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सीएम ने कहा था 10 दिनों में मिले पंचायत स्वयं सेवकों को बकाया राशि,अब तक नहीं हो पाया भुगतान

विभाग, डीसी और बीडीओ कार्यालय का लगा रहे पंचायत स्वयं सेवक चक्‍कर

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Ranchi : पंचायत सचिवालय स्वयं सेवकों को दस दिनों के भीतर बकाया राशि देने की घोषणा मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 28 फरवरी को किया था. लेकिन अब तक पंचायत स्वयं सेवकों को पिछले दो सालों का बकाया राशि नहीं दिया गया है. 28 फरवरी को मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि डीसी के माध्यम से पंचायत स्वयं सेवकों को दो दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाये.

कई पंचायत स्वयं सेवकों ने जानकारी दी कि दस दिन से अधिक हो चुके है मुख्यमंत्री को घोषणा किये, अब डीसी से लेकर बीडीओ कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं. कई पंचायत स्वयं सेवकों ने जानकारी दी कि विभाग की ओर से कहा जाता है कि राशि राज्य के सभी डीसी को आवंटित कराया जा चुका है. वहीं डीसी कहते है कि बीडीओ को राशि आवंटित करा दिया गया है. जबकि बीडीओ कार्यालय में जाने से जानकारी दी जाती है कि स्वयं सेवकों को राशि आवंटित करने के लिए सूची तैयार की जा रही है.

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18 हजार पंचायत स्वयं सेवकों को किया गया था नियुक्त

साल 2016 में 18 हजार स्वयं सेवकों को नियुक्ति किया गया था. शैक्षिणक योग्यता के साथ परीक्षा लेकर इन स्वयं सेवकों को नियुक्त किया गया था. सरकार ही हर योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए, साथ ही जनता की सहायता के लिए प्रोत्साहन राशि देने के साथ इनकी नियुक्ति की गयी थी. विभिन्न योजनाओं में दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि भी अलग-अलग है. जबकि राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद 4402 पंचायतों का गठन किया गया है.

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साल 2017 से नहीं मिला है प्रोत्साहन राशि

पंयाचत स्वयं सेवकों को साल 2017 से प्रोत्साहन राशि नहीं मिला है. अलग-अलग योजनाओं के लिए इन्हें दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि अलग-अलग है. जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक आवास नौ माह में बनवाने पर 12,000 रुपये, राशन कार्ड प्रति लाभूक पर 20 रुपये, वृद्धा एवं विधवा पेंशन पर प्रति लाभूक 10 रुपया, सरकार आपके द्वार के तहत जाति, आवासीय प्रमाण पत्र बनाने पर प्रति लाभूक 50 रुपये दी जाती थी. पंचायत स्‍वयं सेवकों ने पंचायत स्तर पर सूचना प्रसारण, ग्रामीणों को जागरूक करना, ग्रामीणों को सहयोग देना, योजनाओं का डाटाबेस तैयार करना, विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का मूल्याकंन, ग्राम पंचायत को वार्षिक कार्य योजना में सहायता की.

संपर्क नहीं हो पाया

इस संबध में विभाग से संपर्क करने की कोशिश की गयी, लेकिन अधिकारियों का तबादला होने के कारण जवाब नहीं मिल पाया.

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