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एक्विट रेटिंग्स में अनुमान, RBI से मिले पैसे का क्या कर सकती है सरकार

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Mumbai : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) केंद्र सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपये देगी. मंदी की आहट के बीच आरबीआइ ने जब सरकार के लिए खजाना खोला तो कई तरह के सवाल उठने लगे. सवाल उठा कि क्या देश की आर्थिक स्थिति बिगड़ गयी है. साथ ही यह भी सवाल सामने आया कि आरबीआइ से मिले रकम का सरकार क्या करेगी.

क्या कहती है रिपोर्ट

इसी बीच बुधवार को एक्विट रेटिंग्स (Acuite Ratings) की एक रिपोर्ट सामने आयी. जिसमें यह बताया गया कि सरकार को जो आरबीआइ से 1.7 लाख करोड़ की रकम मिल रही है उससे सरकार को चालू वित्त वर्ष में आर्थिक मंदी की पृष्ठभूमि में अपनी वित्तीय हालत को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी.

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सराकर को इस रकम से सरकारी निवेश में वित्तीय घाटा बढ़ने की चिन्ता नहीं करनी पड़ेगी और अधिक रकम लगाने का मौका भी मिलेगा. वित्त वर्ष 2019-20 के लिए वित्तीय घाटा को 3.3 फीसदी रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक इस पैसे से राजस्व में आयी कमी को कम करने में मदद मिलेगी. जो कि 4.8 लाख करोड़ के बजटीय अनुमान से करीब 12.5 फीसदी कम 4.2 लाख करोड़ रुपये इकट्ठा होने का अनुमान है.

Bharat Electronics 10 Dec 2019

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एक्विट के अनुसार यह अपेक्षा करना ठीक है कि वृद्धिशील निधि मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे में पूंजीगत व्यय पर निवेश की जाएगी, और यह निवेश में छाई मंदी को दूर करने के साथ ही खपत चक्र को भी बढ़ावा देगा.

एक्विट रेटिंग्स की राय से आरबीआइ से मिलने वाली रकम से सरकार को राजकोषीय अनुशासन के संबंध में अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों से भटके बिना मध्यम राजकोषीय हस्तक्षेप का रास्ता अपनाने का अवसर मिलता है.

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