न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

कर्नाटक का सियासी पारा चरम पर, विधानसभा स्थगित, अब सोमवार को फ्लोर टेस्ट

स्पीकर रमेश कुमार ने कांग्रेस-जेडीएस विधायकों की सोमवार या मंगलवार तक सदन की कार्यवाही स्थगित करने की मांग  ठुकरा दी.    

79

Bengaluru : कर्नाटक में  फ्लोर टेस्ट को लेकर सियासी हंगामा जारी है. आज  हो हंगामे के बीच  विधानसभा सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गयी.  विश्वासमत परीक्षण अब सोमवार  को होगा. हालांकि इससे पहले आज शुक्रवार को विधानसभा में बहस के क्रम में स्पीकर रमेश कुमार ने कांग्रेस-जेडीएस विधायकों की सोमवार या मंगलवार तक सदन की कार्यवाही स्थगित करने की मांग  ठुकरा दी थी .   स्पीकर ने कहा कि उन्हें दुनिया का सामना करना है.  वह चाहते हैं कि इस प्रक्रिया को आज ही समाप्त की जाये.  उधर भाजपा ने विश्वासमत परीक्षण की प्रक्रिया लंबा खींचे जाने पर असंतोष जताया .   भाजपा  नेता सुरेश कुमार ने कहा कि यदि कार्यवाही को लंबा खींचा जायेगा तो विश्वासमत की शुचिता समाप्त हो जायेगी.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शुक्रवार को ही सारी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाये.  वहीं, कांग्रेस-जेडीएस नेताओं ने सदन को अगले हफ्ते के सोमवार या मंगलवार तक स्थगित करने की मांग की तो स्पीकर ने साफ मना कर दिया.  कहा कि मुझे दुनिया का सामना करना है.

 इसे भी पढ़ेंः कर्नाटक : विधानसभा में सोये भाजपा विधायक सुबह चौंके, कर्नाटक के डेप्युटी सीएम सुबह नाश्ता-पानी लेकर पहुंचे

राज्यपाल का स्पीकर या सीएम को पत्र लिखना अवैध

Trade Friends

इसके बाद रमेश कुमार ने विश्वासमत परीक्षण की प्रक्रिया को जल्दी समाप्त करने की इच्छा जताई.  उन्होंने कहा कि मामले को लेकर विचार-विमर्श काफी हो चुका है.  मैं इसे आज ही समाप्त करना चाहता हूं.  जान लें कि  इससे पहले राज्यपाल ने स्पीकर को पत्र लिखकर गुरुवार को ही बहुमत परीक्षण कराने को कहा था.  राज्यपाल के निर्देश को दरकिनार करते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी थी.

कर्नाटक सरकार के आरडीपीआर मंत्री कृष्णा बायरेगौड़ा ने राज्यपाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को बहुमत साबित करने के लिए सिर्फ 15 घंटे का समय दिया था , जबकि भाजपा के लिए उन्होंने 15 दिनों की समय सीमा दी थी.  कहा कि राज्यपाल का स्पीकर या सीएम को पत्र लिखना अवैध है. यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है.

  राज्यपाल  डेडलाइन नहीं दे सकते

Related Posts

#Maharashtra: सरकार पर सस्पेंस के बीच शिवसेना का BJP पर वार, राउत बोले-हमें धोखा मिला

‘सामना’ के जरिये बीजेपी पर हमला, पूछा- एनडीए से निकालने वाले तुम कौन

कर्नाटक के डेप्युटी सीएम जी परमेश्वर ने कहा, हमने 2 प्रमुख मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.  पहला,  पार्टियों को अपने विधायकों को विप जारी करने का अधिकार है और इसे किसी भी कोर्ट द्वारा छीना नहीं जा सकता है.  दूसरा, जब सदन सत्र में होता है, तो राज्यपाल विश्वास मत के लिए गाइडलाइन या डेडलाइन जारी नहीं कर सकते.

जितना भी समय लगे, शांति से बैठेंगे :  येदियुरप्पा

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने विश्वासमत परीक्षण में  हो रही देर पर कहा कि अब जितना समय लगता है लगने दीजिए.  हमारे लोग देर रात तक शांति से बैठेंगे.  उन्होंने कहा, हम आपका सम्मान करते हैं, स्पीकर महोदय. राज्यपाल  के आखिरी पत्र में कहा गया था कि विश्वासमत आज पूरा होना चाहिए.  हमारी तरफ के लोग देर रात तक शांति से बैठेंगे.  इसमें जितना भी समय लगता है लगने दीजिए. कहा कि इसका यह मतलब भी होगा कि हम राज्यपाल के निर्देश का सम्मान कर सकते हैं.

 किसी भी विधायक ने संरक्षण देने के लिए मुझे पत्र नहीं दिया :  स्पीकर

स्पीकर केआर रमेश ने  सदन में कुछ सदस्यों की  गैरहाजिरी को लेकर कहा, मैं सुप्रीम कोर्ट, लोगों और सदन को सूचित करना चाहता हूं कि किसी भी विधायक ने संरक्षण देने के लिए मुझे पत्र नहीं दिया है, यदि उन्होंने इस संबंध में  सरकार को लिखा है तो भी मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है.  कुमार के अनुसार  यदि उन्होंने किसी भी सदस्य को सूचित किया है कि वे सुरक्षा की वजह से सदन में नहीं आ रहे हैं तो उनकी तरफ से लोगों को भ्रमित किया जा रहा है.

इसे भी पढ़ेंःडॉ प्रणब मुखर्जी ने कहा,  50 खरब डॉलर की इकोनॉमी की नींव कांग्रेस सरकारों ने डाली है

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like