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BSNL, MTNL को बचाने की कोशिश में विलय की तैयारी, मोदी कैबिनेट करेगी अंतिम फैसला

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New Delhi: लम्बे समय से घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की टेलीकॉम कंपनियों एमटीएनएल और बीएसएनएल के विलय पर दूरसंचार विभाग काम कर रहा है.

सूत्रों की माने तो विभाग इन कंपनियों को फिर खड़ा करने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, मामले को लेकर अंतिम फैसला मोदी कैबिनेट लेगी.

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विलय से BSNL, MTNL बचाने की कोशिश

मामले से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि इन कंपनियों को पटरी पर लाने के लिए जिन चीजों पर विचार किया जा रहा है, उनमें विलय भी एक है.

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दूरसंचार विभाग फिलहाल अपनी दो बीमार कंपनियों BSNL और MTNL के विलय के प्रस्ताव पर काम कर रहा है. इस विलय की प्रक्रिया में एक साल से अधिक का समय लग सकता है.

उल्लेखनीय है कि दोनों कंपनियों को महानगर टेलीफोन निगम लि. (एमटीएनएल) और भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को लगातार घाटा हो रहा है. और हाल के समय में उन्हें अपने कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने में भी दिक्कतें आयी हैं.

सूत्र ने कहा, ‘‘कुल पुनरोद्धार योजना में विलय का विकल्प भी शामिल है. इसकी वजह यह है कि बीएसएनएल अपने दम पर अस्तित्व बनी नहीं रह पाएगी. हालांकि, इस पर अंतिम फैसला मंत्रिमंडल को करना है.’’

उसने कहा कि योजना यह है कि एमटीएनएल का बीएसएनएल में विलय कर दिया जाये. एमटीएनएल दिल्ली और मुंबई में टेलीफोनी सेवाएं देती है, जबकि बाकी सर्किलों में बीएसएनएल सेवाएं देती है.

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दूरसंचार विभाग इन कंपनियों के बचाव के लिए पुनरोद्धार पैकेज पर काम कर रहा है. इसमें वीआरएस, संपत्ति का मॉनिटाइजेशन और 4जी स्पेक्ट्रम का आवंटन जैसे विकल्प हैं.

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लगातार घाटे में चल रही बीएसएनएल

संसद में दी गई सूचना के अनुसार, बीएसएनएल का घाटा 2018-19 में बढ़कर 14,202 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. 2015-16 में बीएसएनएल का अस्थायी घाटा 4,859 करोड़ रुपये था. जबकि 2016-17 में 4,793 करोड़ रुपये और 2017-18 में 7,993 करोड़ रुपये का घाटा कंपनी को हुआ था. रेवेन्‍यू की बात करें तो करीब 19,308 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है.

बीएसएनएल के कर्मचारियों की संख्या 1,65,179 है. कंपनी की कुल आमदनी में से कर्मचारियों के वेतन भुगतान की लागत 75 प्रतिशत बैठती है. वहीं निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल के कर्मचारियों की संख्या 20,000 है और कर्मचारियों की लागत कंपनी की आय का मात्र 2.95 प्रतिशत है.

इसी तरह वोडाफोन के कर्मचारियों की संख्या 9,883 है और कर्मचारियों की लागत उसकी आय का 5.59 प्रतिशत बैठती है. एक अप्रैल, 2019 को बीएसएनएल का नेटवर्थ 34,276 करोड़ रुपये (लेखा परीक्षण के बिना और अस्थायी) था. वहीं एमटीएनएल का नेटवर्क नकारात्मक 9,735 करोड़ रुपये था.

संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पिछले महीने लोकसभा में कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों को बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है और उनके पुनरोद्धार को एक व्यापक योजना बनायी जा रही है.

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