न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

धनबाद: डोमागढ़ बस्ती के लोग नहीं जानते अपने विधायक का नाम, कहा- जो आते ही नहीं, उनका नाम जानकर करेंगे क्या

991

Rajnjit Kumar Singh
Dhanbad : सिंदरी विधानसभा के डोमागढ़ बस्ती के रहने वाले लोग अपने सांसद और विधायक का नाम तक नहीं जानते. पूछने पर बताते हैं कि उन लोगों का नाम जानकर ही क्या करेंगे. क्योंकि उन्होंने हमारी बस्ती की ओर कभी रूख ही नहीं किया है. उन्हें हमारी बस्ती के विकास से कोई लेना-देना ही नहीं. तो हम उनका नाम जानकर क्या करेंगे.

डोमागढ़ बस्ती के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं. बस्ती में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें आज तक राशन कार्ड भी नहीं मिल पाया है. बस्ती को जोड़ने वाली सभी सड़कें जर्जर हैं.

JMM

पीने के पानी के लिए लोगों को रोज कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है. बस्ती के अधिकतर लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने को मजबूर हैं. इसके बावजूद इन्हें सभी तरह की सरकारी सुविधाओं से वंचित रखा गया है.

इसे भी पढ़ें- पलामू प्रमंडल की नौ सीटों पर BJP के चार बागी मैदान में, कमल की राहों में बिछा सकते हैं कांटे

जिला ओडीएफ हो गया लेकिन डोमागढ़ के घरों में नहीं बने शौचालय

डोमागढ़ बस्ती की रूपा देवी कहती हैं कि उन्हें नहीं पता कि पीएन सिंह कौन हैं और फूलचंद मंडल किसका नाम है. उन्हें तो इतना पता है कि धनबाद जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है बावजूद इसके उनके घर में अभी तक शौचालय नहीं बना है.

टूटी-फूटी झोपड़ी में किसी तरह गुजारा करती हैं, लेकिन उन्हें अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं दिया गया है. रूपा देवी बताती हैं कि आप ही बताइये, जो नेता हमारे काम का नहीं, हम उसका नाम जानकर ही क्या करेंगे?

40 वर्षों में बस्ती में किसी नेता को नहीं देखा

मीना देवी कहती हैं कि वे डोमागढ़ बस्ती में 40 वर्षों से रह रही हैं. लेकिन आज तक बस्ती में किसी नेता को आते नहीं देखा. मीना अपने पार्षद गोपाल महतो को ही अपना विधायक समझती हैं.

उनका कहना है कि गोपाल महतो बस्ती में आते-जाते रहते हैं इसलिए उन्हें उनका नाम पता है. जो लोग उनकी बस्ती में आते ही नहीं, उनका नाम पता करके वे क्या करेंगी?

इसे भी पढ़ें- हजारीबाग: भाकपा माओवादी से ज्यादा उग्रवादी संगठन मचा रहे उत्पात, लेवी के लिए हत्या, आगजनी व फायरिंग की घटना को दे रहे अंजाम

वोट तो दिया लेकिन बस्ती में न सड़क है न पानी

गायत्री देवी का कहना है कि जो उनकी समस्याओं का समाधान करेगा, उसी को वे अपना वोट देंगी. गायत्री देवी का कहना है कि बस्ती के लोग इतना-पढ़े लिखे नहीं हैं कि वे यह जान सके कि उनका सांसद और विधायक कौन है.

उन्होंने कहा कि हर चुनाव में उन्होंने वोट किया है. लोगों ने जिसको बताया, उसको वोट दिया लेकिन आज तक उन्हें क्या मिला. बस्ती के लोगों के पास न सड़क है न पानी.

इसे भी पढ़ें- अखिल भारतीय ब्राह्मण विकास परिषद ने बैठक कर कहा- टिकट बंटवारे में की गयी ब्राह्मणों की उपेक्षा, देंगे माकूल जवाब

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like