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रघुवर सरकार के प्रति बढ़ते रोष का संकेत है 70 प्रतिशत से अधिक मतदान :  जेएमएम

संथाल परगना की तीन सीटों (दुमका, राजमहल और गोड्डा) में मतदान प्रतिशत पर खुशी जाहिर करते हुए जेएमएम ने इसे सरकार के प्रति बढ़ते रोष की बात कही है.

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Ranchi : संथाल परगना की तीन सीटों (दुमका, राजमहल और गोड्डा) में मतदान प्रतिशत पर खुशी जाहिर करते हुए जेएमएम ने इसे सरकार के प्रति बढ़ते रोष की बात कही है. पार्टी का कहना है कि मतदान के इस प्रतिशत से 17 वीं लोकसभा का एक नया स्वरूप 23 मई को देखने को मिलेगा. पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि आज भारी गर्मी (42 डिग्री सेल्सियस) के बीच में संथाल परगना के सभी सीटों पर 70 प्रतिशत से ज्यादा का मतदान लोकतंत्र में गहरी आस्था को व्यक्त करता है. इस मतदान को सम्पन्न कराने में जिस तरह से स्थानीय प्रशासन, प्रबुद्ध मतदाता मंडल, मतदान में लगे सभी कर्मियों, पुलिस प्रशासन ने कार्य किया, उसका पार्टी आभार व्यक्त करती है.

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70 प्रतिशत से अधिक का मतदान कोई साधारण बात नहीं

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि तीनों सीटों पर 70 प्रतिशत से अधिक का मतदान कोई साधारण बात नहीं है. यह पूरी तरह से राज्य और केंद्र सरकार के प्रति लोगों के रोष को अभिव्यक्त करता है. संथाल परगना में कुल 18 विधानसभा सीटें आती है. इसमें मधुपुर, सारठ और दुमका तीन विधानसभा से रघुवर सरकार के तीन मंत्री भी आते है. लेकिन क्षेत्र की जो स्थिति आज है, उससे पार्टी दावा करती है कि इन तीनों सहित 18 विधानसभा में महागठबंधन उम्मीदवार तीनों सीटों पर जीतेंगे. यहां तक कि पार्टी ने सभी विधानसभा से पार्टी उम्मीदवार के जीत का अंतर 1 लाख से अधिक और दुमका से गुरुजी शिबू सोरेन के जीत का दावा 2 लाख से अधिक वोटों का माना है.

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मतदान का कम समय लोगों से भेदभाव

पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि यह मतदान प्रतिशत महज सुबह 7 बजे से 4 बजे के बीच तक का है. हकीकत यह है कि पूरे देश में मतदान करीब 7 बजे से 6 बजे के बीच होता है. लेकिन यहां पर केवल 9 घंटे तक ही मतदान होता है. यह चुनाव आयोग का राज्य के साथ अऩ्यायपूर्ण और भेदभाव रवैया है. अगर आयोग अतिरिक्त 2 घंटे का मतदान का समय देता, तो झारखंड में करीब 100 प्रतिशत तक मतदान की स्थिति बनती. संथाल परगना में शांतिपूर्ण मतदान पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इससे आगामी विधानसभा चुनाव का स्वरूप तय हो गया है.

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लोगों के रोष को व्यक्त करता है चुनाव प्रतिशत

इस दौरान सुप्रियो भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री के उस वादे का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर 2018 तक वे बिजली और पानी लोगों को मुहैया नहीं करा पाये, तो वे 2019 में वोट नहीं मांगेगें. उन्होंने कहा कि मतदान का बढ़ता प्रतिशत उनके इस झूठे को पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है. राज्य की जनता ने रोष व्यक्त करते हुए अपने मत से पूछा है कि अब बीजेपी के पास कौन सा नैतिक अधिकार है, जिससे वह सत्ता में बना रहना चाहती है. यह मतदान रघुवर दास के झूठ के खिलाफ किया गया है. यह मतदान स्थानीय नीति, सीएनटी-एसपीटी एक्ट, रोजगार संबंधी मुद्दों के खिलाफ व्यक्त करता है.

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