न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सीबीआई  विवादः नागेश्वर राव मामले से अलग हुए जस्टिस सीकरी, कल मामला नयी बेंच को ट्रांसफर होगा

नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाने के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई के संदर्भ में सीजेआई रंजन गोगोई के बाद जस्टिस एके सीकरी ने भी खुद को इस सुनवाई से अलग कर लिया है.

51

NewDelhi : नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाने के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई के संदर्भ में सीजेआई रंजन गोगोई के बाद जस्टिस एके सीकरी ने भी खुद को इस सुनवाई से अलग कर लिया है.बता दें कि अब यह मामला शुक्रवार को नयी बेंच को ट्रांसफर किया जायेगा. जानकारी के अनुसार खुद को इस सुनवाई से अलग करने के पीछे जस्टिस सीकरी ने हालात और व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है. जान लें कि सेलेक्शन कमेटी की पिछली बैठक में सीजेआई ने जस्टिस सीकरी को अपना प्रतिनिधि बनाकर भेजा था. इसी कमेटी ने आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटाने का फैसला किया था. कमेटी की बैठक में जस्टिस सीकरी का वोट निर्णायक साबित हुआ था. उन्होंने आलोक वर्मा को हटाने के लिए पीएम मोदी के पक्ष में वोट किया था जबकि लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने वर्मा को पद पर बनाये रखने का समर्थन किया था.

नागेश्वर राव के मामले में सीजेआई गोगोई ने सोमवार को खुद को केस से अलग कर लिया था,  कहा था कि वह सीबीआई निदेशक के चयन के लिए बनी हाई पॉवर कमिटी के सदस्य हैं, ऐसे में उनका इस मामले की सुनवाई करना उचित नहीं होगा. इसके बाद यह मामला जस्टिस सीकरी की अध्यक्षता वाली बेंच में ट्रांसफर कर दिया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने आलोक कुमार वर्मा को भ्रष्टाचार और कर्तव्य की उपेक्षा के आरोपों के कारण एजेंसी के प्रमुख पद से हटा दिया था. इसके बाद सीबीआई के नये निदेशक की नियुक्ति होने तक सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक राव को 10 जनवरी को अंतरिम प्रमुख का प्रभार सौंपा गया था.

आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने याचिका दायर की है

Trade Friends

बता दें कि एनजीओ कॉमन कॉज और आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने याचिका दायर की है कि सीबीआई   निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाये. याचिका में आरोप लगाया गया है कि नागेश्वर राव की नियुक्ति उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति की सिफारिश के आधार पर नहीं की गयी है. याचिका में कहा गया है कि नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक नियुक्त करने का सरकार का पिछले साल 23 अक्टूबर का आदेश SC ने आठ जनवरी को निरस्त कर दिया था. लेकिन, सरकार ने मनमाने, गैरकानूनी, दुर्भावनापूर्ण तरीके से कदम उठाते हुए और डीएसपीई कानून का उल्लंघन करते हुए पुन: यह नियुक्ति कर दी.

याचिका में केंद्र से अनुरोध किया गया है कि वह लोकपाल और लोकायुक्त कानून, 2013 में किये गये संशोधन में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच ब्यूरो का नियमित निदेशक नियुक्त करने का निर्देश जारी करे. साथ ही यह भी अनुरोध किया गया है कि सीबीआई निदेशक पद के लिए अधिकारियों को सूचीबद्ध करने और निदेशक के चयन के तार्किक आधार एवं बातचीत से संबंधित सारा रिकार्ड सुरक्षित रखा जाये.

इसे भी पढ़ें : केजरीवाल ने कहा, कन्हैया देशद्रोह की हो रही है जांच…पर मोदी जी… आपने जो किया, वह क्या है?

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like