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हर घटना-दुर्घटना के लिए खाकी की ही क्यों, सफेदपोशों की भी हो जिम्मेदारी तय : पुलिस मेंस एसोसिएशन

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Ranchi : झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राकेश पांडे ने शीर्ष पर बैठे राजनेता से लेकर आला अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि कहीं भी, कभी भी, कोई भी आपराधिक घटना या यूं कहें कि किसी भी तरह की घटना होती है, तो सभी लोग पुलिस को कोसने से नहीं चूकते हैं. लेकिन, इन सबके पीछे कहीं न कहीं शीर्ष पर बैठे राजनेता से लेकर आला अधिकारियों का दबाव कनीय पुलिसकर्मियों पर बना रहता है.

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किसी भी घटना में रसूख रखनेवाले पर नहीं गिरती है गाज

झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ने कहा कि जबरन हमारे जवान के हथियार डलवा लिये जाते हैं. असामाजिक तत्व को जमा कर पुलिस के हथियार को छिनवाने का काम अपनी खोखली शान और दबंगई के  लिए किया जाता है. परंतु, किसी भी घटना में रसूख रखनेवाले पर गाज नहीं गिरती. हमारे जवानों के साथ भेदभाव की नीति अपनाते हुए उन्हें सजा दी जाती है, जबकि सरकार/प्राधिकार अपना काम बिना भेदभाव के करना शुरू कर दे, तो हमारे जवानों के हथियार कोई अपराधी छीनकर नहीं भाग सकता है.

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रसूखवाले व्यक्ति वर्दी उतरवाने की बात करते हैं

पुलिस मेंस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ने कहा कि हमारे जवान द्वारा अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए जैसे ही पुलिसिया कार्रवाई की जाती है, अपराधियों को दबोच लिया जाता है, तो कोई न कोई बड़ी शानो-शौकत रसूख वाला आदमी हमारी वर्दी उतरवाने एवं अपने पावर का रौब दिखाने लगता है. अगर हमारे जवानों द्वारा अपराध को नियंत्रण करने के लिए कार्रवाई की जाती है, तो यही सरकार में बैठे हमारे नेता विपक्ष की भूमिका में आ जाते हैं. हमारी विडंबना है कि हमारे हाथ में लाठी है, परंतु हम चला नहीं सकते. हमारे शरीर पर वर्दी है, परंतु उसे उतारने की बात सभी करते हैं.

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जान जोखिम में डालकर जनता की सुरक्षा करते हैं जवान

उन्होंने कहा कि कभी किसी ने यह नहीं देखा कि हम दूसरे की नाकामी छिपाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सुरक्षा करते हैं. भले ही पर्याप्त बल हो न हो, दो जवान में भी अपराधियों से लोहा लेने के लिए निकल पड़ते हैं. इस परिस्थिति में अगर हमें पूर्ण अधिकार नहीं दिया जायेगा, तो पुलिसकर्मियों का मनोबल गिरेगा और अपराधी बेलगाम होंगे.

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