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 #FodderScam: HC के वकील के निधन के कारण लालू यादव की जमानत याचिका पर टली सुनवाई

सुनवाई की अगली तारीख 29 नवंबर तय की गयी है.

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Ranchi: चारा घोटाला मामले में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार होटवार में सजा काट रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर शुक्रवार को हाइकोर्ट में सुनवाई टल गयी.

जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में यह मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन शुक्रवार को हाइकोर्ट के एक वकील के निधन के कारण लालू के बेल पर सुनवाई नहीं हो सकी. सुनवाई की अगली तारीख 29 नवंबर तय की गयी है. 

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हालांकि, सीबीआइ की ओर से अदालत में जवाब दाखिल कर दिया गया है. इसमें सीबीआइ ने लालू प्रसाद की जमानत का विरोध किया है. कहा है कि लालू प्रसाद ने दुमका कोषागार मामले में जमानत दाखिल की है. इस मामले में लालू ने मात्र 22 माह ही जेल में बिताया है. ऐसे में सजा की आधी अवधि भी पूरी नहीं हो रही है.

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सीबीआइ ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा था समय 

इससे पहले 8 नवंबर को हाइकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था. जिसके बाद मामले की अगली सुनवाई 22 नवंबर को तय की गयी थी.

चारा घाेटाले से जुड़े दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में लालू यादव ने जमानत मांगी है. लालू यादव ने बीमारी का हवाला देकर याचिका दाखिल की थी. याचिका में बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया गया था. गौरतलब है कि देवघर काेषागार से अवैध निकासी मामले में उन्हें जुलाई में ही जमानत मिल चुकी है.

23 दिसंबर 2017 से जेल में बंद है लालू यादव

लालू प्रसाद को चारा घोटाले के दुमका, देवघर और चाईबासा मामले में सीबीआइ कोर्ट ने सजा सुनायी है. इन तीनों मामलों में 23 दिसंबर 2017 से वो जेल में हैं. बीमार होने की वजह से रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती हैं.

लालू प्रसाद डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की बीमारी, क्रॉनिक किडनी डिजीज, फैटी लीवर, पेरियेनल इंफेक्शन, हाइपर यूरिसिमिया, किडनी स्टोन, फैटी हेपेटाइटिस, प्रोस्टेट जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं. इस वजह से उन्हें बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में न रख कर रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती कराया गया है.

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दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ की अवैध निकासी के मामले में 7 साल की सुनायी गयी है सजा

बता दे चारा घोटाले से जुड़े दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में दो अलग-अलग धाराओं में लालू को 7-7 साल की सजा सुनायी गयी है और साथ में 60 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है.

वहीं देवघर कोषागार से 84.53 लाख रुपये की अवैध निकासी के मामले में उन्हें साढ़े तीन साल की सजा और 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

चाईबासा कोषागार से अवैध तरीके से 37.7 करोड़ और 33.67 करोड़ रुपए की अवैध निकासी के मामले में पांच-पांच साल की सजा सुनायी गयी है. लालू की यह तीनों सजा एक साथ चल रही है.

चारा घोटाले का घटनाक्रम

चारा घोटाला जानवरों के चारा, दवाई और पशुपालन उपकरणों का घोटाला है. 900 करोड़ का चारा घोटाला साल 1996 में सामने आया था. इस मामले में बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव और जगन्नाथ मिश्रा मुख्य आरोपी बने. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा का हाल ही में निधन हो गया है.

10 मई 1997 को सीबीआइ ने राज्यपाल से लालू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. 23 जून 1997 को लालू और 55 अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गयी. चारा घोटाले में 29 जुलाई 1997 को लालू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया था.12 दिसंबर 1997 को लालू यादव रिहा हो गये लेकिन 28 अक्टूबर 1998 को लालू यादव को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया.

मार्च 2012 को सीबीआइ ने पटना कोर्ट में लालू यादव, जगन्नाथ मिश्रा सहित 32 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. 2013 में चारा घोटाले से जुड़े एक मामले चाईबासा केस में लालू को सजा मिली. लालू यादव वर्तमान में चार मामलों में सजायाफ्ता हैं.

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