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JCECEB तय ही नहीं कर पा रहा इंजीनियरिंग काउंसलिंग शेड्यूल, जेईई मेन की रैंकिंग से होना है दाखिला

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Ranchi: जेईई मेन का रिजल्ट निकले महीना भर से अधिक हो गया है. जेईई मेन की रैंकिंग से होने वाले नामांकन के लिए सेंट्रल काउंसलिंग भी शुरू हो चुकी है.

इसके बाद भी अब तक झारखंड कंबाइंड एंट्रेंस कंपिटेटिव एग्जामिनेशन बोर्ड यह तय नहीं कर पा रहा है कि राज्य के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया कब से शुरू की जाये.

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गौर करने वाली बात यह है कि इसी साल से राज्य के इंजीनियरिंग संस्थानों में नामांकन जेईई मेन की रैंकिंग के आधार पर लिया जाना है.

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अधिकांश राज्यों की काउंसलिंग शुरू

काउंसलिंग प्रक्रिया के संबंध में करियर गाइडेंस के एक्सपर्ट अरविंद शाह बताते हैं कि झारखंड से बाहर जाने वाले स्टूडेंट्स ओडिशा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़, पंजाब व छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के इंजीनियरिंग संस्थानों को पहली प्राथमिकता देते हैं.

इन सभी राज्यों में नामांकन जेईई मेन की रैंकिंग से ही लिया जाता है. इन सभी राज्यों में काउंसलिंग की प्रक्रिया जून के पहले सप्ताह से ही प्रारंभ हो चुकी है.

किसी राज्य में दो चरण में तो किसी राज्य में तीन चरण में काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. छत्तीसगढ़ के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए राज्य के बाहर के स्टूडेंट के लिए 4 जून से ही प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

वहीं कर्नाटक में दाखिले के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग की जा रही है. इसका भी शेड्यूल जारी किया जा चुका है.

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न वेबसाइट पर जानकारी, न ही हेल्पलाइन नंबर से मिलती मदद

झारखंड कंबाइंड एंट्रेंस कंपिटेटिव एग्जामिनेशन बोर्ड का छात्रों के प्रति क्या रवैया है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार्यालय जाने के बाद भी कोई सही जानकारी देने वाला नहीं है.

कार्यालय की वेबसाइट देखते रहने या फिर हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर जानकारी देने की बात कही जाती है. आलम यह है कि न तो वेबसाइट पर कोई जानकारी है और न ही वेबसाइट पर दिया गया हेल्पलाइन नंबर काम करता है.

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वेबसाइट का काउंसलिंग कॉर्नर खाली पड़ा हुआ है. जबकि हेल्पलाइन नंबर पर जब भी बात करने की कोशिश करेंगे, वह स्वीच ऑफ ही बताता है.

तीन-तीन काउंसलिंग का छात्र कर रहे इंतजार

झारखंड कंबाइंड एंट्रेंस कंपिटेटिव एग्जामिनेशन बोर्ड के जिम्मे केवल इंजीनियरिंग की काउंसलिंग नहीं है. बोर्ड को एमबीबीएस में दाखिले के लिए मेडिकल काउंसलिंग करनी है. पॉलिटेक्निक कॉलेजों में दाखिले के लिए भी काउंसलिंग आयोजित करनी है. छात्र इन काउंसलिंग के शेड्यूल का भी इंतजार कर रहे हैं.

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