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मानसून सत्र 18 से, पीएम ने सत्र सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी दलों से मांगा सहयोग  

संसद के बुधवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी दलों का सहयोग मांगा. 

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 NewDelhi : संसद के बुधवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी दलों का सहयोग मांगा. संसद भवन में बुलाई गयी सर्वदलीय बैठक में मोदी ने सभी दलों से सदन में मुद्दों को उठाने का आग्रह किया क्योंकि लोग उनसे ऐसी उम्मीद करते हैं. सरकार ने दावा किया कि विपक्षी दलों ने संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग का आश्वासन दिया है. बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने संवाददाताओं से कहा, प्रधानमंत्री ने संसद के सुचारू और सार्थक सत्र के लिए सभी राजनीतिक दलों का सहयोग मांगा है. लोग उम्मीद करते हैं कि संसद में कामकाज हो और हम सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए. बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति को आरक्षण नहीं प्रदान करने के विषय को उठाया.

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बजट सत्र के दौरान विपक्षी पार्टियों ने काफी हंगामा किया था

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समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने कहा, जब तक सरकार उच्च शिक्षा में अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए आरक्षण लागू करने का सदन में आश्वासन नहीं देती है तब तक हम सदन नहीं चलने देंगे. आप नेता संजय सिंह ने दिल्ली की आप सरकार के साथ कथित भेदभाव के विषय को उठाया.  बता दें कि बुधवार 18 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने जा रहा है. यह 10 अगस्त तक चलेगा. सरकार की पूरी कोशिश है कि इस सत्र का हाल बजट सत्र की तरह न हो, क्योंकि बजट सत्र के दौरान विपक्षी पार्टियों द्वारा काफी हंगामा किया गया था, जिसके कारण सत्र सही तरह से नहीं चल सका और ज्यादा कुछ काम भी नहीं हो सका था.

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सरकार चाहती है कि मानसून सत्र बिना किसी हंगामे के चले

सरकार चाहती है कि मानसून सत्र बिना किसी हंगामे के चले, क्योंकि यह सत्र आने वाले लोकसभा चुनाव और कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए काफी महत्वपूर्ण है. इसी सत्र से सरकार की आगे की चुनावी रणनीति निर्धारित होगी.सरकार का उद्देश्य जहां मानसून सत्र के दौरान तीन तलाक के विधेयक को पास कराना है तो वहीं विपक्ष की कुछ और ही रणनीति है. विपक्षी दलों ने सोमवार को बैठक की और संकेत दिया कि वे संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा उपाध्यक्ष के चुनाव का मुद्दा उठाएंगे. इसके अलावा कांग्रेस महिला आरक्षण विधेयक पारित करवाने के पक्ष में है.

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