न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

न्यूज विंग की खबर पर #INTUC हुआ रेस, #SBC पर कार्रवाई नहीं करने पर कोर्ट में जाने की चेतावनी

SBC कंपनी के नाम पर समाज कल्याण विभाग में रोजगार के नाम पर चल रही धांधली

745

Ranchi : झारखंड सरकार के समाज कल्याण विभाग में रोजगार के नाम पर चल रही धांधली को लेकर इंटक भी रेस हो गया है. इंटक के राष्ट्रीय सचिव सह खाद आपूर्ति विभाग मजदूर संघ के प्रदेश अध्य़क्ष संतोष कुमार सोनी ने इसे सरकार की एक बड़ी लापरवाही बताया है.

उन्होंने कहा है कि राज्य में नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवकों को ठगा जा रहा है. दिल्ली की कंपनी SBC export limited company के द्वारा सरकार लाखों की उगाही कर रही है. अंधी बहरी और गूंगी वाली रघुवर सरकार का कल्याण विभाग आज पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है.

इसे भी पढ़ें : गोड्डा : #MNREGA में तकनीकी सहायक की नियुक्ति में ‘खेल’, आवेदक ने एक साल में डिप्लोमा से बीटेक तक किया पूरा

न्यूज विंग ने किया था स्टिंग ऑपरेशन

Trade Friends

बता दें कि विभाग में नौकरी देने के नाम पर SBC कंपनी की ओर से अखबार में विज्ञापन निकाला गया था. विज्ञापन में जिला कॉर्डिनेटर, जिला प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर, ब्लॉक कॉर्डिनेटर, ब्लॉक प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर आदि पदों के लिए आवेदन मांगे गये थे.

उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन करना था जिसकी अंतिम तारीख 12 सितंबर तय हुई थी. आवेदन किये गये उम्मीदवारों को बायोडाटा के साथ गत सोमवार को हिनू फन सिनेमा  के पास आना था जहां साक्षात्कार के बाद नियुक्ति दी जाती.

इस बात की खबर जब न्यूज विंग को पता चली तो न्यूज विंग की टीम मौके पर पहुंची. स्टिंग ऑपरेशन में पता चला कि SBC की इस बहाली प्रक्रिया में कई स्थानीय प्लेसमेंट एजेंसियों की मिलीभगत है. ये प्लेसमेंट एजेंसियां बायोडाटा के साथ आये उम्मीदवारों के बीच जाकर 70 से 80 हजार रुपये देने पर नौकरी पुख्ता होने की बात कह रहे थे.

इसे भी पढ़ें : #AyushmanBharat : #Orchid इम्पैनल्ड नहीं, #Medica व #Medanta में दो या तीन रोगों का ही इलाज

कोर्ट की शरण में जायेगा संघ

मजदूर संघ के प्रदेश अध्य़क्ष ने बताया कि झारखंड सरकार के समाज कल्याण विभाग में सिर्फ एक ही कंपनी को रजिस्टर्ड करना संदेह के घेरे में है. मीडिया में खुले तौर पर खबर आने के बाद भी न तो खाद आपूर्ति विभाग ने इसपर कोई संझान लिया है न ही समाज कल्याण विभाग ने.

ऐसे विभागों में रोजगार के नाम पर धड़ल्ले से कालाबाजारी हो रही है. सरकार को चेतावनी दे अध्य़क्ष ने कहा कि राज्य सरकार जल्द इस पर कार्यवाही करें. अन्यथा इंटक एवं खाद आपूर्ति विभाग का मजदूर संघ इसके खिलाफ उच्च न्यायालय की शरण लेगी.

इसे भी पढ़ें : #MinorityScholarship : बंद कर दिये गये स्कूल-कॉलेजों के यूजर आइडी व पासवर्ड, 15 अक्टूबर है आखिरी तारीख

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like