न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

जिला प्रशासन हजारीबाग की अनोखी पहल, 330 आंगनबाड़ी केंद्रों की बदल रही है तस्वीर

डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउण्डेशन ट्रस्ट के माध्यम से केरेडारी, डाडी एवं बड़कागांव के 330 केन्द्रों का कायाकल्प

62

Hazaribagh : जिला प्रशासन हजारीबाग द्वारा पहल करते हुए खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्थित 330 आंगनबाड़ी केन्द्रों का कायाकल्प किया जा रहा है. उप विकास आयुक्त विजया जाधव के दिशानिर्देशन में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउण्डेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के माध्यम से यह योजना संचालित की जा रही है. ये आंगनबाड़ी केन्द्र केरेडारी, बड़कागांव व डाडी प्रखण्ड में मौजूद हैं. इन केन्द्रों में बच्चे बाकायदा यूनिफार्म में आते हैं, उन्हें खेल-खेल में पढ़ाई करायी जाती है.

स्कूल का माहौल किसी मॉडर्न प्ले स्कूल से कमतर नहीं है. इनके केन्द्रों में भोजन, सफाई, अनुशासन व अध्ययन पर खासा जोर दिया जा रहा है. इन आंगनबाड़ी केन्द्रों की खासियत यह है कि इनमें बच्चों की पंसद के रंगरोगन कर उनकी जरूरतों का पूरा ख्याल रखा गया है. वहीं आंगनबाड़ी केन्द्रों को आकर्षक बनाने के लिए चटक रंगों का इस्तेमाल किया गया है.

इसे भी पढ़ें : पलामू: बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिली तो भड़के पंचायत प्रतिनिधि, स्वास्थ्य मंत्री के कार्यक्रम का किया बहिष्कार

Trade Friends

आंगनबाड़ी केन्द्र का माहौल बच्चों में पढ़ाई के प्रति सकारात्मक रुचि पैदा कर रहा है

बच्चों के बैठने की समूचित व्यवस्था, अतिरिक्त पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य की नियमित जांच जैसे बिन्दुओं पर खास ख्याल रखा जा रहा है. बच्चों को कुपोषण से बचाव के लिए गुणवत्तायुक्त पौष्टिक आहार दूध, गुड़-बादाम की चिक्की व च्यवनप्राश आदि नियमित रूप से दिये जा रहे हैं. यह पौष्टिक आहार सरकार की ओर से प्रदान किये जाने वाले आहार के अतिरिक्त है. आंगनबाड़ी केन्द्र का माहौल बच्चों में पढ़ाई के प्रति सकारात्मक रुचि पैदा कर रहा है. यही वजह है कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की अच्छी उपस्थिति देखी जा रही है.

Related Posts

500 मेगावाट के पावर प्लांट को दो माह बाद किया गया लाइटअप, ऐश पौंड के लिए जगह का संकट

सीसीएल की बंद खदानें नहीं मिलीं तो बंद हो सकते हैं बोकारो थर्मल एवं चंद्रपुरा के पावर प्लांट : बीएन साह

योजना का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाना

उपायुक्त भुवनेश प्रताप सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ उन्हें बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा प्रदान करना है. डीएमएफटी फंड से यह मॉडल केन्द्र बनाये गये हैं, प्रयास है कि गरीब बच्चों को केन्द्र में पोषक आहार के साथ अच्छी शिक्षा दी जाये.

उन्होंने कहा कि केन्द्रों के बेहतर संचालन के निमित संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निदेश दिये गये हैं.  यह योजना मार्च, 2019 में प्रारंभ की गयी, इससे बड़कागांव के 157, केरेडारी के 91 तथा डाडी के 82 आंगनबाड़ी केन्द्रों के 3-6 आयुवर्ग के लगभग 7 हजार बच्चों को लाभ मिल रहा है. इसके पूर्ण सफलता के बाद इस मॉडल को पूरे जिले में भी लागू करने की योजना है.

इसे भी पढ़ें : समीर मंडल हत्याकांड की तेरहवीं : SIT गठन के 11वें दिन भी पुलिस को नहीं मिला हत्यारों का कोई सुराग

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like