न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

गुजरात : होटल के सेप्टिक टैंक में दम घुटने से सात लोगों की मौत, होटल मालिक के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस ने होटल के मालिक अब्बास भोरानिया के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है.  फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है.

61

Ahmedabad : शनिवार को गुजरात के दाभोई स्थित दर्शन होटल के बाहर एक सेप्टिक टैंक में दम घुटने से सात लोगों की मौत होने की खबर है. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार  मरनेवालों में तीन होटल कर्मचारी अजय वसावा (24), विजय चौहान (22) और सहदेव वसावा (22) शामिल हैं. इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले चार अन्य सफाईकर्मी थे जो दाभोई के थुवानी के रहने वाले बताये गये हैं.

हादसे की जानकारी मिलने पर दाभोई पुलिस और फायर सर्विस के अधिकारी उनके शव को लेने मौके पर पहुंच गये. इस मामले में पुलिस ने होटल के मालिक अब्बास भोरानिया के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है.  फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है.

JMM

दाभोई डिविजन के पुलिस उपाधीक्षक कल्पेश सोलंकी के अनुसार चार सफाईकर्मियों को सफाई की जिम्मेदारी दी गयी थी,   उनमें से एक टैंक में घुसा और किसी तरह की गैस लीक के कारण बेहोश हो गया. जब वह बाहर नहीं आया तब दूसरे उसे देखने उतर गये और उनका भी वही हाल हुआ. उनमें से तीन खुद होटल के कर्मचारी थे.  सोलंकी ने कहा कि हम इसकी जांच कर रहे हैं कि असल में कौन सी गैस थी और हुआ क्या था. पुलिस मृतकों की प्राथमिक ऑटोपसी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.

इसे भी पढ़ेंः कमीशन लेने वाले डॉक्टरों का केवाईसी भरवाता है मेदांता अस्पताल

Related Posts

#Gujarat : पर्यटकों के मामले में स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से आगे निकली स्टेच्यू ऑफ यूनिटी

अनावरण के सालभर बाद ही स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को रोजाना देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या अमेरिका के 133 साल पुराने स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी  के पर्यटकों से ज्यादा हो गयी है.

गैस का प्रेशर बहुत ज्यादा था जिस कारण  सातों की मौत हो गयी

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना दाभोई तालुका के फार्तिकुई गांव की है. यहां दर्शन होटेल में महेश पतनवडिया, अशोक हरिजन, बृजेश हरिजन और महेश हरिजन सेप्टिक टैंक की सफाई करने के लिए पहुंचे थे.  होटल में काम करने वाले विजय चौहान, सहदेव वसावा और अजय वसावा उनकी मदद कर रहे थे. पुलिस ने बताया है कि सबसे पहले पतनवडिया टैंक में दाखिल हुए.

काफी देर बाद जब वह वापस नहीं आया और कोई जवाब भी नहीं दिया तो पहले अशोक, फिर बृजेश और महेश अंदर गये. जब चारों बाहर नहीं आये तो विजय, सहदेव और अजय उनकी मदद को अंदर गये लेकिन वे भी बेहोश होकर अंदर गिर गये.

जब सातों लोग बाहर नहीं आए तो दाभोई नगर पालिका और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गयी.  नगर पालिका के पास जरूरी उपकरण नहीं होने के कारण वडोदरा दमकल विभाग से मदद मांगी गयी. .फायर ऑफिसर निकुंज आजाद ने बताया, टैंक के अंदर गैस का प्रेशर बहुत ज्यादा था जिस कारण सभी सातों की मौत हो गयी. किसी तरह हम उनके शव निकाल सके.घटनास्थल से शव निकालने के बाद वडोदरा नगर निगम की गाड़ी ने टैंक को साफ किया. फायर ऑफिसर मनीष ने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई और तो अंदर नहीं रह गया है, टैंक को साफ करना जरूरी था.

इसे भी पढ़ेंः  प. बंगालः कांग्रेस-टीएमसी में खूनी झड़प, तृणमूल के तीन कार्यकर्ताओं की मौत 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like