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#Bokaro विधायक और मेयर दिवाली पर खेल रहे हैं ‘शिलापट बम’, उड़ रहा मजाक, DC ने बैठा दी जांच

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DK

Bokaro: शहर के चिरा चास में 4.08 किलोमीटर रोड (पांडेय पुल से तलगढ़िया तक) के पुनर्निर्माण  का क्रेडिट लेने के लिए चास नगर निगम के मेयर भोलू पासवान और बोकारो विधायक बिरंची नारायण आमने-सामने हैं. इन दोनों के बीच का आपसी मतभेद अब वर्चस्व की लड़ाई का रूप ले चुका है. हालात ये हो गये हैं कि एक ही परियोजना का क्रेडिट लेने के लिए दो बार शिलापट इन दोनों नेताओं द्वारा अलग-अलग लगाया गया.

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#Bokaro विधायक और मेयर दिवाली पर खेल रहे हैं ‘शिलापट बम’, उड़ रहा मजाक, DC ने बैठा दी जांच
विधायक और मेयर.

बोकारो में शिलापट की लड़ाई काफी सालों से चली आ रही है, पर इस बार दोनों नेताओ में से किसी एक को यह महंगा पड़ने वाला है. क्योंकि जिला प्रशासन ने इसको बहुत गंभीरता से लिया है. इस बार शिलापट में चीफ मिनिस्टर रघुवर दास से लेकर डिप्टी कमिश्नर बोकारो मुकेश कुमार और  डीडीसी रवि रंजन मिश्रा का नाम जुड़ा हुआ है.

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सीएम ने किया था ऑनलाइन शिलान्यास 

इस योजना का ऑनलाइन शिलान्यास रघुवर दास ने 21 अक्टूबर को जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान  बेरमो के करगली में किया था. वैधानिक रूप से वहां जो शिलापट था, उसे ही परियोजना के स्थान पर लाकर लगाया जाना था.

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लेकिन दो शिलापट लगाये जाने के बाद उसमें से कौन सा वैधानिक रूप से लगाया गया है और कौन सा अवैधानिक रूप से, ये जांच का विषय है. जिला प्रशासन ने इसकी जांच शुरू भी कर दी है.  वहीं डीसी मुकेश कुमार के अनुसार, एक्सक्यूटिव इंजीनियर रोड को जांच की जिम्मेवारी सौंपी गई है.

मुकेश कुमार ने कहा कि जिसका शिलापट नकली पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. यदि आवश्यक हुआ तो उस व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज किया जाएगा. डीसी ने कहा बिना सक्षम पदाधिकारी के सहमति के कोई भी व्यक्ति चाहे वो नेता ही क्यों ना हो, वो शिलापट ना बना सकता है और ना ही लगा सकता है. डीसी ने कहा कि इस मामले में जिसका भी शिलापट गलत पाया जाएगा, उसे तोड़ दिया जाएगा.

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यह विधायक की पुरानी आदत है – मेयर

बोकारो विधायक बिरंची नारायण ने पहला शिलापट पिछले गुरूवार को लगाया था, जबकि मेयर भोलू पासवान ने शनिवार को शिलापट लगाया. इसके बाद ही राजनीति गरमा गई. विधायक द्वारा लगाए गए शिलापट में सीएम रघुवर दास,  सांसद पीएन सिंह, बोकारो विधायक के साथ-साथ मेयर भोलू पासवान का नाम था. वहीं भोलू पासवान के द्वारा लगाए गए शिलापट में विधायक बिरंची नारायण को छोड़कर सारे नाम यथावत हैं.

विधायक के करीबी संजय त्यागी के अनुसार, “विधायक ने शिलापट सीएम के समारोह स्थल बेरमो के करगली से लाकर के पीडब्ल्यूडी के एसडीओ, एक्सक्यूटिव इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर के सामने लगाकर पुनर्निर्माण कार्य की शुरुआत की है.

वहीं इस बारे में मेयर ने कहा कि “यह पहली बार नहीं है कि विधायक ने शिलापट लगवाने को लेकर राजनीति की है. यह विधायक की पुरानी आदत है. चिरा चास का यह रोड नगर निगम के अंतर्गत आता है और विधायक अपनी वाहवाही लूटने के लिए बिना बताये ही शिलापट लगवा लिया”.

दोनों की वजह से हो रही बीजेपी की किरकिरी

विधायक और मेयर के शिलापट लगवाने के पीछे की उत्सुकता आने वाले विधानसभा चुनाव और उसके बाद होने वाले नगर निगम चुनाव को लेकर है. चिरा चास स्थित  रोड के खराब होने से वहां  रहने वाली करीब एक लाख जनता इससे प्रभावित है.

इसे बनाने के लिए पिछले 10 साल से यहां के लोग आवाज उठा रहे हैं. इस रोड का पुनर्निर्माण 5 महीने में खत्म होना है. क्योंकि चुनावी मौसम आ चुका है, मेयर और विधायक दोनों इसका श्रेय लेना चाहते हैं.

लेकिन एक ही शिलापट लगाने का श्रेय दोनों के लेने के चक्कर में भाजपा की किरकिरी हो रही है. चूंकि दोनों ही भाजपा से हैं. मेयर ने पिछले साल भाजपा ज्वाइन किया है. विपक्षी राजनीतिक दल इसका फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं और जनता को दिखा रहे हैं की कैसे भाजपा के दोनों नेता सस्ते प्रचार के लिए लड़ रहे हैं. एक परियोजना का क्रेडिट लेने के लिए विधायक और मेयर दो बार शिलापट लगवा रहे हैं.

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