न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

कालना की मसलीन साड़ी और स्टोल का लंदन व जापान में किया जा रहा है निर्यात

राज्य सरकार की पहल पर कादीपाड़ा में स्थापित किया गया है कलस्टर

1,824

Bardhman:   कालना में निर्मित मसलीन साड़ी राज्य के लघु उद्योग विभाग की पहल पर लंदन (ब्रिटेन) में निर्यात हो रही है. इसके साथ ही इसका निर्यात जापान में भी किया गया है. कालना में बेहतरीन मसलीन कपड़ा बनाया जाता है.

इसका सूता काफी सूक्ष्म और महीन होता है. इसकी कीमत 14  हजार रुपये से लेकर 44 हजार रुपये तक होती है. इसकी विशिष्टता है कि पूरी साड़ी आसानी से छोटी अंगूठी के अंदर से निकल जाती है. कालना थाना अंतर्गत कादीपाडा गांव में कई मसलीन कलाकार इसके निर्माण में लगे हैं.

JMM

इसे भी पढ़ेंः #GST फर्जीवाड़ाः दूसरे के पैन और आधार कार्ड से तीन करोड़ रुपये के GST की चोरी, गिरफ्तार, कई बड़े नामों का भी हो सकता है खुलासा

पिछले कई साल से  समूचे राज्य में यह साड़ी चर्चा के केंद्र में रही है. राज्य के लघु उद्योग विभाग के अधीन खादी परिषद है. इसकी सहायता से कादीपाड़ा में मसलिन तैयारी करने का क्लस्टर और उत्पादन केंद्र बनाया गया है.

खादी बोर्ड ने एक करोड़ रुपये का अनुदान दिया

कालना यूवार्स एंड आर्टिजन वेलफेयर सोसाइटी ने मसलीन कलाकारों को रोजगार के लिए बंगाल खादी बोर्ड के पास प्रस्ताव भेजा है. खादी बोर्ड ने एक करोड़ रुपये का अनुदान दिया, साथ ही खादी बोर्ड ने 10 तांत और 10 आधुनिक चरखा भी कलाकारों को दिया.

Related Posts

स्वास्थ्य बीमा के दायरे में हैं राज्य के 7.5 करोड़ लोग : ममता बनर्जी

आज इंटरनेशनल यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे है.  बंगाल में सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा मुफ्त है.

Bharat Electronics 10 Dec 2019

कलाकारों ने पूरे उत्साह से साड़ी और स्टोल बनाना शुरू किया है. कलाकार सुकुमार दास के निर्मित मसलीन और स्टोल लंजन और जापान भेजे गये हैं. खादी बोर्ड ने कालना में निर्मित नौ मसलीन साड़ी को लंदन में भेजा. 40 मसलीन स्टोल जापान को भेजा गया है.

इसे भी पढ़ेंः #BritishHighCourt का फैसला : पाक को नहीं, भारत को मिलेंगे बैंक में जमा #HyderabadNizam के अरबों रुपये  

मांग और बढ़ने की संभावना है

एक स्टोल का कीमत 4800 रुपये है. जबकि साड़ी की कीमत थोक में 24 हजार  रुपये है. कालना यूवार्स एंड आर्टीजनस वेलफेयर सोसाइटी के सचिव तपन मोदक ने बताया कि आनेवाले समय में इसकी मांग और बढ़ने की संभावना है.

लघु उद्योग मंत्री सपन देवनाथ ने गांव का दौरा किया. उन्हें बताया गया कि एक मसलीन साड़ी तैयार करने में तीन महीने का समय लगता है. नक्काशी अधिक होने पर उसकी कीमत 44 हजार रुपये तक पहुंच जाती है.

इसे भी पढ़ेंः बिजली उत्पादक कंपनियां बेहाल, वितरण कंपनियों पर बकाया पहुंचा 78,000 करोड़, #AdaniPower पर 3,794  करोड़ बकाया  

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like