न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

चाईबासाः नक्सलियों ने की दो पूर्व माओवादियों की हत्या

519

Chaibasa: जिले के सोनुवा थाना क्षेत्र के पाताहतु गांव में नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी. घटना मंगलवार की देर रात की बतायी जा रही है. बताया जा रहा है कि मारे गये दोनों लोग पहले माओवादी थे.

पुलिस के मुखबिर के आरोप में दोनों की हत्या किये जाने की आशंका जताई जा रही है. घटना के बाद से दहशत का माहौल कायम है. वहीं ख़बर लिखे जाने तक नक्सल प्रभावित एरिया होने की वजह से सोनुवा थाना की पुलिस मौके पर नहीं पहुंच पायी थी.

Jmm 2

इसे भी पढ़ेंःथाना, ओपी पोस्ट व ट्रैफिक में तैनात जवानों को करनी पड़ती है 11 से 14 घंटे की ड्यूटी, नहीं मिलता सप्ताहिक अवकाश

पुलिस के मुखबिर होने के आरोप में हत्या की आशंका

पाताहतु गांव सोनुवा थाना से करीब 15 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर अवस्थित है. जहां नक्सलियों के द्वारा दो लोगों की गला रेतकर हत्या की गयी है. पुलिस मुखबिरी के आरोप में घटना को अंजाम दिये जाने की आशंका है.

खबर है कि हथियारबंद नक्सली ने सबसे पहले पूर्व माओवादी बागुन बोदरा (25 वर्षीय) के घर पहुंचे. वहां से बागुन बोदरा को अपने साथ लेकर दूसरे पूर्व माओवादी डांगो मुंडा (35 वर्षीय) के घर  गये. जिसके बाद दोनों की हत्या कर दी गयी.

Bharat Electronics 10 Dec 2019

इसे भी पढ़ेंःआम्रपाली केस में बड़ा खुलासाः फ्लैट खरीददारों का पैसा धोनी की पत्नी साक्षी की कंपनी में हुआ ट्रांसफर

जान पर भारी पड़ रही पुलिस की मुखबिरी

पुलिस की मुखबिरी करना जान पर भारी पड़ने लगा है. पुलिस के लिए मुखबिरी का काम करने वालों को पुलिस सुरक्षा देती नहीं है. जिसके कारण मुखबिर नक्सली संगठनों के हाथों मारे जा रहे हैं.

अगर पिछले 6 महीने की बात करें तो इस दौरान नक्सलियों ने पुलिस का मुखबिर बताकर झारखंड में सात लोगों की हत्या कर दी है.

नक्सल प्रभावित इलाकों में जिंदगी आसान नहीं

झारखंड के नक्सल प्रभावित जिलों में कभी पुलिस की मुखबिरी करने के आरोप में कोई नक्सलियों का शिकार बन जाता है तो कभी नक्सलियों के सहयोग करने के आरोप में कोई पुलिस के जाल में फंस जाता है.

इस तरह नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वालों के लिए जिंदगी आसान नहीं रह गई है. नक्सलियों का समर्थक होने की वजह से कई लोग जेलों में भी बंद हैं.

इसे भी पढ़ेंःढुल्लू महतो के आगे क्यों मजबूर है बहुमत वाली रघुवर सरकार

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like