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पूर्व नौकरशाहों ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर उठाये सवाल

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New Delhi: लोकसभा चुनाव 2019 की सरगर्मी जैसे-जैसे बढ़ रही है. राजनीतिक पार्टियां भी रेस हो रही हैं, औऱ चुनाव आयोग भी अपनी तैयारी में जुटा है.

इन सबके बीच निर्वाचन आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए देश के 66 पूर्व नौकरशाहों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है. जिसमें आर्दश आचार संहिता के पालन के प्रति चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर गहरी चिंता जताई है.

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चुनाव आयोग की शिकायत

66 पूर्व नौकरशाहों ने देश भर में लागू आचार संहिता के पालन के प्रति चुनाव आयोग की भूमिका को कठघरे में रखते हुए सवाल उठाये है. नौकरशाहों ने अपनी चिट्ठी में ‘ऑपरेशन शक्ति’ के दौरान एंटी सैटेलाइट मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन, नरेंद्र मोदी पर बनी बायोपिक फिल्म, वेब सीरीज और बीजेपी के कई नेताओं के आपत्तिजनक भाषणों का जिक्र किया है. जिसकी शिकायत चुनाव आयोग से करने के बावजूद भी महज दिखावे की ही कार्रवाई हुई है.

सत्ता का दुरुपयोग

राष्ट्रपति कोविंद को लिखे गये पत्र में कहा गया है कि सत्ताधारी पार्टी अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल कर रही है. और चुनाव आयोग जैसी संस्था के लिए उनके मन में कोई सम्मान नहीं है.

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राष्ट्रपति को पत्र लिखने वालों में पूर्व विदेश सचिव शिवशंकर मेनन, दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, पंजाब के पूर्व डीजीपी जुलियो रिबेरो, प्रसार भारती के पूर्व सीईओ जवाहर सरकार और ट्राई के पूर्व चेयरमैन राजीव खुल्लर जैसे पूर्व नौकरशाह शामिल हैं.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखने से पहले पूर्व नौकरशाहों ने चुनाव आयोग को भी पत्र लिखकर आचार संहिता के उल्लंघन को रोकने की बात कही थी. इस पत्र में उन्होंने मोदी बायोपिक फिल्म समेत कई अन्य सामग्रियों पर अपनी गहरी चिंता जताई थी.

चुनावी भविष्यवाणी पर रोक

इधर चुनाव आयोग ने निर्देश जारी करते हुए 11 अप्रैल से शुरू हो रहे लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से अंतिम चरण तक मीडिया संस्थान और ज्योतिषी चुनाव को लेकर किसी तरह के चुनावी सर्वेक्षण या भविष्यवाणी पर रोक लगा दी है.

आयोग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार 11 अप्रैल को सुबह सात बजे पहले चरण का मतदान शुरू होने से 19 मई को शाम साढे़ छह बजे सातवें चरण का मतदान होने तक किसी भी तरह की भविष्यवाणी, चुनावी सर्वेक्षण और एग्जिट पोल संबंधी आकलन नहीं किया जा सकेगा.

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