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धनबादः दो पक्षों के बीच विवाद के कारण मेला पर लगा ग्रहण, दुकानदारों के समक्ष उत्पन्न हुई विकट स्थिति

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Dhanabd : दो पक्षों के विवाद में जोड़ापोखर के डिगवाडीह में गणेश महोत्सव को लेकर लगनेवाले मेला पर ग्रहण लग गया है. दो पक्षों के बीच हिंसा की आशंका को देखते हुए एसडीएम ने यहां धारा 144 लगा दी है. धारा 144 लगने के कारण इस बार शहर के लोग गणेश महोत्सव को लेकर लगने वाले मेला से तो वंचित होंगे ही, मेला में दुकान लगानेवाले लोगों की भी परेशानी इससे बढ़ गयी है.

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डिगवाडीह सर्कस मैदान में 30 वर्षों से गणेश पूजा के अवसर पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता रहा है. इस बार 31वां गणेश महोत्सव का आयोजन होनेवाला था. मेला के आयोजन को लेकर प्रशासन ने दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने की कोशिश की लेकिन समाधान नहीं निकल सका. दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने हो गये. खूनी संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गयी. प्रशासन ने बीच बचाव कर तत्काल स्थिति तो संभाल लिया लेकिन विवाद और आगे नहीं बढ़े, इसको देखते हुए मेला स्थल पर धारा 144 लगा दिया. इस संबंध में एसडीएम राज महेश्वरम का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनने पर यहां मेला का आयोजन नहीं होगा, सिर्फ पूजा होगी. बताया जाता है कि डिगवाडीह सर्कस मैदान में मेला लगाने को लेकर पिछले वर्षों में भी यहां पर हिंसक झड़पें हुई हैं.

आकर्षक होता है यहां का पंडाल

डिगवाडीह के सर्कस मैदान में गणेश महोत्सव को लेकर भव्य पंडाल का भी निर्माण किया जाता है. यहां के पंडाल को जिले भर में सबसे सुंदर और आकर्षक माना जाता है. यहां के पंडाल को राज्य स्तर पर पुरस्कार के लिए चुना जाता रहा है. गणेश महोत्सव को लेकर इस बार भी पंडाल का निर्माण शुरू हुआ लेकिन दो पक्षों के बीच विवाद के कारण यह निर्माण अभी तक अधूरा पड़ा हुआ है. पंडाल बनाने आये कारीगर काम छोड़ कर जा चुके हैं.

क्या कहते हैं दोनों पक्षों के लोग

प्रथम कमेटी के सदस्य दिनेश यादव ने बताया कि अशोक दत्ता ने जॉर्ज से पावर ऑफ अटर्नी ली थी. जिसके बाद इस जमीन पर अशोक दत्ता से नो ऑब्जेक्शन लेकर गणेश पूजा में मेला लगाया जा रहा है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से असामाजिक तत्व के लोग इसमें फर्जी जमीन का कागज दिखा कर विवाद कर रहे हैं. वहीं दूसरी कमेटी के सदस्य मदन राम की मानें तो पुरानी कमेटी प्रति वर्ष मेला से आने वाले 15 से 20 लाख रुपये की बंदरबांट कर रही है. नयी कमेटी इसका विरोध कर रही है. साथ ही पुरानी कमेटी जिस जमीन का पेपर जॉर्ज के पास दिखा रही है, वह नकली है. हकीकत में यह जमीन विनोद मरांडी की पुश्तैनी जमीन है.

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पांच वर्षों से हो रहा है विवाद, उत्पन्न हो जाती है हिंसक स्थिति

आपको बता दें कि डिगवाडीह सर्कस मैदान में गणेश पूजा को लेकर लगने वाले मेले को लेकर लगभग पांच वर्षों से विवाद हो रहा है. हर बार हिंसक स्थिति उत्पन्न हो जाती है. प्रशासन हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करता है और मेला का संचालन होता है. इस बार मेला आयोजन को लेकर स्थिति विस्फोटक नहीं हो, इसलिए एसडीओ राज महेश्वरम ने बैठक कर दोनों पक्षों को सहमति बनाने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि जब तक दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं होगी, मेला का संचालन नहीं होगा. सिंदरी डीएसपी प्रमोद केसरी ने भी इस मामले में दोनों कमेटी मिलाकर एक समानांतर कमेटी बनाने का निर्देश दिया था लेकिन दोनों पक्षों के बीच अभी तक सहमति ही नहीं बन पायी है.

दुकानदारों के समक्ष उत्पन्न हुई विकट स्थिति

मेला को लेकर दूर-दराज से भी लोग यहां दुकान लगाने के लिए आते हैं. विवाद को देखते हुए इनमें से कुछ दुकानदारों का सामान भी प्रशासन ने जब्त कर लिया है. कुछ दुकानदार काफी दिनों से इस इंतजार मैं बैठे हैं कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनेगी अपनी दुकान लगा पायेंगे. इन दुकानदारों ने बताया कि इस मेले को लेकर उन्हें काफी उम्मीद रहती है. मेले में कुछ कमाई हो जाती है लेकिन इस बार विवाद के कारण कमाई के बदले नुकसान ही हो रहा है.

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