न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#NobelPrizeforEconomics: भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी व उनकी पत्नी समेत तीन को अर्थशास्त्र का नोबेल

एस्थर डुफलो (Esther Duflo) और माइकेल क्रेमर (Michael Cramer) के साथ अभिजीत बनर्जी को नोबेल पुरस्कार दिया गया है

48

NewDelhi :  भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी को अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. एस्थर डुफलो (Esther Duflo) और माइकेल क्रेमर (Michael Cramer) के साथ अभिजीत बनर्जी को नोबेल पुरस्कार दिया गया है. खबरों के अनुसार वैश्विक गरीबी और भुखमरी को दूर करने में किये गये योगदान के लिए इन तीनों अर्थशास्त्रियों को सामूहिक रूप से पुरस्कार दिया गया है. इकनॉमिक साइंसेज कैटिगरी के तहत यह सम्मान पाने वाले अभिजीत बनर्जी भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हैं.

स्वीडिश अकादमी ने पुरस्कार की घोषणा करते हुए कहा कि अपने प्रयोगात्मक दृष्टिकोण से इन्होंने वैश्विक गरीबी को कम करने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है. भारत में जन्मे अभिजीत बनर्जी अमेरिकी नागरिक हैं. एस्थर डुफलो फ्रेंच-अमेरिकी हैं और माइकेल क्रेमर भी अमेरिकी हैं.

इसे भी पढ़ें : #EconomicSlowdown  : अब World Bank ने 2019-20 में भारत का GDP अनुमान घटा कर 6 फीसदी किया

अमर्त्य सेन के बाद अभिजीत बनर्जी अर्थशास्त्र का नोबेल पाने वाले दूसरे भारतीय  

अमेरिका की एमआईटी अभिजीत बनर्जी अर्थशास्त्र का नोबेल पाने वाले दूसरे भारतीय इकोनॉमिस्ट हैं. इससे पहले अमर्त्य सेन को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए इस पुरस्कार से नवाजा जा चुका है. अभिजीत बनर्जी ने कोलकाता के प्रेजीडेंसी कॉलेज और उसके बाद दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से शिक्षा ग्रहण की है.  अमेरिका की मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में प्रोफेसर अभिजीत बनर्जी मूल रूप से भारत के पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं.

उनका जन्म 21 फरवरी 1961 को कोलकाता में हुआ. उनके पिता और मां दोनों ही अर्थशास्त्र के प्रोफेसर थे. अभिजीत बनर्जी ने अपनी पढ़ाई कोलकाता के साउथ प्वाइंट स्कूल और प्रेसिडेंसी कॉलेज से की. प्रेसिडेंसी कॉलेज से उन्होंने इकोनॉमिक्स की डिग्री ली. इसके बाद वह साल 1983 में दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी आ गये और यहां से अपना मास्टर्स किया. इसके बाद उन्होंने हॉवर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि ली.

इसे भी पढ़ें : #RaviShankarPrasad ने आर्थिक मंदी पर अपना विवादित बयान तो वापस ले लिया, तब तक ट्विटर पर लोगों ने मजे ले लिए, आप भी देखें

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like