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डॉक्टरों की देश व्यापी हड़ताल, मरीजों की जान सांसत में, सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई  

आरडीए के प्रेसिडेंट ने कहा, क्या हमारी जानमाल और सुरक्षा के लिए आपके लिए कुछ भी नहीं है. आपकी सेवा में हमेशा तत्पर रहते हैं, लेकिन डर के माहौल में हम कैसे सेवा कर सकते हैं.

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NewDelhi :  कोलकाता में दो जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट के बाद देश के 10 लाख डॉक्टर हड़ताल पर हैं. देश की राजधानी दिल्ली में कई सरकारी और निजी अस्पतालों में सोमवार को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हो  गयी.   इस क्रम में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIIMS) में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन  ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.  आरडीए के प्रेसिडेंट ने कहा, क्या हमारी जानमाल और सुरक्षा के लिए आपके लिए कुछ भी नहीं है. आपकी सेवा में हमेशा तत्पर रहते हैं, लेकिन डर के माहौल में हम कैसे सेवा कर सकते हैं. हमारे डॉक्टरों पर हमला करने की कोशिश की गयी, हमारे हॉस्टल में बम फेंके गये, ऐसे में हम कैसे अपना काम करेंगे.

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डॉक्टरों की जायज मांगों को सुनें

हमारे नाम के आगे डीआर (Dr) लिखा है, जो हमें हमारे देश की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध करता है. क्या आपके परिवार में या पड़ोस में कोई डॉक्टर नहीं है. अगर उनके साथ ऐसा होगा क्या करेंगे. मैं पीएम नरेंद्र मोदी से पूछना चाहता हूं क्या उनका फर्ज नहीं बनता कि बंगाल की मुख्यमंत्री से बात करें और उन डॉक्टरों की जायज मांगों को सुनें. समाज के हर वर्ग लोगों को समझना चाहिए कि हमारी क्या समस्या है. हम आंतक और डर के माहौल में काम नहीं करेंगे. अब हमें पूर्ण न्याय चाहिए. एक ऐसा कानून चाहिए कि जिससे डॉक्टरों को मारपीट या हमला करने से पहले हजार बार सोचे.

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उधर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने देशभर के सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. साथ ही कोलकाता मेडिकल कालेज में डॉक्टर पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश देने की भी मांग की गयी  है. कोलकाता में डॉक्टर पर हमले के विरोध में देशभर में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल के मामले में दाखिल जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार  सुनवाई करेगा.

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पश्चिम बंगाल , कर्नाटक, गोवा, बिहार, झारखंड, यूपी में चिकित्सा सेवाएं बाधित

पश्चिम बंगाल में प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए भारतीय चिकित्सा संगठन (आईएमए) के एक दिन के हड़ताल के आह्वान के बाद कर्नाटक में सैकड़ों निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लिनिकों में सोमवार को ओपीडी सेवा प्रभावित रही. गोवा में कई डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल में अपने कुछ साथियों पर हमले की निंदा करते हुए सोमवार को काम का बहिष्कार किया और मौन प्रदर्शन किया.   सोमवार को ओडिशा के कई अस्पतालों के डॉक्टर कामकाज पर नहीं आये. यह हड़ताल पश्चिम बंगाल में आंदोलन कर रहे चिकित्सकों के समर्थन में की गयी  है.

बिहार में सोमवार को डॉक्टरों की हड़ताल से चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो गयीं. राज्य में पिछले कुछ दिनों में भीषण गर्मी और लू तथा दिमागी बुखार से 100 से अधिक बच्चों की जान जा चुकी है. हिमाचल प्रदेश में सरकारी डॉक्टरों ने सोमवार को ड्यूटी के दौरान काली पट्टी बांधकर पश्चिम बंगाल में प्रदर्शन कर रहे सहयोगी डॉक्टरों के प्रति एकजुटता दिखायी.  BJP सांसद बाबुल सुप्रियो ने डॉक्टरों की देशव्यापी हड़ताल पर  कहा, देश के अस्पतालों में आज जो संकट खड़ा हुआ है, उसके लिए ममता बनर्जी ज़िम्मेदार हैं

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