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गिरिडीहः गहमा-गहमी के बीच कार्मेल स्कूल में अभिभावक -स्कूल प्रबंधन की फीस बढ़ोतरी पर वार्ता बेनतीजा

फीस कम नहीं करने पर अड़ा स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों का आरोप बढ़ी फीस वहन करने में अभिभावक सक्षम नहीं

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Giridih  : गुरुवार को छुटृटी होने के बाद फीस में बढ़ोतरी को लेकर कार्मेल स्कूल परिसर में अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच तनाव का माहौल बन गया. एक ओर जहां अभिभावक शिक्षकों की बातों को सुनने के लिए तैयार नहीं दिखे, वहीं स्कूल के शिक्षक भी अभिभावकों की परेशानी सुनने के लिए तैयार नहीं थे. दो घंटे तक स्कूल परिसर में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा.

वार्ता के लिए पहुंचे अभिभावकों में शामिल दीपक शर्मा, डिपंल साव, सुबोध सिंह, अधिवक्ता शैलेन्द्र कुमार समेत कई अभिभावकों का आक्रोश उस वक्त फूट पड़ा,  जब स्कूल की प्राचार्य सिस्टर दिव्या ने वार्ता के क्रम में फीस में की गयी 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी को यह कह कर कम करने से इनकार कर दिया कि फीस बढ़ोतरी में कमी करना गिरिडीह कार्मेल स्कूल प्रबंधन के हाथ में नहीं है.

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यह निर्णय स्कूल प्रबंधन के उच्च स्तर पर लिया गया है.  इस क्रम में प्राचार्य दिव्या और प्रबंधन के निर्मल झा ने यह तर्क दिया कि अभिभावकों के मांग और प्रस्ताव को उच्चस्तर पर भेज दिया गया है. प्राचार्य और झा ने यह भी कहा कि जब अभिभावकों की और से लगातार स्कूल में अच्छे शिक्षकों की मांग उठ रही है और एक ही क्लास के कई सेक्शन बनाने का प्रस्ताव है, साथ ही स्कूल के रखरखाव सही तरीके से करने की बात कही जा रही है,  तो कम फीस में यह संभव नहीं है;  हंगामे के दौरान प्राचार्य और झा का यह भी दावा रहा कि स्कूल की और से यूकेजी के छात्रों से रखरखाव शुल्क लेना अब बंद कर दिया गया है.

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स्कूल प्रबंधन ने कहा,  फीस में कोई कमी नहीं हो सकती

हंगामे के बीच ही अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि  9 मई को फीस समेत अन्य मुदृदों पर अंतिम निर्णय लेने का हवाला देते हुए स्कूल प्रबंधन ने वार्ता के लिए बुलाया था. प्राचार्य के कक्ष में शांतिपूर्वक वार्ता चल रही थी.  लेकिन अचानक प्राचार्य समेत स्कूल प्रबंधन की और से यह कह दिया गया कि फीस में कोई कमी नहीं हो सकती है.

जबकि स्कूल प्रबंधन ने प्रशासन के दबाव में आकर 9 मई को अंतिम निर्णय लेने के लिए अभिभावकों को बुलाया था.प्राचार्य समेत स्कूल के अन्य शिक्षकों के इस तर्क के बाद अभिभावकों ने प्राचार्य कक्ष से बाहर निकल कर हंगामा करना शुरु किया.

अभिभावकों का हंगामा जब कुछ शांत हुआ, तो स्कूल की शिक्षिकाओं ने कुछ अभिभावकों पर स्कूल से बाहर नहीं निकलने देने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वार्ता के लिए पहुंचे भी थे, तो चार से पांच अभिभावक ही आते.  इतने अभिभावकों को आने की कोई जरुरत नहीं थी.

हंगामे के बाद  पचंबा थाना प्रभारी और पुलिस निरीक्षक पुलिस जवानों के साथ स्कूल पहुंचे और दोनों पक्षों से बात की;  बातचीत के क्रम में  स्कूल प्रबंधन ने थाना प्रभारी के माध्यम से अभिभावकों के बीच कहा कि अब जिला शिक्षा अधीक्षक जो का निर्णय लेंगे, उसी के अनुसार स्कूल प्रबंधन भी अपने निर्णय लेगा.

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