न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

हेमंत सोरेन सिर्फ इतना बता दें वो किस थाना क्षेत्र के निवासी हैं, उनका स्थायी पता क्या हैः बीजेपी

355

Ranchi: चुनावी महासमर के दौरान बीजेपी ने विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी जेएमएम पर एक बार फिर से बड़ा हमला किया है. इस बार बीजेपी के निशाने पर पार्टी के सर्वेसर्वा माने जानेवाले हेमंत सोरेन थे. बीजेपी प्रदेश कार्यालय में एक प्रेस व्रार्ता बुला कर कुछ कागजात के साथ प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने हेमंत सोरेन पर आरोप लगाने के बजाय उनसे कुछ सवाल किये. उन्होंने सवाल किया कि आखिर हेमंत सोरेन का स्थायी पता क्या है? वो किस थाना क्षेत्र के रहनेवाले हैं? प्रतुल ने कहा है कि राजनीति की आड़ में हेमंत सोरेन और उनका परिवार सिर्फ प्रॉपर्टी डीलिंग करने में लगा हुआ है. उन्होंने कहा कि पूरे भारत में सभी का एक स्थायी पता होता है. लेकिन हेमंत सोरेन जिस इलाके में चाहते हैं स्थायी पता बना लेते हैं.

इसे भी पढ़ें – पांच सालों में तीन सांसद बने रहे बैक बेंचर- नहीं पूछा एक भी सवाल, सात एमपी बहस में हिस्सा लेने में पीछे

Trade Friends

अपना नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराएं हेमंत

प्रतुल शाहदेव ने हेमंत पर सीधा हमला करते हुए कहा कि एक दिन में अगर कोई 16 जमीन की रजिस्ट्री कराता है, तो निश्चित तौर पर इसे एक रिकॉर्ड माना जाएगा. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन ने बोकारो के चास में एक ही दिन में 16 जमीन की रजिस्ट्री करायी है. रजिस्ट्री में पता बोकारो का है. लेकिन धनबाद और तमाम जिलों में भी जमीन खरीदने के दौरान वो दूसरे जिले का पता दर्ज कराते हैं. ऐसे में हेमंत सोरेन का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज बीजेपी हेमंत पर किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगा रही, बल्कि बस इतना पूछ रही है कि अगर 16 प्लॉट की रजिस्ट्री एक दिन में कोई कराये तो उनका नाम रिकॉर्ड बुक में क्यों नहीं दर्ज हो.

WH MART 1

इसे भी पढ़ें – क्या डीजीपी डीके पांडेय भी हटाए जाएंगे !

सीएनटी की बात करनेवाले की सच्चाई है ये

श्री शाहदेव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बात-बात पर सीएनटी एक्ट की दुहाई देनेवाले सोरेन परिवार का सच यही है कि सबसे ज्यादा सीएनटी एक्ट का उल्लंघन किसी ने किया है, तो वो हेमंत सोरेन और उनके परिवार वाले हैं. उन्होंने कहा कि सीएनटी एक्ट में यह प्रावधान है कि किसी आदिवासी की जमीन कोई आदिवासी ही ले सकता है. शर्त यह होती है कि वो उसी थाना क्षेत्र का होना चाहिए. ऐसे में हेमंत सोरेन अगर धनबाद और बोकारो में जमीन खरीदते हैं और सभी जमीन पर अलग–अलग पता है तो यह सीएनटी एक्ट का उल्लंघन है. ताज्जुब है कि सीएनटी एक्ट का उल्लंघन करनेवाला भला इतनी बार एक्ट का उल्लंघन कैसे कर सकता है.

इसे भी पढ़ें – सावधान : जेब में रखा रह जाएगा ATM और खाते से गायब हो जाएंगे पैसे

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like