न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

रिलायंस इंडस्ट्रीज के इंडिपेंडेंट डाइरेक्टर बने पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी, उनके कामों को भी जान लीजिये

843

Girish Malviya

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) केवी चौधरी को स्वतंत्र निदेशक बना लिया है. चौधरी 1978 बैच के भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी हैं. वह 2014 में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के प्रमुख बने थे. सेवानिवृत्ति के बाद भी उनपर मोदी सरकार की मेहरबानी रही कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ब्लैकमनी की जांच के लिए बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (SIT) का उन्हें एडवाइजर बनाया गया. जून 2015 में वह केंद्रीय सतर्कता आयुक्त बनाये गये थे.

इसे भी पढ़ें – #Economic Recession : आंकड़ों में हेराफेरी का असर देश की अर्थव्यवस्था को किस रास्ते पर ले जा रहा है

सीवीसी का पद परंपरागत तौर से किसी पूर्व आईएएस को ही मिलता रहा है. यह पहली बार ही था जब किसी गैर-आईएएस को इस पद पर नियुक्त किया गया.

Trade Friends

सीवीसी केवी चौधरी के कार्यकाल में ही सीबीआई ने अपने महकमे में दो टॉप अधिकारियों आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच ऐतिहासिक जंग देखी गयी थी.

सीबीआई के अपदस्थ डायरेक्टर आलोक कुमार वर्मा ने जस्टिस एके पटनायक को बताया कि केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के केवी चौधरी 6 अक्टूबर को उनके आवास पर सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के लिए पैरोकारी करने के लिए आए थे.

इसके पहले जब इनकी CVC पद पर नियुक्ति की जा रही थी, तब प्रशांत भूषण ने अपनी एक याचिका में यह आरोप लगाया था ‘पूर्व सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा से उनके घर पर मिलने वालों की सूची में चौधरी का नाम चार बार आता है.

इसे भी पढ़ें – छठी #JPSC परीक्षा पर हाईकोर्ट ने लिया बड़ा फैसला, केवल 6103 परीक्षार्थी ही पीटी पास

‘ प्रशांत भूषण आगे लिखते हैं, ‘रंजीत सिन्हा के कार्यकाल में ही ‘स्टॉक गुरु’ घोटाले में चौधरी की भूमिका की जांच हो रही थी.’ दूसरी तरफ चौधरी आयकर विभाग में रहते हुए हवाला कारोबारी मोईन कुरैशी की जांच कर रहे थे जिसे सिन्हा का करीबी माना जाता है.

आरोप लग रहे हैं कि इधर चौधरी ने कुरैशी को क्लीन-चिट देकर रंजीत सिन्हा की मुश्किलें आसान कीं, उधर सिन्हा ने उन्हें ‘स्टॉक-गुरु’ घोटाले से आरोपमुक्त कर दिया.

चौधरी जब दिल्ली में आयकर महानिदेशक के पद पर थे, जब नीरा राडिया से जुड़े टेप पकडे गए थे. लेकिन उन्होंने मौजूदा साक्ष्यों के आधार पर कोई भी कार्रवाई नहीं की.

टूजी घोटाले की आयकर जांच का जिम्मा चौधरी के ही पास था. वे इसमें कोई भी प्रगति हासिल करने में विफल रहे. जबकि सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जैसी अन्य संस्थाओं को इसमें सफलता मिली.

SGJ Jewellers

भ्रष्टाचार के मामलों के खुलासे के लिए रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड से नवाज़े जा चुके भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के चर्चित अधिकारी और ह्विसिलब्लोअर संजीव चतुर्वेदी ने दावा किया है कि केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हुए भ्रष्टाचार के कई ऐसे मामले बंद कर दिए, जिनमें कई वरिष्ठ अधिकारी कथित तौर पर शामिल थे.

केंद्रीय सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी के ख़िलाफ़ जांच की मांग कर रहे संजीव ने अपने दावे के समर्थन में करीब 1,000 पन्नों के दस्तावेज़ राष्ट्रपति कार्यालय को भेजे थे, उन्होंने राष्ट्रपति सचिवालय से सात मामलों का ब्योरा साझा किया था.

इसे भी पढ़ें – #HoneyTrap: हरियाणा सीएम के निजी सचिव को फंसाने की थी साजिश, महिला सहित पत्रकार गिरफ्तार

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड में चौधरी के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हुए प्रतिकूल टिप्पणियां दर्ज की थीं…शराब माफिया पौंटी चड्ढा की एक कंपनी की ‘अघोषित संपत्ति’ को चौधरी ने लगभग 200 करोड़ रुपये कम करके दिखाया था.

kanak_mandir

सीवीसी अधिनियम के मुताबिक, एक सेवानिवृत्त केंद्रीय सतर्कता आयुक्त किसी भी राजनयिक असाइनमेंट या लाभकारी सरकारी कार्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं कर सकता. हालांकि, उसे निजी क्षेत्र में काम करने से भी नहीं रोका जा सकता है.

वैसे अधिनियम में कूलिंग-ऑफ टाइम-पीरियड को भी निर्धारित नहीं किया गया है या फिर निजी क्षेत्र की नौकरी लेने से पहले किसी अनुमति का प्रावधान है. लेकिन अब उनका रिलायंस में निदेशक के पद पर बैठ जाना यह साफ बता रहा है कि मोदी सरकार ने उन्हें यह अनुमति देने में बिल्कुल देर नहीं लगाई.

इसलिए तो मोदी सरकार को ‘सबका साथ सबका विकास’ वाली सरकार कहा जाता है.

(यह लेख Girish Malviya के facbook Wall से लिया गया है)

डिसक्लेमरः इस लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी तरह की सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता और सच्चाई के प्रति newswing.com उत्तरदायी नहीं है. लेख में उल्लेखित कोई भी सूचना, तथ्य और व्यक्त किए गए विचार newswing.com के नहीं है. और newswing.com उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.

इसे भी पढ़ें – #IIT_(ISM)_Dhanbad – पूर्व नासा वैज्ञानिक ने भावी इंजीनियरों को दिये सक्सेस टिप्स, रोबोटिक्स पर मंथन

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like