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495 एमबीबीएस व 496 बीडीएस कॉलेजों की 15 फीसदी सीटों के लिए कल से शुरू होगी काउंसलिंग

देश की 495 एमबीबीएस व 496 बीडीएस कॉलेजों की 15 फीसदी सीटों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया बुधवार से शुरू होगी.

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Ranchi :  देश की 495 एमबीबीएस व 496 बीडीएस कॉलेजों की 15 फीसदी सीटों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया बुधवार से शुरू होगी. इसके लिए मेडिकल काउंसलिंग कमिटी ने काउंसलिंग शेड्यूल पहले ही जारी कर दिया है. साथ ही काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने से पहले किन बातों की जानकारी रखना है, इसकी गाइडलाइन जारी की गयी है.

नीट काउंसलिंग 2019 के संबंध में बायोम इंस्टीट्यूट के निदेशक पंकज सिंह बताते  हैं कि यह पूरी तरह से तकनीकी प्रक्रिया है. इसमें शामिल होने जा रहे विद्यार्थियों को उतनी स्ट्रेटजी बनानी होगी, जितना उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए बनाया होगा. वे बताते हैं कि च्वाइस फिलिंग के दौरान विद्यार्थियों को पिछले साल के रैंक को भी ध्यान में रखना होगा. अगर च्वाइस फिलिंग के दौरान विद्यार्थी के हाथ में बीते तीन साल का लास्ट एडमिशन रैंक होगा तो उन्हें कॉलेज का चयन करने में आसानी होगी.

  बीते तीन साल का लास्ट एडमिशन रैंक

2018

Trade Friends

कैटेगरी    एमबीबीएस रैंक बीडीएस रैंक

जनरल    10449           17093

एससी     64642          79166

एसटी     77792           99791

पीएच(सा)399994      476405

पीएच(एससी)        72535    00

पीएच(एसटी)        607500  00

2017

कैटेगरी    एमबीबीएस रैंक बीडीएस रैंक

SGJ Jewellers

जनरल    8317       12421

ओबीसी   8347       12566

एससी 52996          62747

एसटी 76167          87267

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पीएच(सा) 551574   516199

पीएच(ओबीसी)      91950    327789

पीएच(एससी)        547950  502884

पीएच(एसटी)    256589            00

2016

कैटेगरी    एमबीबीएस रैंक बीडीएस रैंक

जनरल    5849       8448

ओबीसी 5857         8419

एससी     37095    41971

एसटी     63909    68730

पीएच(सा)  206738  135988

पीएच(ओबीसी)      211340  00

पीएच(एससी) 375154          00

पीएच(एसटी) 366952           00

 

कॉलेज चयन से पहले बांड की करें जांच

बायोम इंस्टीट्यूट के निदेशक पंकज सिंह बताते हैं कि केवल रैंक के आधार पर च्वाइस फिलिंग कर देना ही काफी नहीं है. इसके अलावा कई बातें हैं, जिनपर ध्यान देने की जरूरत है. काउंसलिंग में शामिल होने के दौरान इन बातों को ध्यान में रखना जरूरी है. एमसीआइ की वेबसाइट पर जाकर कॉलेज बांड की जानकारी अवश्य लें.  कई सरकारी कॉलेजों में संस्थान छोड़ने पर बांड के तहत तय राशि देना होता है. इसके अलावा एमबीबीएस कोर्स पूरा करने के बाद उसी राज्य में सेवा करने जैसी बाध्यता होती है.  बायोम इंस्टीट्यूट की वेबसाइट पर मौजूद कॉलेज प्रिडिक्टर की मदद से अपने रैंक के हिसाब से कौन सा कॉलेज मिलना है, इसकी जानकारी भी लें. पिछले वर्ष जितने रैंक पर एडमिशन बंद हुआ था, उससे 2000 कम रैंक के कॉलेजों का भी चयन करें.

उदाहरण के लिए अगर छात्र का रैंक 5000 है तो वह केवल 5000 के रैंक वाले कॉलेज का चयन न करें. उसे 2000 कम रैंक में जिस कॉलेज में गत वर्ष नामांकन हुआ था, उसका भी चयन करना चाहिए.-अगर किसी छात्र को पहले राउंड की काउंसलिंग में कॉलेज नहीं मिला है या उसने पहले राउंड की काउंसलिंग में हिस्सा नहीं लिया वह सीधा दूसरे राउंड की काउंसलिंग में शामिल हो सकता है.अगर किसी छात्र को सेंट्रल काउंसलिंग में कॉलेज मिल जाता है और वह राज्य की 85 फीसदी सीट की काउंसलिंग में हिस्सा लेना चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है. मतलब एक छात्र सेंट्रल व स्टेट दोनों ही काउंसलिंग में हिस्सा ले सकता है.

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