न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

बोकारोः डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ की कमी का दंश झेल रहा डीवीसी अस्पताल, मरीजों को हो रही परेशानी

632

Sanjay

Bermo: बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के अस्पताल की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है. हॉस्पीटल में डॉक्टर्स, स्पेशलिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्निशियन की भारी कमी है.

जून माह में ही कई बार ओपीडी में डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को वापस लौट जाना पड़ा. या फिर उन्हें इंडोर के डॉक्टर से ही अपना इलाज करवाना पड़ा.

कभी-कभी इंडोर के डॉक्टर ओपीडी के मरीजों को देखने में भी आनाकानी करते हैं. इस अस्पताल में जब कोई मरीज बेहतर इलाज और सुविधा की मांग करता है तो, उसे बाहर रेफर कर दिया जाता है.

इसे भी पढ़ेंःसीएम रघुवर दास के निर्देश पर डीजीपी केएन चौबे पहुंचे रिम्स, सुरक्षा-व्यवस्था का लिया जायजा

डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ की कमी

बोकारो थर्मल के हॉस्पीटल में वर्तमान में विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित मेडिकल ऑफिसर के पदों की कुल संख्या 21 है. जिसमें से महज 10 ही पदस्थापित हैं.

जबकि 11 पद रिक्त है. 11 पदों के खाली रहने के कारण ओपीडी, तीन शिफ्ट में इंडोर में डॉक्टरों की ड्यूटी सहित डीवीसी सीएसआर के तहत गांवों में इलाज के लिए डॉक्टर को भेजने में अस्पताल प्रबंधन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

विशेषज्ञ डॉक्टर भी नियमित रुप से अस्पताल नहीं आते हैं. डिप्टी सीएमओ डॉ आर भट्टाचार्य अस्पताल एवं ऑफिस के काम के अलावा स्त्री रोग विशेषज्ञ का भी काम कर रहे हैं.

अस्पताल में इसी प्रकार नर्सिंग स्टाफ के पदों की कुल संख्या 18 है, जबकि पदस्थापित 12 है. लैब तकनीशियनों के तीन पदों में से एक रिक्त है.

अस्पताल के ओपीडी एवं इंडोर में मरीजों को सुविधा नहीं मिलने के कारण अस्पताल के राजस्व में भी कमी देखने को मिल रही है.

इसे भी पढ़ेंःसचिवालय सेवा में एसटी प्रशाखा पदाधिकारी के 171 पद स्वीकृत, कार्यरत सिर्फ एक, 99.5% पोस्ट खाली

मैन पावर की कमी को लेकर लगातार हो रहा पत्राचार

अस्पताल में मैन पावर की कमी को लेकर डिप्टी सीएमओ डॉ आर भट्टाचार्य के द्वारा विगत् वर्ष 2017 मई से ही लगातार पत्राचार किया जा रहा है. बावजूद इसके डीवीसी मुख्यालय के द्वारा उनकी मांगों को अनसुना कर दिया जा रहा है.

‘जल्द होगा समाधान’

इस संबंध में स्थानीय प्रोजेक्ट हेड कमलेश कुमार का कहना है कि स्थानीय अस्पताल में डॉक्टरों एवं मैन पावर की कमी को लेकर मुख्यालय कोलकाता लगातार पत्राचार किया जा रहा है.

संविदा पर दो डॉक्टरों को नियुक्त भी किया गया, लेकिन वे काम छोड़कर ही चले गये. उन्होंने कहा कि उपरोक्त मसले को लेकर कई बार डीवीसी के डीएचएस सहित मुख्यालय प्रबंधन को अवगत करवाया गया है.

खाली पदों को भरे जाने को लेकर आश्वासन भी मिले हैं. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के नहीं रहने के कारण लोगों एवं मरीजों को कठिनाई तो हो रही है. हालांकि इंडोर के डॉक्टरों को भी ओपीडी के मरीजों को देखने के लिए कहा गया है.

इसे भी पढ़ेंःलातेहार : गर्भवती महिला को नहीं मिला एंबुलेंस, बेहोशी की हालत में बाइक से लाया गया अस्पताल

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like