न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन : जानिये प्रांतीय अध्यक्ष और महामंत्री के बीच के विवाद की वजह

1,449

Ranchi : झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के कार्यालय में 27 सितंबर को पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष नरेंद्र कुमार और महामंत्री रमेश उरांव के बीच मारपीट की जो खबरें सामने आयी हैं.

इसे लेकर पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष नरेंद्र कुमार और पुलिस मेंस एसोसिएशन के द्वारा सोमवार को पत्र जारी किया गया. जिसमें मारपीट की खबर को निराधार और मात्र अफवाह बताया गया था. मगर जानिए क्यों हुई थी, नरेंद्र कुमार और रमेश उरांव के बीच मारपीट की घटना.

JMM

इसे भी पढ़ें –#SayNoToSingleUsePlastic : 2 अक्टूबर को सड़क से प्लास्टिक हटायेंगे झारखंड के IAS, बंटी सबकी ड्यूटी

जानिए क्यों हुई मारपीट की घटना

27 सितंबर को झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन द्वारा राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल जैप-4 बोकारो में नवगठित झारखंड में एसोसिएशन शाखा से संबंधी एक पत्र जैप-4 के कमांडेंट को लिखा गया था. इस मामले में जब सोमवार को झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के महामंत्री रमेश उरांव से बात की गई थी. तो उन्होंने बताया कि एसआइएसएफ को लेकर जैप-4 के कमांडेंट को एक पत्र भेजा गया था.

इसे भी पढ़ें – एक और बुरी खबर ! रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहाः भारतीय बैंकिंग सेक्टर सबसे असुरक्षित

जिसमें प्रांतीय अध्यक्ष नरेंद्र कुमार के द्वारा महामंत्री रमेश उरांव से किसी और पत्र पर हस्ताक्षर लिया गया और जैप कमांडेंट को कोई और पत्र भेज दिया गया. रमेश उरांव ने बताया कि हमने जिस पत्र पर हस्ताक्षर किया था, उसके पहले पन्ने को हटा दिया गया और उसमें अलग से दूसरा पन्ना जोड़ दिया गया. फिर उसे पत्र को जैप कमांडेंट को भेज दिया गया. इसी वजह से हमें गुस्सा आ गया और गुस्से में नरेंद्र कुमार के साथ बहुत बुरा हॉट टॉक हो गया और इसी दौरान दोनों के बीच नोकझोंक भी हुई.

झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन : जानिये प्रांतीय अध्यक्ष और महामंत्री के बीच के विवाद की वजह
भेजे गये पत्र का दूसरा पन्ना

हालांकि इसके बाद झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के द्वारा सोमवार की शाम पत्र जारी कर कहा गया कि नरेंद्र कुमार और रमेश उरांव के बीच किसी भी तरह की कोई मारपीट नहीं हुई है. यह खबर अफवाह और पूरी तरह से निराधार है. झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन की छवि को भी धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें – डर के बीच ईसाई समुदाय का देश के नाम खुला पत्र, कहा ‘मॉब लिंचिंग से आहत हैं अल्पसंख्यक’

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like