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खूंटी में राजनीति से जुड़े लोगों की लगातार की जी रही हत्या, अपराधी और नक्सली बना रहे निशाना

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Saurabh Singh

Khunti :  झारखंड का खूंटी जिला वर्ष 2017 से पत्थलगड़ी की खबरों से चर्चा में बना हुआ है. खूंटी में इन दिनों अपराधियों और नक्सलियों के निशाने पर ज्यादातर राजनीति से जुड़े लोग हैं. शुक्रवार की देर रात भी भाजपा नेता शीतल मुंडा और उनकी पत्नी मादे मुंडाईन की हत्या के बाद इस सवाल ने जोर पकड़ा है. पुलिस की सख्ती के बाद भी यहां नक्सली और अपराधी बेखौफ हैं.

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अफीम की खेती के अलावा कई गैर-कानूनी काम भी खूंटी में आज भी देखने को मिल रहा है. पुलिस की सख्ती के बावजूद भी खूंटी में आपराधिक वारदात बढ़ी है. और राजनीति से जुड़े लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. खूंटी की यह हालत पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती बनती जा रही है.

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चार महीने में मारे गये राजनीतिक से जुड़े कई लोग

खूंटी में पिछले चार महीने के दौरान राजनीति से जुड़े छह के साथ ही उनके परिवार वालों की भी हत्या कर दी गयी. जिसे अपराधियों और नक्सलियों द्वारा अंडान दिया गया. बीती सात जुलाई को भी ग्राम प्रधान सुखराम मुंडा की हत्या कर दी गई.

वहीं 22 जुलाई को बीजेपी नेता मागो सहित तीन लोगों की हत्या कर दी गई और 19 अक्टूबर को उपमुखिया शीतल मुंडा और उसकी पत्नी मादे मुंडाइन की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इससे साफ जाहिर होता है कि खूंटी में अपराधियों और नक्सलियों के निशाने पर राजनीति से जुड़े लोग हैं.

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पिछले कुछ वर्षों से चर्चा में रहा है खूंटी

साल 2017 से खूंटी जिला खासा चर्ता में रहने लगा है. चाहे वो पत्थलगड़ी हो या कोचांग गैंगरेप कांड, नक्सलियों की बढ़ती गतिविधियां हों या अफीम की खेती-तस्करी,या फिर राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की हत्या जैसे अपराध हों. इन सभी वारदात की वजह से खूंटी का नाम चर्चा में रहा है.

खूंटी में हुए राजनीतिक लोगों की हत्या

19 अक्टूबर 2019: खूंटी के नक्सल प्रभावित सायको थानांतर्गत आड़ा गांव में शुक्रवार की रात अज्ञात अपराधियों ने भाजपा नेता सह कुड़ापूर्ति पंचायत के उप मुखिया शीतल मुंडा (50 वर्ष) व उनकी पत्नी मादे मुंडाइन की गोली मारकर हत्या कर दी.

 

23 जुलाई 2019: खूंटी के मुरहू के हेठगोवा गांव में बीजेपी नेता मागो मुंडा, उनकी पत्नी लखमनी मुंडू और बेटे लिपराय मुंडू की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

 

7 जुलाई 2019: खूंटी के अड़की प्रखंड के अति उग्रवाद प्रभावित कोचांग गांव के ग्रामप्रधान 52 वर्षीय सुखराम मुंडा की रात नौ बजे अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी.

 

23 अप्रैल 2018: अपराधियों ने कूड़ापूर्ति के पूर्व पंसस सह भाजपा कूड़ापूर्ति पंचायत के अध्यक्ष गणेश मुंडा को गोली मार दिया गया था. 25 अप्रैल को रिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी.

 

2 दिसंबर 2017: खूंटी के बागमा गांव में अज्ञात हमलावरों ने बीजेपी के भैया राम मुंडा को उनके ही घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी थी. हमले में नेता की मां और चचेरा भाई घायल हो गए थे.

 

28 अक्तूबर 2017: खूंटी में राजनीति से जुड़े राजेंद्र महतो की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.

 

6 जुलाई 2017: खूंटी के मुरहू मुख्य चौक पर देर शाम अज्ञात नकाबपोश हथियारबंद अपराधियों ने खाद-बीज व्यवसायी शशि पांडेय की गोली मारकर हत्या कर दी थी. शशि भी राजनीति से जुड़े हुए थे.

 

25 मार्च 2017: खूंटी में भाजपा कार्यकर्ता और ठेकेदार नंदकिशोर महतो की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

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