकी जानकारी डीसी को दे दी है औऱ जांच का अनुरोध किया है. जांच के बाद कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी. एसपी ने यह भी बताया कि थाना के स्तर से बीजीआऱ कंपनी से इस मामले में जानकारी ली गयी. कंपनी ने पुलिस को कुछ कागजात दिखाये हैं, जिसके मुताबिक कंपनी को केंद्र सरकार से उत्खनन का लाइसेंस मिला है. यह पूछे जाने पर कि क्या ब्लास्टिंग से पहले राज्य सरकार की अनापत्ति प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है, एसपी ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं. यह मामला जिला प्रशासन के अधीन है.

जिला प्रशासन ने नहीं दिया है अनापत्ति प्रमाण पत्र

इधर न्यूज विंग को यह सूचना मिली है कि जिला प्रशासन ने ब्लास्ट करने के लिए अभी तक अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया है. ना ही ब्लास्टिंग में उपयोग होने वाले बारूद को रखने के लिए बारूद घर स्थापित करने का आदेश निर्गत किया गया है.

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ग्रामीणों ने रोक दिया था काम 

उल्लेखनीय है कि ब्लास्टिंग के लिए गड्ढ़ा खोदने की सूचना पर 24 जनवरी को बिशुनपुर गांव के विस्थापितों औऱ ग्रामीणों ने काम रोक दिया था. ग्रामीणों का कहना है कि बीजीआर कंपनी उन्हें धोखा देने का काम कर रही है. जब तक ग्रामीणों को बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क व आवास की सुविधा नहीं दी जाती, तब तक कोयला उत्खनन शुरू नहीं होने दिया जायेगा. कोयला परियोजना से 250 परिवार विस्थापित हो रहे हैं. गांव में पांच टोले हैं. जिसमें 1000 लोग रहते हैं.

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