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क्या सीएम रघुवर दास बांग्लादेश में जारी पीएम मोदी के उस फर्जी पत्र की पुष्टि कर रहे हैं, जिसका खंडन विदेश मंत्रालय ने किया है

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Surjit Singh

बांग्लादेश में पीएम मोदी का फर्जी पत्र वायरल

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बांग्लादेश में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक फर्जी पत्र वायरल है. जिसे अखबार, टीवी चैनल और सोशल मीडिया पर बढ़ावा दिया गया. नरेंद्र मोदी का फर्जी पत्र सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गगोई के नाम है. जिसमें लिखा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीफ जस्टिस रंजन गगोई को बधाई दी है. कहा है कि हिन्दु राष्ट्र के हित में फैसला सुनाने के लिए दुनिया भर के हिन्दु आपके आभारी रहेंगे.

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भारत सरकार के विदेश मंत्रालय का बयान

13 नवंबर 2019 की शाम 7.22 बजे बांग्लादेश में भारत सरकार के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल India  in Bangladesh ने एक प्रेस बयान ट्विट किया है. 14 नवंबर को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने उसे रीट्विट किया है. उसमें कहा गया है बांग्लादेश में वायरल पत्र को फर्जी बताते हुए कहा गया है कि हम उसकी निंदा करते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखा गया, जो पत्र बांग्लादेश में वायरल है, वह फर्जी है. यह भारत और बांग्लादेश के बीच अच्छे संबंधों में दरार डालने की कोशिश है. पत्र झूठा है और बुरी नीयत से फैलाया जा रहा है. यह बांग्लादेश के लोगों को बरगलाने के लिए चलाया जा रहा है.


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झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास का भाषण

13 नवंबर को ही झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पलामू में एक चुनावी सभा की. सभा में उन्होंने जो कहा, उसका वीडियो टीवी चैनल कशिश न्यूज के यू-ट्यूब चैनल पर उपलब्ध है. अपने भाषण कहाः आपने देखा ना. अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनेगा. वर्षों से कांग्रेसी लटका कर रखे थे कोर्ट में. लेकिन आप सबने 2019 में बहुमत की सरकार दी. मोदी जी के नेतृत्व में मजबूत सरकार. फैसला आया ना. 150 साल से कोर्ट में केस चल रहा था. ये कांग्रेसी लोग समय पर समय बढ़ाते जाओ.

56 ईंच के सीने का प्रधानमंत्री आया और देश की करोड़ों आस्था का राम मंदिर पर कहा कि कोर्ट इसपर निर्णय ले. सुप्रीम कोर्ट के सभी विद्वान न्यायधीशों का बहुत-बहुत आभार. और इस देश के, राज्य के मुसलमानों का बहुत-बहुत आभार, जो जजमेंट के आने के बाद भारत की एकता को दिखाने का काम किया. जहां रामलला जन्म लिया था, मंदिर वहीं बनेगा का सपना पूरा होने का काम मजबूत सरकार के कारण हुआ.

अब सवाल उठता है कि क्या झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास बांग्लादेश में वायरल उस पत्र की पुष्टि कर रहे हैं? जिसे भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने फर्जी करार दिया है. मुख्यमंत्री अपने भाषण में साफ-साफ कह रहे हैं कि 56 ईंच के सीने वाले नरेंद्र मोदी की मजबूत सरकार के कारण मंदिर बनाने का सपना पूरा हुआ.

जबकि फैसला आने के बाद प्रधानमंत्री ने भी देश के नाम अपने संदेश में साफ कहा कि अदालत के फैसले को हार-जीत के रुप में नहीं देखना चाहिए. प्रधानमंत्री ने भी फैसले का श्रेय अदालत को दिया. ना कि अपनी सरकार को. तो क्या झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, प्रधानमंत्री और भारत सरकार की विदेश नीति के खिलाफ भाषण दे रहे हैं. क्या रघुवर दास सुप्रीम कोर्ट के फैसले का फायदा विधानसभा चुनाव में उठाना चाह रहे हैं.

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