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गुमला, लोहरदगा व लातेहार में व्यवसायियों-ठेकेदारों के लिए खौफ बना JJMP, वसूल रहा सबसे ज्यादा लेवी

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Ranchi : लोहरदगा, गुमला व लातेहार जिले के व्यवसायियों और ठेकेदारों के लिए जेजेएमपी संगठन खौफ बना हुआ है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जेजेएमपी उग्रवादी संगठन अन्य उग्रवादी संगठनों की तुलना में सबसे अधिक लेवी वसूल रहे हैं.

पिछले साल जेजेएमपी के सुप्रीमो मंजीत साहू के आत्मसमर्पण करने के बाद इन तीनों जिले में जेजेएमपी की पकड़ थोड़ी कमजोर हुई थी. लेकिन एक बार फिर से जेजेएमपी उग्रवादी संगठन बड़े पैमाने पर व्यवसायियों और ठेकेदारों से लेवी वसूल रहे हैं. मंजीत साहू के बाद जेजेएमपी की कमान पप्पू लोहरा के हाथों में आ गयी है.

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कोयला कारोबारी से लेकर बॉक्साइट व्यवसायी से वसूल रहे लेवी

मिली जानकारी के अनुसार गुमला, लोहरदगा और लातेहार जिले में जेजेएमपी उग्रवादी संगठन जमीन कारोबारी, कोयला कारोबारी, बॉक्साइट व्यवसायियों के अलावा सरकार द्वारा संचालित विकास योजनाओं का काम करा रहे कंपनियों से भी लेवी वसूल रहे हैं. लेवी नहीं मिलने पर अपना वजूद स्थापित करने के लिए वाहनों में आगजनी. मारपीट, अपहरण और गोलीबारी जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं.

ट्रांसपोर्टर सोनू अग्रवाल से पप्पू लोहरा ने मांगी थी लेवी

जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के सुप्रीमो पप्पू लोहरा के द्वारा 9 अगस्त को बालाजी ट्रांसपोर्ट और रोडवेज के मालिक अमित अग्रवाल उर्फ सोनू अग्रवाल से फोन पर लेवी मांगी गयी थी. पप्पू लोहरा ने सोनी अग्रवाल को फोन पर कहा कि लेवी के रूप में जो रुपये मांगे गये हैं, उसे दो नहीं तो जान भी जा सकती है.

इतना ही नहीं पप्पू लोहरा ने मैसेज करके भी कहा कि पहले 16 वाहनों को आग के हवाले किया था, अब तेरे कंपनी के 16 आदमियों को मारेंगे. जिसके बाद बालाजी ट्रांसपोर्ट और रोडवेज के मालिक अमित अग्रवाल ने पुलिस उप महानिरीक्षक झारखंड, एडीजी स्पेशल ब्रांच, पुलिस अधीक्षक एनआइए, पुलिस अधीक्षक रांची और पुलिस अधीक्षक हजारीबाग को पूरी घटना की जानकारी दी. उन्होंने अपनी और अपनी कंपनी के कर्मचारियों की सुरक्षा की गुहार लगायी है.

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JJMP व उग्रवादी संगठनों के बीच बढ़ा है मनमुटाव

जेजेएएपी और अन्य उग्रवादी संगठनों के बीच मनमुटाव बढ़ता दिख रहा है. इसके सक्रिय कमांडर एक-दूसरे को झूठा बता कर उनकी पोल खोल रहे हैं. कुछ दिन पहले जेजेएमपी के लवलेश ने एक वीडियो जारी किया था ,जिसमें उन्‍होंने 21 जुलाई को बुलाये गये झारखंड बंद को फर्जी करार दिया था.

उसके बाद उसके जवाब में शशिकांत ने एक प्रेस रिलीज और ऑडियो जारी किया था. जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के उग्रवादी शशिकांत ने दावा किया कि मैंने संगठन में रहकर कोई व्यक्तिगत संपत्ति अर्जित नहीं की है. शशिकांत ने कहा था कि संगठन में रहकर कुछ साथियों ने सिद्धांतों के विरुद्ध चलकर लेवी के पैसे से अकूत संपत्ति अर्जित की है.

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2007 में हुआ था जेजेएमपी का गठन

भाकपा माओवादी के लिए काम करने वाले संजय यादव ने साल 2007-08 में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर संगठन छोड़ दिया और जेजेपीएपी का गठन किया. जिसके बाद जेजेएमपी संगठन लोहरदगा, लातेहार व गुमला जिलों के सीमा क्षेत्र में सक्रिय हो गया.

इस दौरान सुरेश यादव जैसे नक्सली भी माओवादियों से अलग होकर संगठन के साथ जुड़ गये थे. संजय यादव के बुलाने पर मंजीत साहू जेजेएमपी में शामिल हो गया था. संजय यादव की हत्या के बाद मंजीत साहू जेजेएमपी का सुप्रीमो बन गया. जिसके बाद पिछले साल मंजीत साहू के आत्मसमर्पण करने के बाद जेजेएमपी उग्रवादी संगठन की कमान पप्पू लोहरा के हाथों में आ गयी है.

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