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#Jmm: कोल्हान में विधायक चंपई सोरेन हेमंत से रूठे, तो कुणाल षाड़ंगी कर रहे हैं पार्टी छोड़ने की तैयारी

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Abinash Mishra

Jamshedpur: जेएमएम की कोल्हान में चुनावी तैयारियां जोरों पर हैं लेकिन पार्टी के दो नेता चंपई सोरेन और कुणाल षाड़ंगी के तेवर कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं. सरायकेला विधायक चंपई सोरेन इन दिनों पार्टी सुप्रीमो हेमंत सोरेन से खासे नाराज चल रहे हैं तो वहीं चर्चा इस बात को लेकर है कि कुणाल षाड़ंगी पार्टी छोड़ने का मूड बना चुके हैं.

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यही वजह है की जेएमएम की बदलाव यात्रा जब कोल्हान पहुंची तो हेमंत सोरेन के मौजूदगी के बावजूद दोनों नेता बदलाव यात्रा से गायब दिखे. दोनों की गैरमौजूदगी के चलते चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया.

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2019 के चुनाव से पहले जेएमएम के लिए ये अच्छी खबर नहीं है क्योंकि एक के पास सालों का अनुभव है तो दुसरा युवा है और पार्टी के अंदर सबसे ज्यादा शिक्षित भी. लिहाजा जेएमएम को जल्द डैमज कंट्रोल करना होगा ताकि सरकार बदलने की कोशिशों से पहले खुद जेएमएम ही बदलाव का शिकार न हो जाये.

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क्यों रुठे हैं चंपई सोरेन

कोल्हान टाईगर के नाम से जाने जानेवाले चंपई सोरेन की नाराजगी की वजह है कि 2019 संसदीय चुनाव में कोल्हान के सात नेताओं पर चंपई सोरेन ने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने उन्हें जिताने के बजाए हराने का काम किया.

हेमंत से लिखित शिकायत बाद भी पार्टी प्रमुख ने अब तक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की. शिबू सोरेन के करीबी चंपई सोरेन ने अपनी हार का ठीकरा सुनील महतो, आस्तिक महतो, मोहन कर्मकार, विधायक कुणाल षाड़ंगी, राजू गिरि, पूर्व जिला अध्यक्ष रोड़िया सोरेन के साथ मौजूदा जिला अध्यक्ष रामदास सोरेन पर फोड़ा था.

खबर ये है कि इस शिकायत पर हेमंत सोरेन ने चुप्पी साध ली है. यही वजह है की चंपई सोरेन बतौर विरोध पार्टी के कार्यक्रमों से दूरी बना रहे हैं. हालांकि विश्वस्त सूत्रों की मानें तो हेमंत सोरेन संसदीय चुनाव में चंपई सोरेन को मौका देकर गलती कर चुके हैं. और अब इन सातों पर कार्रवाई कर दूसरी गलती नहीं करना चाहते. क्योंकि सातों नेता पार्टी के लिए कोल्हान में दमखम के साथ काम कर रहे हैं.

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कुणाल पार्टी से अलग होने को तैयार

बहरागोड़ा विधायक कुणाल षाड़ंगी जेएमएम के नये जमाने के नेता माने जाते हैं, लेकिन कई दिनों से ये चर्चा तेज है कि कुणाल का पार्टी से मोह भंग हो चुका है और चुनाव से ठीक पहले वो बीजेपी में शामिल हो जायेंगे. कुणाल पार्टी के झंडे की जगह तिरंगा झंडा लगा कर क्षेत्र में घूम रहे हैं.

कुणाल ने पार्टी छोड़ बीजेपी ज्वाइन करने की खबर को खुद से और हवा दे दी जब 13 सितंबर को पार्टी की बदलाव रैली में वो शरीक नहीं हुए. क्योंकि एक दिन पहले यानी 12 सितंबर को कुणाल ने सीएम से मुलाकत की थी. माना ये जा रहा है कि उसी मुलाकात में सबकुछ फाइनल हो चुका है.

वहीं कुणाल को सही समय का इंतजार करने के लिए कहा गया है. कुणाल उस मुलाकात के बाद ऑनलाइन उद्घाटन और व्हीकल एक्ट के वापस लेने पर सीएम की जम कर ताऱीफ भी करते देखे गये हैं.

क्या कहना है चंपई और कुणाल का

एक तरफ चंपई सोरेन का कहना है कि उन्होंने हेमंत सोरेन को कोल्हाण की राजनीति की जानकारी दे दी है अब कोर कमेटी के फैसले का इंताजार कर रहे हैं. बहरागोड़ा विधायक कुणाल षाड़ंगी ने साफ तौर पर कहा है कि उनका पार्टी छोड़ने का कोई इरादा नहीं है. इस तरह की खबरें उन तक भी पहुंची हैं. लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है समय आने दीजीए हकीकत का पता सबको चल जायेगा.

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