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JCNL में अब आउटसोर्सिंग के जरिये लिये जायेंगे पेशेवर

सरकार ने लिया फैसला, निकाला गया ऑनलाइन टेंडर, सीईओ और एक व्यक्ति के भरोसे अब तक चल रहा था काम

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Ranchi:  झारखंड कम्युनिकेशन नेटवर्क लिमिटेड (जेसीएनएल) में अब आउटसोर्सिंग से योग्य और दक्ष लोग लिये जायेंगे. राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है कि जेसीएनएल को ठीक तरीके से चलाने के लिए पेशेवरों को कांट्रैक्ट पर लिया जायेगा. सूचना तकनीक और ई-गवर्नेंस विभाग की तरफ से दो फरवरी 2019 को सरकार के ई-टेंडर पोर्टल पर इसके लिए योग्य कंपनियों से आवेदन मंगाये गये हैं. 21 फरवरी तक एचआर फर्म का चयन कर बाकी औपचारिकताएं पूरी की जायेंगी. निविदा की शर्तों में कहा गया है कि पहले चरण में 15 पेशेवर अलग-अलग क्षेत्रों से लिये जायेंगे. इसकी संख्या बढ़ भी सकती है.

28 जनवरी 2017 को हुआ था स्टेट पीएसयू जेसीएनएल का गठन

सूचना तकनीक और ई-गवर्नेंस विभाग के पीएसयू के रूप में जेसीएनएल की स्थापना 28 जनवरी 2017 को हुई थी. सरकार का मानना है कि अब जेसीएनएल में मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी और एक अन्य कर्मी के भरोसे काम नहीं चलनेवाला है. प्रोजेक्ट भवन के एक कमरे से संचालित जेसीएनएल का विस्तार करने की भी योजना तैयार की गयी है. इसलिए पेशेवरों की नियुक्ति तीन वर्ष के लिए कांट्रैक्ट आधार पर की जायेगी. जेसीएनएल की तरफ से भारत ब्राड बैंड नेटवर्क लिमिटेड के दूसरे चरण का काम कराया जायेगा. इसके लिए 400 करोड़ से अधिक की निविदा को अंतिम रूप दे दिया गया है. राज्य सरकार के पीएसयू की तरफ से देवघर जिले में कॉमन केबुल डक्ट बनाने का भी टेंडर निकाला गया है.

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सरकार का दावा ई-गवर्नेंस, जी2जी, जी2बी सेवाएं तेजी से बढ़ीं

राज्य सरकार का मानना है कि झारखंड में ई-गवर्नेंस का तेजी से विकास हो रहा है. यहां पर सरकार से सरकार (जी2जी), सरकार से बिजनेस (जी2बी) सेवाओं के अलावा ई-गवर्नेंस के एप्लीकेशन तेजी से बढ़ रहे हैं. जेसीएनएल की तरफ से झारखंड में भारतनेट के दूसरे चरण, सिटी वाई-फाई, उग्रवाद प्रभावित जिलों में वाई-फाई की सुविधा विकसित की जा रही है. इसको लेकर ही पेशेवरों की जरूरत है. जेसीएनएल के बढ़ते दायरे को देखते हुए मैनपावर एजेंसियों का चयन कर पेशेवर रखे जायेंगे. तीन वर्ष की अवधि के लिए यह सुविधा जेसीएनएल में बहाल रहेगी.

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