न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

गढ़वा : आर्थिक तंगी व कर्ज से परेशान था युवक, पत्नी व दो बेटियों की हत्या कर खुद लगा ली फांसी

धुरकी थाना क्षेत्र के रक्सी गांव में शिव कुमार रजक, उसकी पत्नी बबीता देवी और दो बेटियां तान्या कुमारी और श्रेया कुमारी के शव सोमवार सुबह बरामद किये गये थे.

813

Palamu/Garhwa : गढ़वा जिले में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत का कारण आर्थिक तंगी और कर्ज बताया जा रहा है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आयी है.

विदित हो कि धुरकी थाना क्षेत्र के रक्सी गांव में शिव कुमार रजक, उसकी पत्नी बबीता देवी और दो बेटियां तान्या कुमारी और श्रेया कुमारी के शव सोमवार सुबह बरामद किये गये थे.

JMM

बताया जाता है कि शिव आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान होकर पत्नी और दोनों बेटियों की हत्या कर शवों को कुएं में डालने के बाद फांसी लगाकर जान दे दी.

एसडीपीओ नीरज कुमार ने कहा कि प्रथम दृष्ट्या कर्ज और तंगहाली को लेकर ही इस घटना के घटित होने की बात सामने आ रही है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामला पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा.

इसे भी पढ़ें : चर्च कॉम्प्लेक्स, कुमार गर्ल्स हॉस्टल व हरमू रोड स्थित अवैध बिल्डिंग पर निगम मेहरबान! सील करने के निर्देश के बाद भी रिजल्ट जीरो 

Bharat Electronics 10 Dec 2019

दो माह से डिप्रेशन में था शिव कुमार रजक

एसडीपीओ ने बताया कि शिव कुमार करीब दो माह से कर्ज के कारण डिप्रेशन में चल रहा था. विगत एक माह से उसे नींद नहीं आ रही थी. उसने वाराणसी में इलाज कराया था. लेकिन सुधार नहीं होने के कारण वह सोमवार सुबह ही इलाज के लिए रांची जाने वाला था.

उसके घर से एक सुसाइड नोट मिला है. पुलिस उसे जब्त कर उसकी सत्यता की भी तहकीकात कर रही है.

Related Posts

#Jamshedpur: पटमदा में बंगाल से आये हाथियों के जमावड़े से दहशत में गांववाले

हाथियों को वापस बंगाल खदेड़ने में वन विभाग के छूट रहे हैं पसीने

इसे भी पढ़ें : युवा संवाद – 4 : ‘सरकारी विभागों में साढ़े छह लाख से ज्यादा पदों को नहीं भर पायी पूर्ण बहुमत की सरकार’

अलग-अलग जगह से मिले शव

थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार ने कहा कि सोमवार को बकरीद के दिन वे पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने निकले थे. इसी दौरान उन्हें रक्सी पंचायत के मुखिया सत्यनारायण बैठा ने फोन कर घटना की सूचना दी.

उसके बाद वे घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि शिव कुमार का शव अमरूद के पेंड़ पर फांसी के फंदे से झूल रहा है. उसके बाद शव को फंदे से खोलकर नीचे उतारा गया. उसकी पत्नी बबीता देवी और छोटी बेटी श्रेया कुमारी का शव कुएं में तैर रहा था और बड़ी बेटी तान्या कुमारी का शव कुएं के पास पड़ा हुआ मिला.

‘हम और हमने स्वयं जान देने का मन बनाया’

चारों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए गढ़वा भेजा गया है. मृतक के घर की तलाशी लेने पर एक सुसाइट नोट मिला, जिसमे लिखा था, “हम और हमारी पत्नी ने दो बेटियों के साथ स्वयं अपनी जान देने का मन बनाया था. इसमें किसी भी भाई-बहन और माता-पिता के अलावा परिजनों का हाथ नहीं है.

इसे भी पढ़ें : धनबाद : अस्पताल ने आयुष्मान कार्ड वाले इमरजेंसी के मरीज के इलाज से किया इनकार

आर्थिक तंगी के कारण रांची में एक ही परिवार के सात लोगों ने दी थी जान

30 जुलाई 2018 को राजधानी रांची के कांके थाना क्षेत्र के अरसंडे में एक ही परिवार के साथ लोगों ने आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या कर ली थी. परिवार के लोग बिहार में मुंगेर जिले के चिरैयाबाग के मूल निवासी थे. रांची में परिवार के दीपक झा ने भाई के साथ मिलकर अपनी पत्‍‌नी, बेटा, बेटी और मां-पिता की हत्या कर दी. उसके बाद दोनों सगे भाई फंदे पर झूल गये थे. कमरे से बरामद 15 पन्ने के सुसाइड नोट के अनुसार पूरी घटना के पीछे आर्थिक तंगी व भारी कर्ज का मामला सामने आया था.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like