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इतिहासकार रामचंद्र  गुहा, मणिरत्नम, अनुराग कश्यप समेत 49 हस्तियों ने मॉब लिंचिंग पर पीएम मोदी को पत्र लिखा

पत्र के माध्यम से पीएम मोदी से देश में ऐसा माहौल बनाने की डिमांड की है, जहां असंतोष के दमन के लिए ऐसे घातक कदम न उठाये जायें.

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NewDelhi :  हमारा संविधान भारत को एक सेकुलर गणतंत्र बताता है, जहां हर धर्म, समूह, लिंग, जाति के लोगों के बराबर अधिकार हैं. यह उस पत्र में लिखा गया है, जो  प्रधानमंत्री  मोदी को भेजा गया है, जान लें कि देश में लगातार बढ़ती जा रही मॉब लिंचिंग से आहत 49 हस्तियों ने प्रधानमंत्री  मोदी को पत्र लिखा है. पत्र में भीड़ द्वारा हिंसक घटनाओं को अंजाम देने पर चिंता जताई गयी है.  साथ ही इन हस्तियों ने प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने वाले में प्रसिद्ध इतिहासकार रामचंद्र  गुहा, मणिरत्नम, अदूर गोपालकृष्णन और अनुराग कश्यप, अपर्णा सेन, बिनायक सेन, सौमित्रो चटर्जी, कोंकणा सेन शर्मा, रेवती, श्याम बेनेगल, शुभा मुद्गल, रूपम इस्लाम, अनुपम रॉय, परमब्रता, रिद्धि सेन  जैसी बड़ी हस्तियां शामिल हैं.

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हमारा संविधान भारत को एक सेकुलर गणतंत्र बताता है

इन लोगों ने पत्र के माध्यम से पीएम मोदी से देश में ऐसा माहौल बनाने की डिमांड की है, जहां असंतोष के दमन के लिए ऐसे घातक कदम न उठाये जायें.  साथ ही देश एक मजबूत राष्ट्र बनाने की दिशा में बेहतर माहौल तैयार हो सके. इस पत्र में लिखा है कि हमारा संविधान भारत को एक सेकुलर गणतंत्र बताता है, जहां हर धर्म, समूह, लिंग, जाति के लोगों के बराबर अधिकार हैं.

इस पत्र में मांग की गयी है कि मुसलमानों, दलितों और दूसरे अल्पसंख्यकों की लिंचिंग तुरंत रोकी जाये. पत्र में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के आधार पर कहा है गया है कि 1 जनवरी 2009 से लेकर 29 अक्टूबर 2018 के बीच धर्म की पहचान पर आधारित 254 अपराध दर्ज किये गये. इस दौरान 91 लोगों की हत्या हुई और 579 लोग घायल हुए.

मुसलमान की भारत में आबादी  14 फीसदी

पत्र के अनुसार  मुसलमान जो भारत की आबादी के 14 फीसदी है वे ऐसे 62 फीसदी अपराधों की शिकार बने, जबकि क्रिश्चियन, जिनका आबादी में हिस्सा 2 फीसदी है वे ऐसे 14 फीसदी अपराध के शिकार हुए. पत्र में कहा गया है कि ऐसे 90 फीसदी अपराध मई 2014 के बाद हुए थे. जब नरेंद्र मोदी सत्ता में  आये थे.प्रधानमंत्री के नाम इस पत्र में यह भी लिखा धार्मिक व भड़काऊ भाषणों पर भी अफसोस जताया गया है.  कहा गया कि जय श्री राम आज एक भड़काऊ युद्ध (मॉब लिंचिंग) में तब्दील हो गया है.

पत्र में लिखा कि धार्मिक उन्माद के लिए श्री राम के नारे का इस्तेमाल किया जा रहा है.  उन्होंने पीएम से मांग करते हुए कहा कि दलित और अल्पसंख्यकों के खिलाफ लिंचिंग पर रोक लगनी चाहिए.     इस क्रम में कांग्रेस ने भी राज्यसभा में मॉब लिंचिंग का मुद्दा उठाया.  कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि देश की मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ी हैं.  उन्होंने कहा कि आज देश में सांप्रदाकिता का माहौल है.

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