न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

हजारीबाग : बड़कागांव के बरवाडीह  में बूथ नंबर 147, 148,149 पर वोट बहिष्कार, बोले वोटर्स – नेता देते हैं सिर्फ आश्वासन

210

Hazaribagh : हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड के बरवाडीह गांव में लोगों ने वोट बहिष्कार कर दिया है. बड़कागांव बरवाडीह के तीन बूथों में अबतक एक भी वोट नहीं पड़ा है. ये तीनों मतदान केंद्र मध्य विद्यालय पकरी बरवाडीह की बूथ संख्या 147, 148 और 149 हैं. यहां तक कि अब तक इवीएम मशीन का एक बार भी इस्तेमाल नहीं हो पाया है.

जानकारी के मुताबिक, बरवाडीह के लोगों ने स्थानीय समस्याओं को लेकर लोग बहुत परेशान हैं. इनका कहना है कि यहां नेता आते हैं घूमकर निकल जाते हैं. लोगों का कहना है कि कई बार आश्वासन मिलने के बाद भी हमारे नेता समस्याओं का कोई समाधान नहीं करवाते हैं.

JMM

इधर हजारीबाग जिला निर्वाचन पदाधिकारी रवि शंकर शुक्ला ने ऐसी किसी भी जानकारी से इनकार किया है. साथ ही कहा है कि हमने बरवाडीह के तीनों मतदान केंद्रों में अपना प्रतिनिधि भेज दिया है. हालांकि स्थानीय लोगों को लाख समझाने के बाद भी मतदाताओं ने वोट डालने से इनकार कर दिया है.

इसे भी पढ़ें – लोकसभा चुनाव 2019ः झारखंड के माननीयों ने भी डाला वोट, देखें तस्वीर

मतदानकर्मी कर रहे हैं वोटर्स का इंतजार

दूसरी ओर हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड में भी वोट बहिष्कार का ताजा मामला सामने आया है. जहां 12:40 बजे दोपहर तक बूथ नंबर 439 में एक मतदाता ने अपने मत का प्रयोग किया है. बूथ नंबर 439 हजारीबाग जिला मुख्यालय से महज 7 किलोमीटर की दूरी पर ही है. हालांकि जिला प्रशासन फिलहाल स्थानीय मतदाताओं को मनाने में लगे हुए हैं. साथ ही उनसे वोट जालने की अपील भी कर रहे हैं.

Bharat Electronics 10 Dec 2019

जानकारी के मुताबिक, हजारीबाग जिला में अबतक के इतिहास में ये पहला मामला होगा, जिसमें एक साथ तीन मतदान केंद्रो में वोट का बहिष्कार किया गया है. खबर लिखे जाने तक उक्त मतदान केन्द्रों पर मतदानकर्मी बैठे हैं और वोटर्स का इंतजार कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें – लोकसभा चुनाव 2019 : पांचवे फेज में इन दिग्गजों की साख दांव पर, कांटे की है टक्कर

क्यों किया गया वोट बहिष्कार

पकरी बरवाडीह के मतदान संख्या 147, 148 और 149 के मतदाताओं ने वोट बहिष्कार किया. इसके बाद ने वोटर्स ने इसकी वजह बताते हुए कहा है कि हजारीबाग जिले के किसी भी जनप्रतिनिधी का   ध्यान बड़कागांव पर नहीं है. सभी ने सिर्फ बड़कागांव को लूटने का ही काम किया है.

यहां स्थानीय लोगों की लंबे समय से मांग है कि बड़कागांव में संचालित कोल माइंस एनटीपीसी, त्रिवेणी सैनिक, मगध कोल परियोजना ये कंपनियां यहां से दिन रात सिर्फ कोयला निकालने का काम कर रही हैं. जिसमें अवैध रूप से भी कुछ काम हो रहे हैं, लेकिन कोई भी इन्हें रोकने वाला नहीं है.

लोगों का कहना है कि बड़कागांव में सड़क दुर्घटनायें बढ़ रही हैं. लंबे समय से बाइपास बनाए जाने की मांग की जा रही है. लेकिन आजतक कोई वैकल्पिक बाइपास नहीं बनाया गया है. वहीं कोल कंपनियों के द्वारा बड़कागांव में रैयतों की जमीनों को जबरन लूटने का काम किया जा रहा हैं.  उनकी जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है.

लोगों का कहना है कि जब वोट की बारी आती है तो जनप्रतिनिधी बड़े-बड़े वायदे करते हैं. जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही होती है. लोगों ने कहा कि कल जनप्रतिनिधियों की बारी थी, अब आज हमारी बारी है.

लोगों के कहा कि ना हम मतदान करेंगे और ना ही हमें कोई अपेक्षा नेताओं से रहेगी.  वहीं बड़कागांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनिल सिंह ने मतदाताओं को समझाने में जुटे हैं, लेकिन उनका प्रयास भी असफल रहा है.

इसे भी पढ़ें – लोकसभा चुनाव 2019 : पुलवामा में ग्रेनेड धमाका, बंगाल में TMC कार्यकर्ताओं ने बीजेपी प्रत्याशी को…

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like