न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

14 सालों से कार्य बल की कमी से जूझ रहा दुमका सेंट्रल जेल

अखिलेश सिंह, अनिल शर्मा जैसे गैंगस्टर समेत कई कुख्यात नक्सली है बंद

1,171

Dumka: झारखंड का दुमका सेंट्रल जेल पिछले 14 वर्षों से कार्य बल की कमी से जूझ रहा है. बता दें सेंट्रल जेल में राज्य के कई बड़े गैंगस्टर समेत हार्डकोर नक्सली बंद हैं.

2005 में दुमका सेंट्रल जेल बना, उसके बाद से ही दूसरे जिलों के अंतरराज्यीय कुख्यात कैदियों को यहां भेजा जाता रहा है. जिसमें कई गैंगस्टर और हार्डकोर उग्रवादी भी हैं. लेकिन इसके बावजूद इस सेंट्रल जेल में कार्य बल की काफी कमी है.

JMM

416 कैदी की देखरेख के लिए साढ़े छह दशक पहले जितने कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था, आज उससे चार गुना ज्यादा कैदी के लिए उससे भी कम कर्मचारी मुहैया कराये गये हैं.

इसे भी पढ़ेंः धनबाद : भाजपा नेत्री ने कहा, ‘पार्टी के कुछ लोग कर रहे बदनाम, नहीं हुई कार्रवाई तो खुदकुशी कर लूंगी’

कार्यबल की कमी से जूझ रहा दुमका सेंट्रल जेल

गौरतलब है कि दुमका सेंट्रल जेल में वर्तमान में सहायक जेलर के 5 पद हैं, लेकिन अभी एक भी उस पद पर कार्यरत नहीं है. उच्च कक्षपाल के 28 पद हैं, जिसमें एकमात्र उच्च कक्षपाल ही पदस्थापित है. कक्षपाल के 96 पद हैं, लेकिन मात्र 20 ही कार्यरत हैं.

76 कक्षपाल की कमी को दूर करने के लिए 44 भूतपूर्व सैनिकों को संविदा पर रखा गया है और इसमें से भी 2 कक्षपाल एवं 7 भूतपूर्व सैनिकों को मधुपुर प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है. वहीं बने नौ वॉच टावर पर से कैदियों की निगरानी के लिए नौ पद हैं, जहां 4 होमगार्ड के जवान को टावर पर और 2 जैप के जवान को वॉच टावर पर तैनात किया गया है. 3 टावर पर जवान तैनात नहीं हैं. यहां पर भी तीन पद रिक्त हैं.

गैंगस्टर अखिलेश सिंह, अनिल शर्मा समेत कई कुख्यात नक्सली है बंद

दुमका सेंट्रल जेल में गैंगस्टर अखिलेश सिंह और अनिल शर्मा समेत करीब 60 हार्डकोर नक्सली बंद हैं. जिनपर पैनी नजर रखी जाती है. ऐसे में उच्च कक्षपाल के 28 पद में मात्र एक उच्च कक्षपाल और आधे से अधिक कक्षपाल के पद खाली रहने से सुरक्षा व्यवस्था में कमी से इनकार नहीं किया जा सकता है.

इसे भी पढ़ेंः#NewTrafficRule पर खुल कर बोल रहें हैं- पढ़ें लोग क्या कह रहे हैं (हर घंटे जाने नये लोगों के विचार)

इसी प्रकार सेंट्रल जेल में 2 चिकित्सा पदाधिकारियो का पद है, लेकिन एक भी पदस्थापित नहीं हैं. ड्रेसर एवं कम्पाउंडर का पद भी खाली है. दुमका सेंट्रल जेल में लगभग 1400 के करीब कैदी हैं, जिसके लिए स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जरूरी है.

झारखंड पुलिस और दुमका जेल प्रशासन आमने-सामने आ गए थे

कुख्यात गैंगेस्टर अनिल शर्मा के मामले में झारखंड पुलिस और जेल प्रशासन आमने-सामने आ गए थे. झारखंड पुलिस की दो विंग्स स्पेशल ब्रांच और सीआइडी ने अनिल शर्मा की गतिविधियों की रिपोर्ट की थी.

जिसमें बताया गया था कि अनिल शर्मा दुमका जेल में बैठ कर रेलवे के ठेकों के लिए रंगदारी मांग रहा है. इसके लिए रांची पुलिस ने अनिल शर्मा के गुर्गे डब्लू शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. अब पूरे मामले में दुमका जेल प्रशासन ने एक जांच कर रिपोर्ट दुमका एसपी और गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को भेजी, जिसमें अनिल शर्मा को जेल प्रशासन ने क्लीनचीट दे दी थी.

इसे भी पढ़ेंः#NewTrafficRule पीयूसी केंद्र में लोगों की लम्बी कतार, वर्दी का रौब दिखा पुलिस कर्मी ने पहले बनवाया सर्टिफिकेट

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like