न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#RamMandir : आज से शुरू होगी अयोध्या मामले की अंतिम सुनवाई, शहर में धारा 144 लगायी गयी

2,618

Ayodhya: लंबे समय से चल रहे अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद के विवाद को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में जारी सुनवाई सोमवार, यानी 14 अक्टूबर से अपने अंतिम चरण में पहुंच गयी है.

इस मद्देनजर, शहर में किसी तरह की अपात स्थिति से निपटने के लिए धारा 144 लागू कर दी गयी है. प्रशासन का कहना है कि आने वाले त्योहार को देखते हुए लोगों की सुरक्षा आदि को ध्यान में रखकर ये फैसला लिया गया है.

सूत्रों के अनुसार अयोध्या में 10 दिसंबर तक धारा 144 लागू रखने का निर्णय लिया गया है. नियम के मुताबिक इस दौरान चार या इससे अधिक लोगों के एक साथ बैठ और मीटिंग आदि करने की मनाही रहेगी.

इसे भी पढ़ेंः #SouravGanguly बन सकते हैं बीसीसीआइ अध्यक्ष, आज करेंगे नामांकन

Trade Friends

पिछले छह अगस्त से हो रही है प्रतिदिन सुनवाई

गौरतलब है कि CJI रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने अयोध्या मामले में छह अगस्त से प्रतिदिन सुनवाई आरंभ की थी. सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला विवाद को सुलझाने के लिए बनी मध्यस्थता समिति के असफल हो जाने के बाद लिया था.

आपको बता दें कि दशहरा की छुट्टियों के बाद मामला सुलझाने के लिए डेडलाइन संशोधित किया जा चुका है. संशोधन के बाद 17 अक्टूबर तक कार्यवाही पूरी कर लेने की बात कही गयी है.

इसे भी पढ़ेंः #UP: मऊ में सिलेंडर ब्लास्ट से दो मंजिला इमारत ढही, 10 लोगों की मौत-12 से ज्यादा घायल

इससे पहले 2010 में उच्चतम न्यायालय ने सुनाया था निर्णय

बता दें कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इससे पहले मामले में 2010 में निर्णय सुनाया था. कई सुनवाइयों के बाद न्यायालय ने 2.77 एकड़ विवादित जमीन को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच बांटने का फैसला सुनाया था. उच्च न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 14 याचिकाएं दायर की गयी थीं.

अयोध्या मामले में 1950 में दायर हुई थी पहली याचिका

जानकारी के मुताबिक, अयोध्या भूमि विवाद को लेकर लोअर अदालत में पांच याचिका दायर की गयी. सबसे पहले इस मामले में रामलला के भक्त गोपाल सिंह विशारद ने 1950 में याचिका दायर की थी.

श्री सिंह ने विवादित भूमि पर हिंदुओं को पूजा-अर्चना करने देने की न्यायालय से अनुमति मांगी थी. फिर इसी साल परमहंस रामचंद्र दास ने भी एक याचिका दायर की.

और बाबरी मस्जिद के मुख्य गुंबद के नीचे रामलला की मूर्ति स्थापित करने व पूजा-अर्चना की अनुमति की मांग की थी. कुछ कारणों से, बाद में ये अपील वापस ले ली गयी थी.

इसे भी पढ़ेंः #RaviShankarPrasad ने आर्थिक मंदी पर अपना विवादित बयान तो वापस ले लिया, तब तक ट्विटर पर लोगों ने मजे ले लिए, आप भी देखें

SGJ Jewellers

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like